विश्ववार्ता मलाला से हारता तालिबान

मलाला से हारता तालिबान

अरविंद जयतिलक (लेखक स्‍वतंत्र टिप्‍पणीकार हैं और देश के प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में समसामयिक मुद्दों पर इनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। प्रवक्‍ता डॉट कॉम पर…

Read more
राजनीति निराधार नहीं हैं, केजरीवाल के आरोप

निराधार नहीं हैं, केजरीवाल के आरोप

प्रमोद भार्गव सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के दिग्गज राजनेता और उनके वंशजों व रिशतेदारों पर लगाए आरोप निराधार अथवा बेबुनियाद नहीं हैं। आरोप कहीं न…

Read more
गजल खून ए दिल से तेरी तस्वीर बनाई जाये…..

खून ए दिल से तेरी तस्वीर बनाई जाये…..

इक़बाल हिंदुस्तानी जो भी कीमत हो उसकी वो चुकाई जाये, बात सच्ची हो तो बेख़ौफ़ उठाई जाये।   हम अमन के हैं पुजारी कोई बुज़दिल…

Read more
कहानी बग़ीचा (लघुकथा)

बग़ीचा (लघुकथा)

श्री भास्कर चतुर्वेदी को हमेशा से फूलों व फलों के बग़ीचों से बहुत लगाव था। सेवानिवृत्त होने के बाद उनका ये शौक जुनून बन गया…

Read more
टॉप स्टोरी तालिबानों पर होती लानतों की विश्वव्यापी बौछार

तालिबानों पर होती लानतों की विश्वव्यापी बौछार

तनवीर जाफ़री वैसे तो दुनिया के किसी भी देश में तालिबानों को समर्थन दिए जाने,उनके साथ सहयोग करने अथवा उनकी दरिंदगी की प्रशंसा करने की…

Read more
महत्वपूर्ण लेख संवाद करें और साथ चलें

संवाद करें और साथ चलें

संजीव कुमार सिन्हा सन् 2006 में मैं कंप्यूटर, कहते हैं आग और पहिया के बाद इसी ने मानव सभ्यता को बदलने में सबसे उल्लेखनीय भूमिका निभाई…

Read more
पर्व - त्यौहार आस्था के बाजार पर मिलावट खोरो का कब्ज़ा

आस्था के बाजार पर मिलावट खोरो का कब्ज़ा

शादाब जफर ‘‘शादाब’’ बहुत ही पुराना और मशहूर फिल्मी गीत ‘‘देख तेरे इन्सान की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया इन्सान’’ आज के…

Read more
कविता ईश्वर का अंश लिए आँखें चिड़िया की

ईश्वर का अंश लिए आँखें चिड़िया की

शहर से बड़ी दूर ढलती शाम में सचमुच ही कोलाहल जहां हो गया था निराकार और निर्विकार कहीं दूर दूर होती ध्वनियों पर बैठ जाया…

Read more
समाज आखिर कब रूकेगा बलात्कारों का यह अनवरत शर्मनाक सिलसिला?

आखिर कब रूकेगा बलात्कारों का यह अनवरत शर्मनाक सिलसिला?

 राजेश कश्यप हरियाणा में बलात्कारों का अंतहीन सिलसिला राष्ट्रीय सुर्खियों में है। इस शर्मनाक सिलसिले को रोकने के लिए दिए जा रहे सुझाव भी राष्ट्रीय…

Read more
समाज समय से पहले जवान हो गए हैं बच्चे

समय से पहले जवान हो गए हैं बच्चे

समय से पहले जवान हो गए हैं बच्चे  ध्यान न रखा तो जल्द ही हो जाएंगे बूढ़े डॉ. दीपक आचार्य इक्कीसवीं सदी का सबसे बड़ा…

Read more
राजनीति प्रश्न खडा करने वालों पर ही प्रश्नचिन्ह लगा देना

प्रश्न खडा करने वालों पर ही प्रश्नचिन्ह लगा देना

रामस्वरूप रावतसरे प्रश्न खडा करने वालों पर ही प्रश्नचिन्ह लगा देने की हमारी पुरानी आदत है । यही कुछ सरकार में बैठे लोग कर रहे…

Read more
राजनीति ”बहुत कठिन है, डगर पनघट की

”बहुत कठिन है, डगर पनघट की

 वीरेन्द्र सिंह परिहार अभी 15 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने जुलार्इ 2008 के ”वोट के बदले नोट मामले की जांच पुलिस को आगे…

Read more