कायदे आजम, वायदे आजम और फायदे आजम
Updated: April 22, 2013
राकेश कुमार आर्य 1947 में जब देश बंटवारे की तरफ बढ़ रहा था, तो उस समय देश के पांच बड़े नेताओं की मानसिकता कुछ इस…
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जिसकी बीवी मोटी उसका ही बड़ा नाम हैं…
Updated: April 22, 2013
भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी महिला सशक्तीकरण को लेकर महिलाएँ भले ही न चिन्तित हों, लेकिन पुरूषों का ध्यान इस तरफ कुछ ज्यादा होने लगा है। जिसे…
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कदम-कदम पर जंतर-मंतर और टोटके
Updated: April 22, 2013
सुरेश नीरव अंधविश्वास में अपना बड़ा ही हाईक्वालिटी का विश्वास है। क्योंकि अपनी नज़र में अंधविश्वास ही ऑरीजनल विश्वास है। बाकी सब बकवास है। मैं…
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रोटी का सम्मान
Updated: April 22, 2013
गोल गोल रोटी अलबेली कितनी प्यारी लगती है बिना शोरगुल किये बेचारी गर्म तवे पर सिकती है| त्याग और बलिदान देखिये कितना भारी रोटी का…
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दिल्ली रेप वालों की …
Updated: April 21, 2013
डरी और सहमी, दर्द से भरी, खुद को कोसती अब यही रह गई है,महिलाओं की पहचान। अब कहेंगे कि वो डरी सहमी क्यों है? उन्होंने…
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राहुल गांधी ख़ास से आम तक
Updated: April 21, 2013
राहुल सेंगर बात 10 साल पहले की है मैं उस वक़्त कक्षा 10 में हुआ करता था और लोकसभा चुनाव होंने वाले थे!उस समय इंडिया…
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अगला प्रधानमंत्री कौन …ये जनता को तय करने दो
Updated: April 21, 2013
विश्व मानचित्र में भौगोलिक रूप से भारत अन्य राष्ट्रों के समृद्ध भूभागों के सम्मुख – एक नितांत सापेक्ष्तः छोटा सा भूभाग है . रूस,अमेरिका दक्षिण…
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कच्चे आम का पन्ना
Updated: April 21, 2013
सामग्री– 1 कि.ग्रा कच्चे आम, 150 ग्राम चीनी, 1चम्मच ज़ीरा(भूनकर पीसा हुआ), काला नमक चुटकी भर,नमक स्वादानुसार, लालमिर्च पिसी आधा से एक चम्मच।पोदीना8-10 पत्तियाँ(वैकल्पिक) विधि–…
Read moreबैठ ट्रेन में गधेराम जी,
Updated: April 21, 2013
बैठ ट्रेन में गधेराम जी, निकले हैदराबाद को। उनका था संगीत समागम, आनेवाली रात को। किंतु बर्थ के ठीक सामने, एक आदमी बैठा था।…
Read moreश्रम करने पर रुपये मिलते
Updated: April 21, 2013
घर में रुपये नहीं हैं पापा, चलो कहीं से क्रय कर लायें। सौ रुपये कितने में मिलते, मंडी चलकर पता लगायें। यह तो पता…
Read moreमुनियाँ की बारात
Updated: April 21, 2013
हाथी, घोड़े, उल्लू तक थे मुनियाँ की बारात में भालू ,बंदर , शेर उचकते मुनियाँ की बारात में। शोर शराबा, ढोल ढमाका, आतिशबाजी फूट रही…
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परिचर्चा : सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों में भारतीय भाषा में न्याय पाने का हक
Updated: May 14, 2013
आजादी के बाद भी, जनता है परतंत्र! है कैसी ये आजादी, कैसा यह जनतंत्र? संविधान में यह प्रावधान है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च…
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