जन-जागरण शिक्षा का आधा अधिकार

शिक्षा का आधा अधिकार

       ये ठीक है कि शिक्षा के अधिकार क़ानून-2009 के दबाव में ही सही मगर दिल्ली में 38 वर्ष पुरानी शिक्षा व्यवस्था में…

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कविता क्या होता है रमतूला

क्या होता है रमतूला

 प्रभुदयाल श्रीवास्तव मम्मी मुझको नहीं खेलने, देती है अब घर घूला| न ही मुझे बनाने देती ,गोबर मिट्टी का चूल्हा| गपई समुद्दर क्या होता है,नहीं…

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जरूर पढ़ें वाक विकार (Dyslexia)

वाक विकार (Dyslexia)

                                    वाक विकार (Dyslexia) एक प्रकार की सीखने…

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विश्ववार्ता मनमोहन सिंह क्यों मौन रहे चीन के सामनें?

मनमोहन सिंह क्यों मौन रहे चीन के सामनें?

सन्दर्भ: हाल ही में ब्रिक सम्मलेन में भारत-चीन नेतृत्व की बैठक.                       पिछले दिनों हमारें…

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विविधा अन्ना, केजरीवाल के एक पृष्ठ बाद!

अन्ना, केजरीवाल के एक पृष्ठ बाद!

भारत में बहुत से आन्दोलन हुये है। हाल के वर्षों में हुये आन्दोलनों में अन्ना-केजरीवाल आन्दोलन सबसे प्रबल और सशक्त रहा। इनका मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार…

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टॉप स्टोरी पक्षपातपूर्ण अदालती फैसलों की उम्मीद रखना कितना उचित?

पक्षपातपूर्ण अदालती फैसलों की उम्मीद रखना कितना उचित?

निर्मल रानी पिछले दिनों 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के कई आरोपियों को अदालत द्वारा सुनाई गई। इन सज़ा पाने वालों में…

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जन-जागरण भारत में कितने बंगलादेशी हैं ?– डा० कुलदीप चंद अग्निहोत्री

भारत में कितने बंगलादेशी हैं ?– डा० कुलदीप चंद अग्निहोत्री

भारत में बंगलादेशियों की संख्या कितनी है , यह प्रश्न सदा विवादास्पद रहा है । भारत सरकार के गृहमंत्री पी चिदम्वरम भी कहते रहते हैं…

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जरूर पढ़ें हिंदी (संस्कृत) ने दिया हमें श्रेष्ठत्व

हिंदी (संस्कृत) ने दिया हमें श्रेष्ठत्व

राकेश कुमार आर्य भाषा जितनी वैज्ञानिक होगी उसके बोलने वाले उतने ही वैज्ञानिक-ज्ञानवृद्घ-श्रेष्ठ-आर्य होंगे। हम भारतीयों के लिए आर्यावत्र्त कालीन समय में आर्य संबोधन था।…

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कविता .मैं उनसे होली खेलूं

.मैं उनसे होली खेलूं

होली का पावन त्यौहार, बरसे उमंगों की फौहार। मेरा मन कहता है, मैं किससे होली खेलूं।। क्या उनसे जो ऊपर से हंसते हैं, और भीतर…

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कविता वेदों का उपदेश यही

वेदों का उपदेश यही

क्या आज कोई जगाएगा सचमुच मेरे मन का फाग। और देगा मुझे वो परिवेश जिसे कहूं मैं निज सौभाग्य।। सचमुच मैं रूष्ट हूं, असंतुष्ट हूं…

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पर्व - त्यौहार होली का अर्थ और वैश्विक महत्व

होली का अर्थ और वैश्विक महत्व

वर्तमान सृष्टि संवत 1, 96, 08, 53, 113 का अंतिम पर्व होली देशवासियों के लिए मंगलमय हो। होली का ये पावन पर्व प्राचीन काल में…

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पर्व - त्यौहार होली आई रे….

होली आई रे….

 परमजीत कौर कलेर अगर हमारी जिन्दगी में रंग न होते तो हमारी जिन्दगी नीरस होती…रंग बिरंगे रंग ही हमारी जिन्दगी में नयापन , ताजगी ,…

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