पर्यावरण सामुदायिक वन प्रबंधन से जंगलों का लौटाया जीवन

सामुदायिक वन प्रबंधन से जंगलों का लौटाया जीवन

नौशाद आलम डम-डमा-डम-डम-डम, वन की रक्षा अपनी सुरक्षा वनों का न करो नाश, जीवन हो जाएगा सत्यानाश डम-डमा-डम-डम-डम, वन की रक्षा अपनी सुरक्षा जंगल बचाने…

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समाज एक दिन में सिमट आए हैं सारे रिश्ते

एक दिन में सिमट आए हैं सारे रिश्ते

डॉ. दीपक आचार्य एक दिन में सिमट आए हैं सारे रिश्ते फिर साल भर पा लो संबंधों से मुक्ति युगों-युगों से ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उद्घोष…

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सिनेमा 12 वां ओसियान फिल्‍म महोत्‍सव : दिल्‍ली के दिल में सिनेमा का समंदर

12 वां ओसियान फिल्‍म महोत्‍सव : दिल्‍ली के दिल में सिनेमा का समंदर

 सौरभ आर्य ओसियान एक बार फिर दिल्‍ली की जमीन पर लौटा है और सिरी फोर्ट ऑडिटो‍रियम एक बार फिर गुलजार है देश दुनिया की नायाब…

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कला-संस्कृति अब न बुद्ध हैं, न आम्रपाली, न ही वह वैशाली रही; क्या गणतंत्र है?

अब न बुद्ध हैं, न आम्रपाली, न ही वह वैशाली रही; क्या गणतंत्र है?

 [वैशाली, बिहार से यात्रा संस्मरण] राजीव रंजन प्रसाद भगवान महावीर की जन्मस्थली –वैशाली तीन बार भगवान बुद्ध के चरण रज पडने से भी पवित्र हुई…

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कविता कविता – लड़ाई

कविता – लड़ाई

मोतीलाल अधिक समय तक हम जिँदा रहने की जिजीविषा मेँ नहीँ देख पाते मुट्ठियोँ मेँ उगे पसीने को और यहीँ से फुटना शुरू होतेँ हैँ…

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कविता कविता:शांति की खोज

कविता:शांति की खोज

बलबीर राणा शांति खोजता रहा धरती के ओर चोर भटकता रहा कहाँ है शांति कहीं तो मिलेगी इस चाह में जीवन कटता रहा   समुद्र…

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गजल गजल:दोस्त की शक्ल में दुश्मन से बचा ए भाई…..

गजल:दोस्त की शक्ल में दुश्मन से बचा ए भाई…..

इक़बाल हिंदुस्तानी सारी दुनिया का ना तू ठेका उठा ए भाई, तेरा जो फ़र्ज़ है तू उसको निभा ए भाई।   तेरी दौलत से हमें…

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राजनीति मीडिया हकीकत दिखाए तो टीम अन्ना को बर्दाश्त नहीं

मीडिया हकीकत दिखाए तो टीम अन्ना को बर्दाश्त नहीं

तेजवानी गिरधर अब तक तो माना जाता था कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा की घोर प्रतिक्रियावादी संगठन हैं और उन्हें अपने प्रतिकूल कोई…

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राजनीति राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का हास्यास्पद नाटक /  मा. गो. वैद्य

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का हास्यास्पद नाटक / मा. गो. वैद्य

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के क्रोध का या नाराजी का नाटक समाप्त हुआ, यह अच्छा हुआ. हम कहां खड़े है और हमारा प्रभाव कितना है,…

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समाज तरुण गोगोई बताएं कि ये अस्थायी दंगे क्या होते है ??

तरुण गोगोई बताएं कि ये अस्थायी दंगे क्या होते है ??

प्रवीण गुगनानी, क्यों सो रहा है तथाकथित बुद्धिजीवी मीडिया और प्रगतिशील अगड़ा समाज ?? असम में चल रहे दंगो की भयावहता पूरे देश के सामने…

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जन-जागरण साम्प्रदायिक सद्भाव में वेब : साधक या बाधक

साम्प्रदायिक सद्भाव में वेब : साधक या बाधक

आशीष महर्षि सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर कई बार मेरे मुंहबोले मित्र मुझे यह साबित करने को कहते हैं कि आशीष भाई आप कैसे हिंदू…

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महत्वपूर्ण लेख हिंदी हितैषियों के चिन्तनार्थ-भाग एक / डॉ. मधुसूदन

हिंदी हितैषियों के चिन्तनार्थ-भाग एक / डॉ. मधुसूदन

~~ केल्टिक भाषा का ह्रास क्यों हुआ? ~~ अपने हाथों, अपने पैरों में शृंखलाएं डालिए । ~~ ६५ वर्षों से पिंजरा खुला, पर पंछी उड़ता…

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