विविधा और भी हैं बदनसीब जफ़र दफ्न के लिए

और भी हैं बदनसीब जफ़र दफ्न के लिए

आशुतोष शर्मा अपने देश से मुहब्बत इंसान की प्राकृतिक देन है। हजारों मील दूर रहने के बावजूद वह जन्मभूमि को चाहकर भी भूल नहीं पाता…

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समाज घटते सामाजिक मूल्यों के जिम्मेदार हम तो नही?

घटते सामाजिक मूल्यों के जिम्मेदार हम तो नही?

रामस्वरूप रावतसरे हमारा संस्कार युक्त भारतीय समाज अपराधवृति प्रकार हो गया है । जिस किसी की भी बात सुनों वह अपराध की ही बात करेगा।…

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राजनीति अन्ना आंदोलन : श्राद्ध अभी बाकी है मेरे दोस्त!

अन्ना आंदोलन : श्राद्ध अभी बाकी है मेरे दोस्त!

जगमोहन फुटेला देहात की एक पुरानी कहावत है कि किसी से बदला लेना हो तो उस के बेटे को कार ले के दे दो. पहले…

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महत्वपूर्ण लेख आखिर नरेंद्र मोदी का कसूर क्या है?

आखिर नरेंद्र मोदी का कसूर क्या है?

  राजीव गुप्ता भारत एक लोकतांत्रिक देश है ! अतः संविधान ने भारत की जनता को स्वतंत्र रूप से अपना प्रधान चुनने की व्यवस्था दी है…

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राजनीति बाबा का आवाहन : मेरी मां शेरों वाली है

बाबा का आवाहन : मेरी मां शेरों वाली है

राकेश कुमार आर्य अहिंसावादी समाज की स्थापना के लिए तथा समाज के शांतिप्रिय लोगों के अधिकारों की सुरक्षार्थ भारत सदा से ही शास्त्र के साथ…

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समाज रोको: किस ओर जा रहा है आदमी

रोको: किस ओर जा रहा है आदमी

राकेश कुमार आर्या अलीगढ़ के डॉ. नजमुद्दीन अंसारी और उनके कुछ जागरूक मुस्लिम साथियों ने देश में गोवध और दुधारू पशुओं को काटकर विदेशों में…

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व्यंग्य व्यंग्य: गधों ने घास खाना बन्द कर दिया है

व्यंग्य: गधों ने घास खाना बन्द कर दिया है

रामस्वरूप रावतसरे शिक्षा ही अवसरवादी हो गर्इ है । मैं अपने घर में बैठा था कि हमारे घर के तथा कथित नीति निर्धारक चाचा चतरू…

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समाज असम : दंगों की वजह घुसपैठ

असम : दंगों की वजह घुसपैठ

प्रमोद भार्गव असम में बड़े पैमाने पर हुए दंगों की वजह साफ हो रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों ने सीमावर्ती जिलों में आबादी के घनत्व का…

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समाज नक्सलों और आदिवासियों में फर्क कीजिए

नक्सलों और आदिवासियों में फर्क कीजिए

प्रभात कुमार रॉय नक्सलवाद अथवा माओवाद के विषय में प्रायः कोई राष्ट्रीय विचार विमर्श तभी होता है, जबकि कोई भयानक खूंरेज घटना अंजाम दे दी…

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राजनीति गठबंधन में लेन-देन

गठबंधन में लेन-देन

प्रमोद भार्गव संदर्भ – कांग्रेस से राकांपा की नाराजगी । कांग्रेस बनाम राष्टीय कांग्रेस पार्टी के शरद पवार की रहस्यमय नूरा कुश्ती का अखिरकार सुखद…

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गजल गजल:पालने से लेकर कांधों तक

गजल:पालने से लेकर कांधों तक

सुजीत द्विवेदी पालने से लेकर कांधों तक कांपती है ज़िन्दगी, महज़ वक़्त के इशारों पर नाचती है ज़िन्दगी||   मन हुआ पागल क़ि ना जाना…

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टॉप स्टोरी अंधेरे में आधा भारत

अंधेरे में आधा भारत

संजय स्वदेश जुलाई के अंतिम दो दिन बिजली ने आधे भारत को गच्चा दे दिया। शहरी जिंदगी में हाहाकार मच गया। मतलब बिन बिजली सब…

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