राजनीति अविश्वसनीय देश है चीन !

अविश्वसनीय देश है चीन !

सुनील कुमार महला हमेशा – हमेशा से चीन के भारत के प्रति इरादे कुछ ठीक नहीं रहे हैं। समय-समय पर चीन का असली चेहरा दुनिया…

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कविता मैंने ज़िंदगी से कुछ सीखा है

मैंने ज़िंदगी से कुछ सीखा है

मनीषा छिम्पालूणकरणसर, राजस्थानकुछ कहना था, पर चुप ही रहती हूँ,कुछ दबी सी ख्वाहिशें, दबे ही रहने देती हूँ,कुछ बेताबी हैं आज फिर कहीं इस दिल…

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कविता मेरी छोटी सी दुनिया

मेरी छोटी सी दुनिया

कुमारी मनीषासुराग, गरुड़उत्तराखंड छोटी सी है दुनिया मेरी,इसी में है ख़ुशियाँ मेरी,ढेर सारे दोस्तों की यारी,चमक रही है दुनिया मेरी,ना आने दूंगी पाबंदी इसमें,जैसा सोचा…

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कविता सोशल मीडिया दोस्त या दुश्मन?

सोशल मीडिया दोस्त या दुश्मन?

पूजा गोस्वामीरोलियाना, गरुड़उत्तराखंड आज के युग में तकनीक का दौर आया,बच्चों के दोस्त बच्चे नहीं फ़ोन बन गया,ये दोस्त इतना सच्चा और ईमानदार निकला,आठ महीने…

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लेख लोकमंगल की कामना की भाषा है हिन्दी

लोकमंगल की कामना की भाषा है हिन्दी

10 जनवरी विश्व हिन्दी दिवस विशेष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ भाषाएँ परस्पर संवाद और संचार की माध्यम होती हैं, जिनकी व्यापकता इस बात से सिद्ध होती है कि उनमें कितना…

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लेख नये चीनी वायरस से चिन्ता में डूबी दुनिया

नये चीनी वायरस से चिन्ता में डूबी दुनिया

-ललित गर्ग-मानव इतिहास की सबसे बड़ी एवं भयावह महामारी कोरोना को झेल चुकी दुनिया पर एक और नये चीनी वायरस ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के संक्रमण…

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कहानी छूत

छूत

डाक्टर के चले जाने के बाद आइशा ने एक लम्बा निःश्वास छोड़ा। वह उठी और इसी के साथ उसके टखने भी किट-किट बज उठे ।…

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राजनीति युद्ध एवं आतंक से झूलसी दुनिया में शांति का उजाला हो

युद्ध एवं आतंक से झूलसी दुनिया में शांति का उजाला हो

 -ललित गर्ग-नव वर्ष 2025 की शुरुआत दुनिया के लिए शांति, अमनचैन, अयुद्ध और समृद्धि का वर्ष बनने की कामना के साथ हुई लेकिन अमेरिका में…

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धर्म-अध्यात्म अदभुत है गुरु गोविंद सिंह की जन्म स्थली पटना साहिब का गुरुद्वारा!

अदभुत है गुरु गोविंद सिंह की जन्म स्थली पटना साहिब का गुरुद्वारा!

डा0श्रीगोपालनारसन एडवोकेट सिख धर्म के दसवें गुरु हुए गुरु गोविंद सिंह की जन्म स्थली बिहार की राजधानी पटना के बारे में कहा जाता है कि…

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लेख जब दिल्ली का निरंकुश राज हुआ

जब दिल्ली का निरंकुश राज हुआ

सिर औरंगजेब के ताज हुआहर तरफ ही क़त्ल-ओ-ग़ारत थीप्रजा दुःख दर्द से जब आर्त थीधर्म सुरक्षित ना नारी थीये जग वेदना भारी थीनहीं अत्याचार की…

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लेख डरावनी हवाई यात्राएं कैसे बनें सुगम 

डरावनी हवाई यात्राएं कैसे बनें सुगम 

डॉ0 रमेश ठाकुर एविएशन इंडस्ट्री के लिए वर्ष-2024 का गुजरा अंतिम महीना दिसंबर किसी बड़े सदमें से कम नहीं रहा। ऐसा जख्म देकर विदा हुआ,…

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खान-पान गोल्ड रूल अपनाएं, कोल्ड भगाएं!

गोल्ड रूल अपनाएं, कोल्ड भगाएं!

घनश्याम बादल दिसंबर चला गया है और जनवरी के साथ ही नया साल शुरू हो गया है।  नया साल इस बार अच्छी खासी सर्दियां लेकर…

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