विविधा क्या कारगर होगा जमीन के हक में समझौता?

क्या कारगर होगा जमीन के हक में समझौता?

संदर्भ:- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का सत्याग्रह के साथ करार। प्रमोद भार्गव महात्मा गांधी ने कहा था कि जब राज्य की शक्तियां देश…

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कविता शब्दों पर क्यों नहीं उगाए पुष्पों के पौधे?

शब्दों पर क्यों नहीं उगाए पुष्पों के पौधे?

प्रवीण गुगनानी मेरा रोम रोम ही तो कह रहा था तुम्हीं ने नहीं सुना. न सुना और न महसूसा कि कहीं कुछ घट रहा है…

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राजनीति मौन मोहन सिंह का मौन भंग

मौन मोहन सिंह का मौन भंग

विजय कुमार शर्मा जी कल बहुत दिन बाद मिले, तो चेहरा ऐसा लग रहा था मानो साठ वाट के बल्ब में सौ वाट की चमक…

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राजनीति राजनीति में स्त्री दिलचस्पी की कमी – सारदा बनर्जी

राजनीति में स्त्री दिलचस्पी की कमी – सारदा बनर्जी

आम तौर पर देखा गया है कि स्त्रियों में राजनीति के प्रति दिलचस्पी बेहद कम होती है। स्त्रियां राजनीति पर बात करना, चर्चा या आलोचना…

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विविधा भ्रष्टाचार के खिलाफ मुंह बंद रखें!

भ्रष्टाचार के खिलाफ मुंह बंद रखें!

देशभक्त, जागरूक और सतर्क लोगों को इस बात पर गम्भीरतापूर्वक विचार करना होगा कि भ्रष्ट जन राजनेताओं से कहीं अधिक भ्रष्ट, देश की अफसरशाही है…

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कविता वो चला आएगा

वो चला आएगा

 मन से पुकारो, वो चला आयेगा। राह में कोई मिल जायेगा, जब वो उजाले मे ले जायेगा, तब सब साफ़ नज़र आयेगा। पहचानो, भगवान नज़र…

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पर्यावरण संकट में हैं काजीरंगा के गैंडे

संकट में हैं काजीरंगा के गैंडे

संदर्भ:- काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 39 गैंडों का शिकार प्रमोद भार्गव विश्वविख्यात काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के एक सींग वाले गैंडों पर बंगलादेश से आए अवैध…

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टेक्नोलॉजी इंटरनेट आरटीआई का दिल

इंटरनेट आरटीआई का दिल

12 अक्टूबर सूचना का अधिकार दिवस पर विशेष सरमन नगेले भारत की सक्षमता के लिये आरटीआई और सबके लिये आरटीआई। मीडिया आरटीआई को प्रोत्साहित करे…

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विविधा कभी कोशिश न करें नासमझों को समझने की

कभी कोशिश न करें नासमझों को समझने की

डॉ. दीपक आचार्य  दुनिया में कई प्राणी ऐसे होते हैं जिन्हें समझ पाना आम आदमी के बूते में नहीं होता। इनके बारे में यह भी…

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मीडिया विज्ञापन जुटाने का मस्त ‘अभियान’

विज्ञापन जुटाने का मस्त ‘अभियान’

लीना बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की राज्य सरकार की केंद्र से मांग और उससे जुड़ा अभियान- इनका राजनीतिक तौर पर क्या औचित्य…

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कविता कविता- सारा जहाँ हमारा है….

कविता- सारा जहाँ हमारा है….

[1] डेंगू -मलेरिया-स्वाइन फ्लू का बुखार , अस्पतालों में अव्यवस्था बेशुमार! महंगी दवाईयाँ, महँगे टेस्ट,महँगी फीस, आम आदमी होता इलाज़ को लाचार!! निजी अस्पतालों में…

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गजल आदमी की जान लेना भी तो कारोबार है…..

आदमी की जान लेना भी तो कारोबार है…..

इक़बाल हिंदुस्तानी 0देश उनकी गोद में जाने को अब तैयार है, राजनीति जिनकी ख़ानाजंगी का आधार है।   0ताक़तों दौलत के बल पर छिन रही…

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