विविधा भारतीय रेल: जीवन रेखा पर लगता ग्रहण

भारतीय रेल: जीवन रेखा पर लगता ग्रहण

निर्मल रानी भारतीय रेल व्यवस्था दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क के रूप में जानी जाती है। कहने को तो भारतीय रेल की शुरुआत चीन…

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धर्म-अध्यात्म ऐतिहासिक मन्दिरों को ध्वस्त करने का षड्यंत्र

ऐतिहासिक मन्दिरों को ध्वस्त करने का षड्यंत्र

दिल्ली हवाई अड्डा प्राधिकरण व जी एम आर ने बन्धक बनाए राजधानी के अनेक मन्दिर, दर्शनों से रोकने पर श्रद्धालुओं में जबरदस्त रोष विनोद बंसल…

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हिंद स्‍वराज सियाचिन नहीं अखंड कश्मीर पर हो वार्ता

सियाचिन नहीं अखंड कश्मीर पर हो वार्ता

प्रवीण दुबे सियाचिन में पाकिस्तान सेना के 140 जवान क्या मरे पाक सैन्य प्रमुख कयानी को इस क्षेत्र को सैन्य मुक्त करने और टकराव टालने…

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गजल गज़ल: रफ़्ता रफ़्ता खुशियाँ –सतेन्द्रगुप्ता

गज़ल: रफ़्ता रफ़्ता खुशियाँ –सतेन्द्रगुप्ता

रफ़्ता रफ़्ता खुशियाँ जुदा हो गई खुद-बुलंदी की राख़ जमा हो गई। लौटकर न आये वे लम्हे फिर कभी और ज़िन्दगी बड़ी ही तन्हा हो…

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राजनीति नितिश का जातिवादी चेहरा एवं समाजवादी पाखण्ड

नितिश का जातिवादी चेहरा एवं समाजवादी पाखण्ड

गौतम चौधरी विगत कुछ दिनों से खुर्राट समाजवादी और बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार कुछ ज्यादा ही मुखर हो गये हैं। बिहार में सुशासन का…

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चिंतन गौघृत जरूरी है यज्ञ-अनुष्ठानों में

गौघृत जरूरी है यज्ञ-अनुष्ठानों में

डॉ. दीपक आचार्य गौघृत जरूरी है यज्ञ-अनुष्ठानों में वरना पसरता है अनिष्ट का साया आजकल सभी जगह होने वाले धार्मिक समारोहों और यज्ञ-अनुष्ठानों की धूम…

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गजल गज़ल: तुम से मिलकर–सतेन्द्रगुप्ता

गज़ल: तुम से मिलकर–सतेन्द्रगुप्ता

तुम से मिलकर, तुम को छूना अच्छा लगता है दिल पर यह एहसान करना, अच्छा लगता है। लबों की लाली से या नैनों की मस्ती…

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आर्थिकी भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन का नेतृत्व और उसके विरोधाभास

भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन का नेतृत्व और उसके विरोधाभास

वीरेन्द्र जैन देश में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है और यही कारण है कि जब भी कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा होता हुआ दिखता…

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हिंद स्‍वराज सर्वधर्म-समभाव का भ्रम

सर्वधर्म-समभाव का भ्रम

मजहबों को धर्म मानने वाले भारत पर्याप्त में हैं। उनमें इतना साहस नहीं है कि वे मजहब को सम्प्रदाय मान सके। इसलिए (सर्वधर्म-समभाव) की एक…

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गजल गजल:पैसे से रोग पाल के मग़रूर हो गया-इक़बाल हिंदुस्तानी

गजल:पैसे से रोग पाल के मग़रूर हो गया-इक़बाल हिंदुस्तानी

 हर शिकवा गिला आपसे जब दूर हो गया, अब आपका हर फ़ैसला मन्ज़ूर हो गया।   अब तो वतन के वास्ते भी काम कुछ करो,…

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गजल गज़ल:ज़िन्दगी बहता पानी है–सतेन्द्रगुप्ता

गज़ल:ज़िन्दगी बहता पानी है–सतेन्द्रगुप्ता

ज़िन्दगी बहता पानी है ,बहने दो उसे अपना रास्ता ,ख़ुद ही ढूँढने दो उसे। बिना लहरों के समन्दर फट जायेगा जी खोल कर के ही,…

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समाज जारवा आदिवासियों को कानूनी संरक्षण

जारवा आदिवासियों को कानूनी संरक्षण

प्रमोद भार्गव अंडमान-निकोबार के जारवा आदिवासियों के लिए कानून- लुप्तता के कगार पर खड़ी जनजाति को कानूनी संरक्षण मिलने जा रहा है। इस कानून के…

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