कविता कविता:काश मै खुदा होता

कविता:काश मै खुदा होता

 पियूष द्विवेदी बहुत जलन होती है, आकाश में इतराते हुए, अपनी पाँखे फैलाके, उड़ती चिड़िया को देखकर | नहीं सह पाता हूँ, उसके पाँखों को,…

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चिंतन थोड़ा दूसरों के लिये भी सोचें

थोड़ा दूसरों के लिये भी सोचें

रामस्वरूप रावतसरे नरेंद्रनाथ ने रामकृष्ण देव से कहा – ठाकुर ! मुझे एकांत में समाधि लगानी है । मुझे ऐसा करने में बहुत आन्नद आता…

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प्रवक्ता न्यूज़ कितनी छुट्टियां मनाएंगे हम ?

कितनी छुट्टियां मनाएंगे हम ?

विजय कुमार भारत की अनेक विशेषताएं हैं, जो इसे दुनिया के अन्य देशों से बिल्कुल अलग खड़ा कर देती हैं। इनमें से एक है सरकारी…

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राजनीति धरातल के आईने में टीम अन्ना का ‘चुनावी बिगुल’

धरातल के आईने में टीम अन्ना का ‘चुनावी बिगुल’

तनवीर जाफरी टीम अन्ना द्वारा छेड़ी गई भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम अपने निर्णायक दौर से गुज़रती नज़र आ रही है। गत् 2 अगस्त(बृहस्पतिवार) अर्थात् अन्ना हज़ारे…

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महत्वपूर्ण लेख अरविंद केजरीवाल का ‘स्वराज’

अरविंद केजरीवाल का ‘स्वराज’

आर. सिंह अन्ना हज़ारे ने इस पुस्तक के मुख्य आवरण पृष्ठ पर लिखा है, “यह किताब व्यवस्था-परिवर्तन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारे आंदोलन का घोषणा…

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जन-जागरण अन्ना के समर्थकों के समक्ष निराशा का आसन्न संकट?

अन्ना के समर्थकों के समक्ष निराशा का आसन्न संकट?

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ आखिरकार अन्ना ने सत्ता के बजाय व्यवस्था को बदलने के लिये कार्य करने की सोच को स्वीकार कर ही लिया है।…

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समाज स्त्रियों का आदर करें

स्त्रियों का आदर करें

डॉ. दीपक आचार्य आधे आसमाँ को दें पूरा सम्मान स्त्रियों का आदर करें मनुष्य के जीवन में सफलता के लिए पुरुष और प्रकृति का पारस्परिक…

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राजनीति सिर्फ नक्सल ही समस्या नहीं है

सिर्फ नक्सल ही समस्या नहीं है

शम्स तमन्ना देश के कुछ राज्य ऐसे हैं जिनके बारे में आप आम आदमी से भी पूछिए तो वह किसी मंझे हुए राजनीतिज्ञ की तरह…

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खेत-खलिहान कृषि जागरूकता की अधूरी पहल

कृषि जागरूकता की अधूरी पहल

सतीश कुमार यादव इस साल मौसम की बेरूखी ने जितना किसानों को प्रभावित किया है उससे कहीं अधिक सरकार चिंतित है। अब तक 20 फीसदी…

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विविधा और भी हैं बदनसीब जफ़र दफ्न के लिए

और भी हैं बदनसीब जफ़र दफ्न के लिए

आशुतोष शर्मा अपने देश से मुहब्बत इंसान की प्राकृतिक देन है। हजारों मील दूर रहने के बावजूद वह जन्मभूमि को चाहकर भी भूल नहीं पाता…

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समाज घटते सामाजिक मूल्यों के जिम्मेदार हम तो नही?

घटते सामाजिक मूल्यों के जिम्मेदार हम तो नही?

रामस्वरूप रावतसरे हमारा संस्कार युक्त भारतीय समाज अपराधवृति प्रकार हो गया है । जिस किसी की भी बात सुनों वह अपराध की ही बात करेगा।…

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राजनीति अन्ना आंदोलन : श्राद्ध अभी बाकी है मेरे दोस्त!

अन्ना आंदोलन : श्राद्ध अभी बाकी है मेरे दोस्त!

जगमोहन फुटेला देहात की एक पुरानी कहावत है कि किसी से बदला लेना हो तो उस के बेटे को कार ले के दे दो. पहले…

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