साहित्‍य संस्मरण – ३ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण – ३ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण-१ : मानवता अभी मरी नहीं है  संस्मरण-२ : मानवता अभी मरी नहीं है  अब तक आशा काफी सहज हो चुकी थी। मैंने उससे उसके…

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पुस्तक समीक्षा रोम-रोम में बसे हैं प्रभु राम

रोम-रोम में बसे हैं प्रभु राम

लोकेन्‍द्र सिंह राजपूत रामकथा आदर्श जीवन की संपूर्ण गाइड है। राम भारतवर्ष के प्राण हैं। वे भारत के रोम-रोम में बसे हैं। यही कारण है…

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विविधा नक्सलियों को अब आत्ममंथन करना चाहिए / गिरीश पंकज

नक्सलियों को अब आत्ममंथन करना चाहिए / गिरीश पंकज

बस्तर के इन भावी इंजीनियरों को सलाम… गिरीश पंकज यह एक खुश कर देने वाली खबर है कि बस्तर के कक्षा बारहवीं के 251 में…

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राजनीति बाबा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं।

बाबा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं।

बाबा रामदेव ने 2011 की जून में हुए अपने अपमान को इस बार बड़े सही ढंग से धो डाला। देश विदेश की मीडिया ने उनके…

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चिंतन मानवता का होना जरूरी

मानवता का होना जरूरी

डॉ. दीपक आचार्य मनुष्य शरीर ही काफी नहीं मानवता का होना जरूरी है दुनिया भर में जनसंख्या विस्फोट का दौर निरन्तर जारी है। हजारों-लाखों रोज…

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राजनीति नक्सलवाद का दुःस्वप्न / विवेकानंद उपाध्‍याय

नक्सलवाद का दुःस्वप्न / विवेकानंद उपाध्‍याय

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले का एक गांव है नक्सलबाड़ी, जहाँ 25 मई 1967 को चारू मजूमदार और कानू सान्याल के नेतृत्व में एक सशस्त्र…

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प्रवक्ता न्यूज़ छत्तीसगढ़ : नक्सल पीड़ित जिलों के बच्चों ने रचा इतिहास

छत्तीसगढ़ : नक्सल पीड़ित जिलों के बच्चों ने रचा इतिहास

ए.आई.ई.ई.ई. में ‘प्रयास’ विद्यालय के 222 में 149 को मिली कामयाबी छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित जिलों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देकर इंजीनियरिंग…

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साहित्‍य संस्मरण-२ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण-२ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

एक दिन बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। कुछ राहत सामग्री उन्हें दी गई। बचे लोगों को गांव के स्कूल में रखा गया। एक सप्ताह भी…

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साहित्‍य संस्मरण-१ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण-१ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

७, मार्च, २०१२ का दिन था। सुबह के सात बजे थे। १४००६ डाउन लिच्छवी एक्स्प्रेस वाराणसी के प्लेटफार्म नंबर-एक पर खड़ी हुई। मुझे इसी ट्रेन…

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राजनीति यह महापाप नहीं तो क्या है?

यह महापाप नहीं तो क्या है?

प्रवीण दुबे सच हमेशा कड़वा होता है उसे सहन करना और स्वीकार करना सहज नहीं, सच कहने वाले को तमाम तरह के उलाहने सहन करना…

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राजनीति वैचारिक अस्पृश्यता घातक / नरेश भारतीय

वैचारिक अस्पृश्यता घातक / नरेश भारतीय

नरेश भारतीय वैचारिक आदान प्रदान के लिए सहज तत्परता किसी भी सभ्य समाज की बौद्धिक क्षमता और उसकी व्यवहार परिपक्वता का परिचय होती है. इसके…

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समाज कैसे बचेगी बेटी

कैसे बचेगी बेटी

म0प्र0 की शिवराज सिंह सरकार कहती है, ” बेटी बचाओ। और वहीं जिला अस्पतालों को परिवार नियोजन का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है कि…

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