विविधा नक्सलियों को अब आत्ममंथन करना चाहिए / गिरीश पंकज

नक्सलियों को अब आत्ममंथन करना चाहिए / गिरीश पंकज

बस्तर के इन भावी इंजीनियरों को सलाम… गिरीश पंकज यह एक खुश कर देने वाली खबर है कि बस्तर के कक्षा बारहवीं के 251 में…

Read more
राजनीति बाबा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं।

बाबा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं।

बाबा रामदेव ने 2011 की जून में हुए अपने अपमान को इस बार बड़े सही ढंग से धो डाला। देश विदेश की मीडिया ने उनके…

Read more
चिंतन मानवता का होना जरूरी

मानवता का होना जरूरी

डॉ. दीपक आचार्य मनुष्य शरीर ही काफी नहीं मानवता का होना जरूरी है दुनिया भर में जनसंख्या विस्फोट का दौर निरन्तर जारी है। हजारों-लाखों रोज…

Read more
राजनीति नक्सलवाद का दुःस्वप्न / विवेकानंद उपाध्‍याय

नक्सलवाद का दुःस्वप्न / विवेकानंद उपाध्‍याय

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले का एक गांव है नक्सलबाड़ी, जहाँ 25 मई 1967 को चारू मजूमदार और कानू सान्याल के नेतृत्व में एक सशस्त्र…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ छत्तीसगढ़ : नक्सल पीड़ित जिलों के बच्चों ने रचा इतिहास

छत्तीसगढ़ : नक्सल पीड़ित जिलों के बच्चों ने रचा इतिहास

ए.आई.ई.ई.ई. में ‘प्रयास’ विद्यालय के 222 में 149 को मिली कामयाबी छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीड़ित जिलों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देकर इंजीनियरिंग…

Read more
साहित्‍य संस्मरण-२ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण-२ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

एक दिन बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। कुछ राहत सामग्री उन्हें दी गई। बचे लोगों को गांव के स्कूल में रखा गया। एक सप्ताह भी…

Read more
साहित्‍य संस्मरण-१ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

संस्मरण-१ : मानवता अभी मरी नहीं है / विपिन किशोर सिन्हा

७, मार्च, २०१२ का दिन था। सुबह के सात बजे थे। १४००६ डाउन लिच्छवी एक्स्प्रेस वाराणसी के प्लेटफार्म नंबर-एक पर खड़ी हुई। मुझे इसी ट्रेन…

Read more
राजनीति यह महापाप नहीं तो क्या है?

यह महापाप नहीं तो क्या है?

प्रवीण दुबे सच हमेशा कड़वा होता है उसे सहन करना और स्वीकार करना सहज नहीं, सच कहने वाले को तमाम तरह के उलाहने सहन करना…

Read more
राजनीति वैचारिक अस्पृश्यता घातक / नरेश भारतीय

वैचारिक अस्पृश्यता घातक / नरेश भारतीय

नरेश भारतीय वैचारिक आदान प्रदान के लिए सहज तत्परता किसी भी सभ्य समाज की बौद्धिक क्षमता और उसकी व्यवहार परिपक्वता का परिचय होती है. इसके…

Read more
समाज कैसे बचेगी बेटी

कैसे बचेगी बेटी

म0प्र0 की शिवराज सिंह सरकार कहती है, ” बेटी बचाओ। और वहीं जिला अस्पतालों को परिवार नियोजन का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है कि…

Read more
गजल गजल:नसीब-राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’

गजल:नसीब-राघवेन्द्र कुमार ‘राघव’

तू  नहीं, बेवफा नसीब मेरा | मैं पा सका न तुझको, क्या कुसूर तेरा | तू बेवफा नहीं, बेवफा नसीब मेरा | दिल की किताब…

Read more
गजल हाथ दुश्मन का थाम लूं कैसे…..

हाथ दुश्मन का थाम लूं कैसे…..

इक़बाल हिंदुस्तानी ऐसा मसलों का हल बताये कोई, के ग़रीबों को ना सताये कोई।   मुंसिफ़ों तक पहुंच है मुजरिम की, जुर्म से कैसे बाज़…

Read more