राजनीति आ! तीसरा मोर नचा = तीसरा मोर्चा

आ! तीसरा मोर नचा = तीसरा मोर्चा

आ! तीसरा मोर नचा तीसरा= मोर्चा लोकतंत्र में प्रमुख रूप से सर्वदलीय व्यवस्था होती है। इसमें एक सत्तापक्ष होता है तो दूसरा विशेष पक्ष, अर्थात…

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राजनीति सिद्धांत, शिष्टाचार और अवसरवादी-राजनीति

सिद्धांत, शिष्टाचार और अवसरवादी-राजनीति

भारत की गठबन्धन-राजनीति के गलियारों मे अक्सर ‘गठबन्धन की मजबूरी’ का जुमला सुनने को मिल ही जाता हैं। इस जुमले का सहारा लेकर आये दिन…

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पर्यावरण उत्तराखण्ड  में  हाहाकार ..!.कौन है इसका जिम्मेदार  …? कौन सुनेगा पीड़ितों की पुकार …?

उत्तराखण्ड में हाहाकार ..!.कौन है इसका जिम्मेदार …? कौन सुनेगा पीड़ितों की पुकार …?

आदिकाल या पाषाण युग या हिमयुग से या सभ्यता के उदयकाल से ही जिसने-आग, हवा , पानी, आकाश और बुद्धि की प्रबलता को स्वीकार किया…

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जरूर पढ़ें प्रजा परिषद आन्दोलन के साठ साल और डा० मुखर्जी की शहादत

प्रजा परिषद आन्दोलन के साठ साल और डा० मुखर्जी की शहादत

आज जम्मू कश्मीर में प्रजा परिषद आन्दोलन के साठ साल पूरे हो गये हैं । इसी आन्दोलन में आज के ही दिन उस समय की…

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शख्सियत क्रान्तिकारी समाज सुधारक  जन-मन के कवि कबीर

क्रान्तिकारी समाज सुधारक जन-मन के कवि कबीर

भक्तिकाल के निर्गुण संत कवियों में कबीर का स्थान प्रमुख है। भक्ति को जन साधारण तक पहुंचाने और समाज को सन्मार्ग पर लाने में संत…

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गजल किसी को उस ने कबीरा बना दिया

किसी को उस ने कबीरा बना दिया

किसी को उस ने कबीरा बना दिया किसी को कृष्ण की मीरा बना दिया ! उसकी रहमतों का मै जिक्र क्या करूं मैं कांच का…

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कहानी “एक सौ नवासी का कफन”

“एक सौ नवासी का कफन”

जून का महीना था, सुबह के दस बजे होंगे| हवाओं मे इतनी गर्माहट थी मानो भट्टे से गर्म करके भेजी जा रही हो| खिड़की के…

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पर्यावरण आधुनिक विकास की देन है, देवभूमि आपदा

आधुनिक विकास की देन है, देवभूमि आपदा

भगवान भोले नाथ का गुस्सा,प्रतीक रूप में मौत के ताण्डव नृत्य में फूटता है। देवभूमि उत्तराखंड में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा को इसी गुस्से के…

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गजल आँसू को शबनम लिखते हैं

आँसू को शबनम लिखते हैं

जिसकी खातिर हम लिखते हैं वे कहते कि गम  लिखते हैं आस पास का हाल देखकर आँखें होतीं नम, लिखते हैं उदर की ज्वाला शांत हुई…

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पर्यावरण प्रकृति के प्रहार को जरा समझिए

प्रकृति के प्रहार को जरा समझिए

उत्तराखंड में कुदरत का कहर प्रकृति से खिलवाड़ का नतीजा है। वनों की अंधाधुंध कटाई और नदियों के कोख को लहूलुहान करने का घातक परिणाम…

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कविता कुत्तों को बिस्किट

कुत्तों को बिस्किट

खिलवाते कुत्तों को बिस्किट, लाखों भूखे सो जाते हैं | जनता के पैसे से नेता,  जीवन भर मौज उड़ाते  हैं | भारत में भूखे-नंगों को,…

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जरूर पढ़ें जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और विशेष दर्जे का प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और विशेष दर्जे का प्रश्न

जम्मू-कश्मीर की जब भी चर्चा होती है तो उसके साथ ही संघीय संविधान की एक अस्थाई धारा-370 की चर्चा अनिवार्य रूप से होती है। धारा-370…

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