समाज कौन बिगाड़ रहा है समाज

कौन बिगाड़ रहा है समाज

राहुल सेंगर शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब अखबार और न्यूज़ चैनलों में दुष्कर्म या छेड़खानी की कोई घटना न हो !आखिर ऐसा क्यूँ…

Read more
कहानी झुन्ने और शन्नो

झुन्ने और शन्नो

                  बसंत उभार पर था|और जब‌ यह शहंशाह उभार पर होता है तो फिर क्या कहनें| जागते…

Read more
आर्थिकी Default Post Thumbnail

बैंकों के लिए फीकी पड़ती सोने की चमक

dबीते सालों में बैंकों ने बिजनेस बढ़ाने के लिए गोल्ड लोन को अपना हथियार बनाया था। मोटे तौर पर माना जाये तो वित्तीय वर्ष 2010-2011…

Read more
विश्ववार्ता उलटी पड़ गईं सब तदबीरें……

उलटी पड़ गईं सब तदबीरें……

तनवीर जाफ़री  पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ इस समय अपने ही देश में अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से रूबरू हैं। 2007…

Read more
टॉप स्टोरी सिर्फ पांच साल की उम्र में जिंदगी का सब से बडा दर्द

सिर्फ पांच साल की उम्र में जिंदगी का सब से बडा दर्द

 दमिनी के दर्द को अभी हम लोग सही तरह से भूले भी नही थे कि दिल्ली ने फिर से देश को एक ऐसा जख्म दे…

Read more
पर्व - त्यौहार मन्द मन्द मुस्कुराते दशरथ नंदन राम

मन्द मन्द मुस्कुराते दशरथ नंदन राम

राम नवमी पर विशेष- किसी विदेशी छात्र ने जापान के एक विद्यार्थी से पूछा-‘आप विश्व का सबसे बड़ा महापुरूष किसे मानते हैं?’ जापानी विद्यार्थी ने…

Read more
कविता वेदना ने स्पर्श  जब पाया तुम्हारा

वेदना ने स्पर्श जब पाया तुम्हारा

                           वेदना ने स्पर्श जब पाया तुम्हारा मेरी तंग  उदास  गलियों में बिछे…

Read more
आर्थिकी क्या हम आजाद है?

क्या हम आजाद है?

ईस्ट इंडिया कंपनी को चार्टर निर्गत होता है भारत के लियें। 20-20 साल के लिये इसे चार्टर (अधिकार पत्र) दिया जाता रहा। पहला चार्टर सन्…

Read more
विविधा संजय दत्त और छद्म धर्मनिरपेक्षता

संजय दत्त और छद्म धर्मनिरपेक्षता

बिपिन किशोर सिन्हा       कल्पना कीजिए कि संजय दत्त का नाम यदि शमीम हुसेन होता, पिता का नाम शाकिर हुसेन होता बहन का…

Read more
राजनीति कांग्रेस का नीतीश को आर्थिक झुनझुना

कांग्रेस का नीतीश को आर्थिक झुनझुना

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मोदी विरोध अब उनके पक्ष में जाता दिख रहा है। कांग्रेस को भी नीतीश में सहयोगी का भाव दिखने…

Read more
बच्चों का पन्ना होती व्यर्थ कपोल कल्पना

होती व्यर्थ कपोल कल्पना

एक दिन चाचा गधेराम ने, देखा सुंदर सपना| लेकर नभ में घूम रहे थे,उड़न खटोला अपना|| खच्चर दादा बैठ बगल में,गप्पें हांक रहे थे| रगड़…

Read more
आर्थिकी बड़ा और बेहाल  भारत – कैसे मिले  गरीबों को राहत ?

बड़ा और बेहाल भारत – कैसे मिले गरीबों को राहत ?

मिलन सिन्हा हाल ही में योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने देश में गरीबी 2% कम  होने की बात कही है । आप देश में कहीं …

Read more