60 साल की संसद, सड़ता अनाज और भूखे लोग
Updated: May 15, 2012
हिमकर श्याम भारतीय संसद 60 साल की हो गयी है। हमारे पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ है तो भविष्य को लेकर चिंताएं भी…
Read more
असली हीरो आप तो फास्ट ट्रेक कोर्ट आमिर के कहने पर क्यों?
Updated: May 15, 2012
तेजवानी गिरधर राजस्थान के चिकित्सा राज्य मंत्री डा. राजकुमार शर्मा को तकलीफ है कि भूण हत्या के मामले में जागरूकता की क्रेडिट फिल्म अभिनेता आमिर…
Read more
भारत को कैसे मिले अब तक के अपने राष्ट्रपति
Updated: June 10, 2012
– राकेश कुमार आर्य रायसीना हिल्स पर बना राष्ट्रपति भवन गणतांत्रिक भारत के हर ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना है। आजादी से पूर्व इसे वायसरीगल…
Read more
हिन्दुत्व और विश्व बंधुत्व : विपिन किशोर सिन्हा
Updated: June 6, 2012
वेदान्त का सर्वविदित सूत्र है – एकं सद विप्रा बहुधा वदन्ति – एक ही सत्य विद्वान अनेक तरह से कहते हैं। बाइबिल में भी सत्य…
Read more
सम्बद्धता क्या है?
Updated: May 16, 2012
– राकेश कुमार आर्य किसी मान्यता, सिद्धांत, वस्तु व्यक्ति आदि के प्रति सहज रूप में बिना किसी बाहरी दबाव के आपका जुड़ जाना उसके प्रति…
Read more
गज़ल:रिश्तों में प्यार का व्यापार नहीं होता– सत्येंद्र गुप्ता
Updated: May 13, 2012
रिश्तों में प्यार का व्यापार नहीं होता तराजू से तौलकर भी तो प्यार नहीं होता। दिल की ज़ागीर को मैं कैसे लुटा दूं हर कोई…
Read more
कविता:अपने ही कमरे मेँ– मोतीलाल
Updated: May 13, 2012
एक विस्मृत जर्जर कमरे मेँ मै गिर जाता हूँ और गुजरता हूँ नम तंतुओँ के बीच से नष्ट हो चुकी चीजोँ के बीच जैसे मवेशियाँ…
Read more
बद् दुआएँ न लें,ये ही करती हैं बरबाद
Updated: May 13, 2012
डॉ. दीपक आचार्य दुआओं का जितना असर होता है उससे कहीं ज्यादा असर होता है बद् दुआओं का। क्योंकि दुआएँ देते वक्त प्रसन्नता का भाव…
Read more
जननी तेरी जय है।
Updated: July 22, 2012
राजेश कश्यप ‘‘माँ !’’ यह वो अलौकिक शब्द है, जिसके स्मरण मात्र से ही रोम-रोम पुलकित हो उठता है, हृदय में भावनाओं का अनहद ज्वार…
Read more
मॉ की ममता, मां का ऑचल जींस और टॉप में गायब हो गया ……..
Updated: July 22, 2012
शादाब जफर ‘‘शादाब’’ दुनिया ने आज भले ही चाहे कितनी तरक्की कर ली हो, पर हम लोगो द्वारा स्थापित दिखावे की तैयार की गई इस…
Read moreकविता-श्यामल सुमन
Updated: May 12, 2012
श्यामल सुमन सेवा है साहित्य सुमन व्यापार नहीं लेखन में प्रतिबंध मुझे स्वीकार नहीं प्रायोजित रचना से कोई प्यार नहीं बच के रहना साहित्यिक…
Read more