महत्वपूर्ण लेख हिंदुत्‍व ही देश की राष्‍ट्रीय अस्मिता है : रूसी करंजिया

हिंदुत्‍व ही देश की राष्‍ट्रीय अस्मिता है : रूसी करंजिया

भारत के पत्रकारिता जगत में रूसी करंजिया के नाम से कौन अपरिचित है। स्‍व. करंजिया अत्‍यंत लोकप्रिय साप्‍ताहिक ‘ब्लिट्ज’ के वर्षों तक सम्‍पादक रहे। अंग्रेजी…

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राजनीति जानिये:-अब तक के प्रधानमंत्रियों के बारे में

जानिये:-अब तक के प्रधानमंत्रियों के बारे में

स्वतंत्रता के लम्बे और रोमांचकारी क्रांतिकारी आंदोलन के परिणामस्वरूप देश 15 अगस्त 1947 को पराधीनता की बेडिय़ों को काटकर स्वाधीन हुआ। लार्ड माउंटबेटन ने जापान…

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महत्वपूर्ण लेख Default Post Thumbnail

शब्द वृक्ष चार: डॉ. मधुसूदन

एक: बंध या Bond, बांध या Bund, बंधन या bonding बंध का अंग्रेज़ी Bond , या बांध का अंग्रेज़ी Bund, और वैसे ही, बंधन का…

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राजनीति राष्ट्रपति तो ठीक है, उपराष्ट्रपति कौन बनेगा?

राष्ट्रपति तो ठीक है, उपराष्ट्रपति कौन बनेगा?

राज गुजर चुनाव आयुक्त ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए तिथियां घोषित कर दीं. राजनीतिक दलों की पटरी बैठी तो अब आगामी 19 जुलाई को राष्ट्रपति…

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पर्यावरण पानी से पैसा कमाने की कवायद

पानी से पैसा कमाने की कवायद

गोपाल अग्रवाल जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में से जल एक है। इसका निजी स्वामित्व में जाना न तो मानवता के हित में है और न…

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आर्थिकी अर्थव्यवस्थाः बज चुकी खतरे की घंटी !

अर्थव्यवस्थाः बज चुकी खतरे की घंटी !

प्रमोद भार्गव विकास और आर्थिक सुधार के जिस नव उदारवादी पश्चिमी दर्शन का महिमामंडन करने से हम अघाया नहीं करते थे, आज उसने हमें संकटो…

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राजनीति हिन्दी जगत में बनाई जाएं फतवा कमेटियाँ  / राजीव रंजन प्रसाद

हिन्दी जगत में बनाई जाएं फतवा कमेटियाँ / राजीव रंजन प्रसाद

मंगलेश डबराल प्रसंग हिन्दी साहित्य जगत के कूड़ाघर हो जाने की व्यथा कथा का उपसंहार है। यह पूरी घटना एक छटपटाहट का नतीजा है जो…

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महत्वपूर्ण लेख ‘आर्य भारत के ही मूल निवासी थे’

‘आर्य भारत के ही मूल निवासी थे’

– डॉ. रामविलास शर्मा, प्रख्यात मार्क्‍सवादी समालोचक राष्‍ट्रवादी साप्‍ताहिक पत्र ‘पाञ्चजन्य (13 फरवरी 2000)’ ने एक लम्बे साक्षात्कार में डॉ. रामविलास शर्मा से साहित्य, संस्कृति,…

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प्रवक्ता न्यूज़ रा.स्‍व. संघ के प्रचारक ज्‍योति जी की स्‍मृति में शोकसभा आयोजित

रा.स्‍व. संघ के प्रचारक ज्‍योति जी की स्‍मृति में शोकसभा आयोजित

गत 10 जून 2012 को सायं 6 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली कार्यालय केशव कुंज में संघ के वरिष्ठ प्रचारक माननीय ज्योति जी की…

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साहित्‍य संस्मरण – ३ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण – ३ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण-१ : मानवता अभी मरी नहीं है  संस्मरण-२ : मानवता अभी मरी नहीं है  अब तक आशा काफी सहज हो चुकी थी। मैंने उससे उसके…

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पुस्तक समीक्षा रोम-रोम में बसे हैं प्रभु राम

रोम-रोम में बसे हैं प्रभु राम

लोकेन्‍द्र सिंह राजपूत रामकथा आदर्श जीवन की संपूर्ण गाइड है। राम भारतवर्ष के प्राण हैं। वे भारत के रोम-रोम में बसे हैं। यही कारण है…

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विविधा नक्सलियों को अब आत्ममंथन करना चाहिए / गिरीश पंकज

नक्सलियों को अब आत्ममंथन करना चाहिए / गिरीश पंकज

बस्तर के इन भावी इंजीनियरों को सलाम… गिरीश पंकज यह एक खुश कर देने वाली खबर है कि बस्तर के कक्षा बारहवीं के 251 में…

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