आखिर नरेंद्र मोदी का कसूर क्या है?
Updated: August 6, 2012
राजीव गुप्ता भारत एक लोकतांत्रिक देश है ! अतः संविधान ने भारत की जनता को स्वतंत्र रूप से अपना प्रधान चुनने की व्यवस्था दी है…
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बाबा का आवाहन : मेरी मां शेरों वाली है
Updated: August 3, 2012
राकेश कुमार आर्य अहिंसावादी समाज की स्थापना के लिए तथा समाज के शांतिप्रिय लोगों के अधिकारों की सुरक्षार्थ भारत सदा से ही शास्त्र के साथ…
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रोको: किस ओर जा रहा है आदमी
Updated: August 4, 2012
राकेश कुमार आर्या अलीगढ़ के डॉ. नजमुद्दीन अंसारी और उनके कुछ जागरूक मुस्लिम साथियों ने देश में गोवध और दुधारू पशुओं को काटकर विदेशों में…
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व्यंग्य: गधों ने घास खाना बन्द कर दिया है
Updated: August 3, 2012
रामस्वरूप रावतसरे शिक्षा ही अवसरवादी हो गर्इ है । मैं अपने घर में बैठा था कि हमारे घर के तथा कथित नीति निर्धारक चाचा चतरू…
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असम : दंगों की वजह घुसपैठ
Updated: August 2, 2012
प्रमोद भार्गव असम में बड़े पैमाने पर हुए दंगों की वजह साफ हो रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों ने सीमावर्ती जिलों में आबादी के घनत्व का…
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नक्सलों और आदिवासियों में फर्क कीजिए
Updated: August 2, 2012
प्रभात कुमार रॉय नक्सलवाद अथवा माओवाद के विषय में प्रायः कोई राष्ट्रीय विचार विमर्श तभी होता है, जबकि कोई भयानक खूंरेज घटना अंजाम दे दी…
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गठबंधन में लेन-देन
Updated: August 2, 2012
प्रमोद भार्गव संदर्भ – कांग्रेस से राकांपा की नाराजगी । कांग्रेस बनाम राष्टीय कांग्रेस पार्टी के शरद पवार की रहस्यमय नूरा कुश्ती का अखिरकार सुखद…
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गजल:पालने से लेकर कांधों तक
Updated: August 2, 2012
सुजीत द्विवेदी पालने से लेकर कांधों तक कांपती है ज़िन्दगी, महज़ वक़्त के इशारों पर नाचती है ज़िन्दगी|| मन हुआ पागल क़ि ना जाना…
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अंधेरे में आधा भारत
Updated: August 1, 2012
संजय स्वदेश जुलाई के अंतिम दो दिन बिजली ने आधे भारत को गच्चा दे दिया। शहरी जिंदगी में हाहाकार मच गया। मतलब बिन बिजली सब…
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अशोक गहलोत की मोदी से तुलना?
Updated: August 1, 2012
तेजवानी गिरधर हाल ही अजमेर कलेक्ट्रेट की मस्जिद में लगाए गए जिस पर्चे की वजह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का अजमेर दौरा अचानक रद्द होने…
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रिटायरमेंट के बाद
Updated: August 1, 2012
रिटायरमेंट के बाद ही होता है नौकरशाहों का असली मूल्यांकन डॉ. दीपक आचार्य समूची व्यवस्था में तरह-तरह के बाड़े हैं जिनमें घुसे हुए लोग कभी…
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राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त(जन्मदिवस पर )
Updated: August 1, 2012
बीनू भटनागर मैथिली शरण गुप्त उन पहले कवियों मे से थे जिन्होने खड़ी बोली को काव्य के लियें उपयुक्त माना। 1910 मे सरस्वती पत्रिका मे…
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