विविधा बदहाल पाकिस्तान में जनक्रांति

बदहाल पाकिस्तान में जनक्रांति

तनवीर जाफ़री पाकिस्तान इस समय निश्चित रूप से अपने अस्तित्व को बचाने के लिए बुरी तरह से जूझ रहा है। पाकिस्तान को इस समय जहां…

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राजनीति कांग्रेस का चिंतनः बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से आये!

कांग्रेस का चिंतनः बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से आये!

इक़बाल हिंदुस्तानी मनमोहन, सोनिया और राहुल तीनों ही आम आदमी से दूर हैं? जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में इस बात पर चिंता जताई…

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खेत-खलिहान भगवान के डाकियों को लीलते कीटनाशक…

भगवान के डाकियों को लीलते कीटनाशक…

 आशीष वशिष्ठ बढ़ते कीटनाशको के उपयोग ने पक्षियों के जीवन को बहुत नुकसान पहुंचाया है. किसानों के मित्र समझे जाने वाले पक्षियों की प्रजातियों में…

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बच्चों का पन्ना सब ओलंपिक जीत लिये हैं

सब ओलंपिक जीत लिये हैं

मम्मी किसको डाले दाने, चिड़ियों के अब नहीं ठिकाने|   पितृ पक्ष में पापा कहते, कौये जाने कहां रमाने|   तरस गईं हैं कब से…

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उत्तर-आधुनिकयुगीन युवाओं की स्थिति पर -दोहे.

    Name: Shriram Tiwari   नव-युग के तरुणी -तरुण ,शिक्षित-सभ्य-जहीन। सिस्टम के पुर्जे बने, हो गए महज़ मशीन।।   अधुनातन साइंस का, भौतिक महाप्रयाण।…

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राजनीति कांग्रेस : चिंतन शिविर की चिंताएं ?

कांग्रेस : चिंतन शिविर की चिंताएं ?

प्रमोद भार्गव यह अच्छी बात है कि देश का सबसे बढ़ा और सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक दल जयपुर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में अपना…

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जरूर पढ़ें ”मुश्किल चौराहे पर खड़ा पाकिस्तान

”मुश्किल चौराहे पर खड़ा पाकिस्तान

 विजन कुमार पाण्डेय देश के अंदर हिंसा, फौज का सीमा पर भारत से तनाव, अदालत का सरकार से तनाव और कादरी की धूम। आम चुनाव…

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कविता चार राग

चार राग

भोर मे भैरवी के स्वर छिड़े हैं, इन्ही के साथ हम प्रभु से जुड़े हैं, संगीत साधना बनी आराधना , फिर कंहीं क्यों और करूँ…

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कविता मै और तुम

मै और तुम

मै और तुम और ये साथ, संजोये चल रहे हैं साथ साथ, अन्तर का ये अंतहीन सिलसिला, पर कोई जोड़ नहीं है बिन सिला। मै…

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राजनीति शहादत पर सियासत ठीक नहीं…

शहादत पर सियासत ठीक नहीं…

आशीष वशिष्ठ पाक सेना द्वारा दो भारतीय सैनिकों को बर्बरतापूर्वक मारने की घटना ने सेना सहित पूरे देश की जनता को हिला कर रख दिया…

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कविता मौन में पलने दो

मौन में पलने दो

तुम मेरे संतृप्त स्नेह की शिल्पकार जैसे  भी  चाहो  तराशो  इसको, नाम दो, आकार दो, ….. पर शब्द  न दो, कि शब्दों  में  छिपे होते हैं भ्रम अनेक, छंटता…

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महत्वपूर्ण लेख फिर तो मुश्किल हो जाएगा सीमाओं की निगरानी के लिए जवान ढुढ़ना !

फिर तो मुश्किल हो जाएगा सीमाओं की निगरानी के लिए जवान ढुढ़ना !

 सिद्धार्थ मिश्र ‘स्वतंत्र’ यार अपना भारत भी कमाल का देश का है । एक ओर जब पूरा देश दामिनी प्रकरण में उलझा था ठीक उसी…

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