विविधा फेसबुक और विचार

फेसबुक और विचार

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी फेसबुक लेखन को कचड़ा लेखन मानने वालों की संख्या काफी है। ऐसे भी सुधीजन हैं जो यह मानते हैं कि केजुअल लेखन के…

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शख्सियत किस प्रकार जी रहे थे*

किस प्रकार जी रहे थे*

शंख घोष वे कैसे जी रहे थे, नये समय के पाठक अब इसे सिर्फ उनकी कविता के जरिये जानेंगे। नये दिनों की कविता कैसी हो…

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कविता कविता – अवशेष

कविता – अवशेष

मोतीलाल आग जब सबकुछ जला देगी कुछ तिलिस्म जिंदगी भर के वास्ते धुंधला जाने के लिए उम्मीद को छोड़ कर कहीं से भी चलकर निरर्थक…

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कविता मानव हो मानव बने रहो

मानव हो मानव बने रहो

हर जड़ चेतन का उद्गम प्रकृति, हमने उसको भगवान कहा, तुमने उसको इस्लाम कहा या केश बांध ग्रंथ साब कहा, या फिर प्रभु यशु महान…

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आर्थिकी ‘गैर-बराबरी’ आखिर अर्थशास्त्र का मुद्दा बना

‘गैर-बराबरी’ आखिर अर्थशास्त्र का मुद्दा बना

 अरुण माहेश्वरी नवउदारवाद के लगभग चौथाई सदी के अनुभवों के बाद मुख्यधारा के राजनीतिक अर्थशास्त्र को बुद्ध के अभिनिष्क्रमण के ठीक पहले ‘दुख है’ के…

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महत्वपूर्ण लेख पतन की राह पर अग्रसर संघ (भाग एक)

पतन की राह पर अग्रसर संघ (भाग एक)

पवन कुमार अरविंद भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष नितिन गडकरी वर्ष 2009 में महाराष्ट्र की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति के फलक पर अचानक आ धमके। गडकरी…

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शख्सियत पंडित प्रेम नाथ डोगरा का पुण्य स्मरण—–

पंडित प्रेम नाथ डोगरा का पुण्य स्मरण—–

डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पंडित प्रेम नाथ डोगरा का जन्म २३ अक्तूबर १८८४ को हुआ था । उनकी मृत्यु २० मार्च १९७२ को हुई ।…

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राजनीति राजनीति को विकृत करते व्यक्तिगत आक्षेप

राजनीति को विकृत करते व्यक्तिगत आक्षेप

 सिद्धार्थ शंकर गौतम क्या व्यक्तिगत आक्षेपों से राजनीतिक हितों की पूर्ति होती है? इस विषय पर जनता के मत में अजीब सा विरोधाभाष दिखाई देता…

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गजल देर तक रोता कोई बच्चा हंसाकर देखना…..

देर तक रोता कोई बच्चा हंसाकर देखना…..

इक़बाल हिंदुस्तानी बाद में जिसका भी चाहो घर जलाकर देखना, पहले तुम छोटा सा खुद का घर बनाकर देखना।   ज़ेहन पायेगा सकूं और दिल…

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राजनीति राह से भटक गये हैं केजरीवाल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’

राह से भटक गये हैं केजरीवाल: सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’

अन्ना आंदोलन की उपज अरविंद केजरीवाल सत्ता के गलियारों में आज अपनी सशक्त उपस्थिती दर्ज करा चुके हैं । लगभग दो साल चला उनका ये…

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राजनीति चुनावों में जनहित के मुद्दों की जगह लेती अभद्र टिप्पणियां

चुनावों में जनहित के मुद्दों की जगह लेती अभद्र टिप्पणियां

निर्मल रानी गुजरात व हिमाचल प्रदेश राज्य जहां इस समय विधानसभा चुनावों से रूबरू हैं वहीं 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों की आहट भी…

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राजनीति नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… (भाग-3)

नरेन्द्र मोदी “प्रवृत्ति” का उदभव एवं विकास… (भाग-3)

सुरेश चिपलूनकर जैसा कि हमने पिछले भागों में देखा, “सेकुलरिज़्म” और “मुस्लिम वोट बैंक प्रेम” के नाम पर शाहबानो, महबूबा मुफ़्ती और मस्त गुल जैसे तीन…

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