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इंसां हो दरिंदों को ना फिर मात दीजिये….

इक़बाल हिंदुस्तानी आया है नया साल नई बात कीजिये, फिर जिं़दगी की नई शुरूआत कीजिये।   ग़म की सियाह रातों से बाहर तो आइये, खु़शियों…

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आंखें तो उनके पास हैं लेकिन नज़र नहीं….

इक़बाल हिंदुस्तानी कैसे वतन जला उन्हें आता नज़र कहीं, आंखें तो उनके पास हैं लेकिन नज़र नहीं।   ज़ालिम है कौन हमको भी यह खूब…

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बच्चों का पन्ना आसमान में छेद कराते दादाजी

आसमान में छेद कराते दादाजी

कड़क चाय मुझको पिलवाते दादाजी| काजू या बादाम खिलाते दादाजी|   थाली में भर भर कर चंदा की किरणे, मुझे चांदनी में नहलाते दादाजी|  …

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बच्चों का पन्ना दादी बोली

दादी बोली

जितनी ज्यादा बूढ़ी दादी, दादा उससे ज्यादा| दादी कहती ‘मैं’ शहजादी, और दादा शह्जादा| दादी का यह गणित, नातियों पोतों को न भाता| बूढ़े लोगों…

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बच्चों का पन्ना चूहों की चतुराई

चूहों की चतुराई

देखे जब दो दर्जन चूहे, कंडेक्टर घबराया| सारे थे बस में सवार, पर टिकिट एक कटवाया|   बोला दो दर्जन हो तुम सब, सबको टिकिट…

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कला-संस्कृति कुम्भ पर्व का आगाज, मध्य रात्रि के बाद शुरू हुआ मकर संक्रान्ति का स्नान

कुम्भ पर्व का आगाज, मध्य रात्रि के बाद शुरू हुआ मकर संक्रान्ति का स्नान

अवनीश सिंह माघ मकरगत रवि जब होइ, तीरथ पतिहिः आव सब कोइ। सोमवार को मध्य रात्रि के बाद तीर्थराज प्रयाग में पवित्र संगम के किनारे…

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व्यंग्य गुड बाय! टेक केयर!!

गुड बाय! टेक केयर!!

सुबह सुबह फिटनेस के बहाने सरोजनी नगर की पटड़ी पर ताक झांक करने निकला था कि डिपो के पास के मंदिर के बाहर समान बांधे…

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पर्व - त्यौहार सामाजिक उल्लास का पर्व पोंगल

सामाजिक उल्लास का पर्व पोंगल

लोक, परिवेश और प्रकृति भी नहाती है उत्सवी धाराओं में अनिता महेचा उत्सव प्रियाः मानवाः यानि मानव उत्सव प्रिय होते हैं। महाकवि कालिदास का यह…

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राजनीति भूतपूर्व लौहपुरुष के तेवर हो गए लाल

भूतपूर्व लौहपुरुष के तेवर हो गए लाल

निरंजन परिहार बीजेपी में हड़कंप है। लालकृष्ण आडवाणी अड़ गए हैं। नितिन गड़करी नहीं चलेंगे। संघ परिवार बहुत कोशिश कर रहा है। कोशिश यह कि…

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कविता वियोग –  विजय निकोर

वियोग – विजय निकोर

सोचता हूँ, चबूतरे पर बैठी अभी भी क्रोशिए से तुम कोई नाम बुनती हो क्या ? ….इसका मतलब ?   तो, “क्या” नाम बुनती होगी…

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टॉप स्टोरी ‘भागवत पुराण’: निगाहें कहीं पर, निशाना कहीं

‘भागवत पुराण’: निगाहें कहीं पर, निशाना कहीं

तनवीर जाफ़री राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने महिलाओं के साथ होने वाले दुराचार व बलात्कार के परिपेक्ष्य में पिछले दिनों अपनी यह…

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आलोचना हिन्दी के मार्क्सवादी आलोचक औैर बुद्धिजीवी

हिन्दी के मार्क्सवादी आलोचक औैर बुद्धिजीवी

पाण्डेय शशिभूषण ‘शीतांशु’  हिन्दी में मार्क्सवादी आलोचकों ने पिछले पचास वर्षों में साहित्य की भावनक्षमता और पाठकीय संवेदनशीलता को कुंठित-अवरोधित ही किया है। इन सब…

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