महिला-जगत हर औरत से घबराने का क्या मतलब है?

हर औरत से घबराने का क्या मतलब है?

इक़बाल हिंदुस्तानी 0फारूक अब्दुल्ला और नरेश अग्रवाल अपने गिरेबान में भी झांके! केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला और सपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा है कि…

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विधि-कानून लोकशक्ति का पर्याय है, लोकपाल

लोकशक्ति का पर्याय है, लोकपाल

प्रमोद भार्गव आजादी के बाद जनांदोलनों से सत्ता परिवर्तन हुए हैं। अनेक क्षेत्रीय दलों ने संघर्ष से असितत्व कायम करके केंद्र व राज्य सत्ताएं भी…

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विविधा मेघालय के विकास में अवैध खनन की बाधकता

मेघालय के विकास में अवैध खनन की बाधकता

मेघालय 22 हज़ार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ एक छोटा राज्य है. सन 72 में दक्षिण असम के तीन मुख्य प्रान्तों खासी, गारो एवं जनिता…

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राजनीति ‘आप’ और केजरीवाल का भविष्य

‘आप’ और केजरीवाल का भविष्य

आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत ने राजनीति में प्रयोग और शुचिता की बहस को बढ़ा दिया है| ‘आप’ की जीत…

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गजल Default Post Thumbnail

अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता

अब किसी बात का भी अंदाज़ नहीं होता हर वक़्त एक सा तो मिज़ाज नहीं होता। हैरान होता है दरिया यह देख कर बहुत  क्यूँ…

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समाज समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ

समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ

राकेश कुमार आर्य प्राचीनता और नवीनता दो विरोधी धाराएं नही हैं। समाज की उन्नति के लिए इन दोनों का समन्वय बड़ा आवश्यक है। विज्ञान के…

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राजनीति एक पाती राहुल बबुआ के नाम

एक पाती राहुल बबुआ के नाम

      स्वस्ति श्री लिखीं चाचा बनारसी के तरफ़ से राहुल बबुआ को ढेर सारा प्यार, दुलार, चुम्मा। इहां हम राजी-खुशी हैं और उम्मीद…

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व्यंग्य व्यंग्य बाण : अथ श्री महा-गारत कथा

व्यंग्य बाण : अथ श्री महा-गारत कथा

पिछले कई दिन से शर्मा जी सुबह-शाम टहलने नहीं आ रहे थे। ठंड में बुजुर्गों को स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए कई तरह के सुझाव…

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विश्ववार्ता अमेरिका को पैगाम

अमेरिका को पैगाम

प्रमोद भार्गव                 अमेरिका के विरुद्ध भारत ने जिस तरह से आंखे तरेरी हैं, यह अनहोनी स्थिति हैरतअंगेज है। जिस भारत का राष्ट्रीय स्वाभिमान पूर्व…

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व्यंग्य भैया! पापुलर तो नेपाल वाले प्रचंड भी कम नहीं हुए थे!!

भैया! पापुलर तो नेपाल वाले प्रचंड भी कम नहीं हुए थे!!

झूठी उम्मीद, कोरा आश्वासन और दोषारोपण। गरीब देश हो अथवा  समाज या आदमी। इनकी जिंदगी नियति के इसी तिराहे पर भटकते हुए खत्म हो जाती है।…

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समाज अपराध जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

अपराध जगत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

  निर्मल रानी भारतवर्ष में महिलाओं को प्रायः अबला व बेचारी के रूप में देखा जाता है। महिला उत्पीडऩ की घटनाएं भी देश में प्रतिदिन कहीं…

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दोहे चुना आपने ‘आप’ को

चुना आपने ‘आप’ को

आम आदमी ने सुमन, काम किया है खास। खास आदमी को झटक, हिला दिया विश्वास।। दिल्ली की गद्दी मिले, हुआ अनैतिक मेल। देख सुमन गद्दी…

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