विविधा ये है दिल्ली मेरी जान

ये है दिल्ली मेरी जान

लिमटी खरे  राबर्ट की जमानत पर छूटे सलमान विकलांग बच्चों के खाते की मद के पैसों का घालमेल करने के आरोपी केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद…

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महत्वपूर्ण लेख तमिल और संस्कृत का अंतःसंबंध – वर्तमान के परिप्रेक्ष्य में

तमिल और संस्कृत का अंतःसंबंध – वर्तमान के परिप्रेक्ष्य में

डॉ. प्रतिभा सक्‍सेना तमिल भाषा के प्रथम व्याकरण की रचना वैदिक काल के अगस्त्य मुनि ने की थी, जो उन्हीं के नाम से अगस्त्य व्याकरण…

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राजनीति सिंगूरग्रंथि और ममता की चौदह घंटे की चुप्पी

सिंगूरग्रंथि और ममता की चौदह घंटे की चुप्पी

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी सिंगूर–माकपा-मीडिया-पूंजीपतिग्रंथि ने पश्चिम बंगाल को पंगु बना दिया है। कमोबेश सब इसकी गिरफ्त में हैं। राज्य के विकास और सांस्कृतिक उन्नयन के लिए…

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राजनीति भाजपा को अकेले ही चलना होगा

भाजपा को अकेले ही चलना होगा

सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ भाजपा की वर्तमान दशा को देखते हुए रविन्द्र नाथ टैगोर का एक गीत याद आ गया ।‘जोद़ी तोर डाक शुने कोई ना अशे…

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राजनीति गडकरी के भ्रष्टाचार ने भाजपा का चेहरा बदला

गडकरी के भ्रष्टाचार ने भाजपा का चेहरा बदला

क्या भारतीय जनता पार्टी का कांग्रेस में विलय कर देना चाहिए? दरअसल यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि देश में भ्रष्टाचार को लेकर…

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महत्वपूर्ण लेख ”मम नाम अंकिता” संस्कृत शिक्षा का प्रभाव

”मम नाम अंकिता” संस्कृत शिक्षा का प्रभाव

 डॉ. मधुसूदन (१) ”मम नाम अंकिता” कल्पना कीजिए एक छोटी ७ वर्षीय बालिका अपनी शाला में जाकर अपनी सहेलियों से पूरे गौर गरिमा के साथ,…

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पर्व - त्यौहार करवा चौथ

करवा चौथ

 परमजीत कलेर भारत मेलों और त्यौहारों की धरती है …नए साल की शुरूआत क्या होती है…..शुरू हो जाता है त्यौहार मनाने का सिलसिला …साल में…

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राजनीति क्या यह शिवसेना के अवसान का वक़्त है..?

क्या यह शिवसेना के अवसान का वक़्त है..?

महाराष्ट्र में नए राजनीतिक समीकरणों की आहट सुनाई देने लगी है। खासकर राज्य में सशक्त क्षेत्रीय पार्टी के रूप में स्थापित शिव सेना को लेकर…

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व्यंग्य जय हो बाजार की!

जय हो बाजार की!

डिस्काउंटों से भरे बाजारों , अखबारों में अखबारों से बड़े छपे विज्ञापनों को देख अब मुझे भीतर ही भीतर अहसास हो गया है कि हे…

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आर्थिकी औधोगिक चिंता बनाम भूमि अधिग्रहण

औधोगिक चिंता बनाम भूमि अधिग्रहण

प्रमोद भार्गव औधोगिक घरानों के व्यावसायिक हितों के लिए नए भूमि अधिग्रहण कानून के प्रारूप में एक बार फिर खेती किसानी से जुड़े लोगों के…

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समाज दारुल उलूम का फतवा स्थापित कर सकता है सौहाद्र का नया इतिहास

दारुल उलूम का फतवा स्थापित कर सकता है सौहाद्र का नया इतिहास

प्रवीण गुगनानी भारतीय मुसलमानों को छोड़ना चाहिए अंग्रेजों की दी हुई गौमांस की कुटेव गौवंश वध हमारें विशाल लोकतान्त्रिक देश भारत के लिए अब एक…

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टॉप स्टोरी नौकरी के नौ सिद्धान्त – अशोक खेमका के नाम एक खुला पत्र

नौकरी के नौ सिद्धान्त – अशोक खेमका के नाम एक खुला पत्र

विपिन किशोर सिन्हा प्रिय खेमका जी, हमेशा खुश रहिए। दिनांक १६ अक्टुबर के पहले न मैं आपको जानता था और न आप मुझे। लेकिन अब…

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