शख्सियत बलबीर सिंह सीचेवालः जिन्होंने नदी को नई जिंदगी दी

बलबीर सिंह सीचेवालः जिन्होंने नदी को नई जिंदगी दी

हिमांशु शेखर भारत में आम तौर पर यह देखा गया है अगर किसी पर धर्म और आध्यात्म का रंग काफी ज्यादा चढ़ जाए तो या…

Read more
चुनाव यह उल्लंघन चुनाव प्रचार है या कुछ और ?

यह उल्लंघन चुनाव प्रचार है या कुछ और ?

विनायक शर्मा उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध करवाए जा रहे विधान सभा के चुनावों के बहुकोणीय मुकाबलों में यूँ तो सभी दल एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप…

Read more
शख्सियत डॉ लोहिया के कार्यक्रम,सिद्धांत और वर्तमान में समाजवादियों का दायित्व

डॉ लोहिया के कार्यक्रम,सिद्धांत और वर्तमान में समाजवादियों का दायित्व

 अरविन्द विद्रोही डॉ राम मनोहर लोहिया ब्रितानिया हुकूमत से आजादी की जंग लड़ने वाले सेनानी के साथ साथ आजाद भारत में कांग्रेस सरकार की गलत…

Read more
विविधा कालाधन : यथा राजा तथा प्रजा

कालाधन : यथा राजा तथा प्रजा

 प्रमोद भार्गव  चाणक्य ने कहा था, किसी भी देश में न्यूनतम र्इमानदार और न्यूनतम ही बेर्इमान होते हैं किंतु जब बेर्इमानों पर नकेल कसने में…

Read more
रेडियो रेडियो से जुड़ते महादलित

रेडियो से जुड़ते महादलित

संजय कुमार  मीडिया का इस्तेमाल कैसे किया जाये इस फिराक में हर काई रहता है। चाहे वह, सरकार हो या राजीतिक दल या फिर नेता…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ आज भी ज़मीन से जुड़ी है साहित्यिक पत्रकारिता

आज भी ज़मीन से जुड़ी है साहित्यिक पत्रकारिता

पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत हुए डॉ. हेतु भारद्वाज भोपाल। ‘मीडिया विमर्श परिवार’ द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति…

Read more
कविता दोहे / क्षेत्रपाल शर्मा

दोहे / क्षेत्रपाल शर्मा

हाथ जेब भीतर रहे, कानों में है तेल नौ दिन ढाई कोस का वही पुराना खेल . छिपने की बातें सभी, छपने को तल्लीन सच…

Read more
विधि-कानून खामियों को उजागर करने की कोशिश

खामियों को उजागर करने की कोशिश

सतीश सिंह बिहार के नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड के एक छोटे से गांव पखनपुर की रहवासी श्रीमती रामपरी देवी के पति को गुजरे हुए…

Read more
आर्थिकी फिर हाशिये पर जमीन और किसान

फिर हाशिये पर जमीन और किसान

हिमांशु शेखर 2006 के आखिरी दिनों में सिंगुर और 2007 में नंदीग्राम में किसानों का आंदोलन खड़ा करके पश्‍चिम बंगाल में तकरीबन तीन दशक से…

Read more
पुस्तक समीक्षा उपन्यास अंश(आमचो बस्तर से)- नरबलि और माँ दंतेश्वरी

उपन्यास अंश(आमचो बस्तर से)- नरबलि और माँ दंतेश्वरी

 राजीव रंजन प्रसाद विलियम्सन का अगला कदम था बस्तर की आत्मा का हनन। भोंसला शासक रघुजी तृतीय पर दबाव बनाया जाने लगा। माँ दंतेश्वरी के…

Read more
राजनीति कितने सार्थक रह गए हैं चुनावी घोषणा-पत्र

कितने सार्थक रह गए हैं चुनावी घोषणा-पत्र

 दीनानाथ मिश्र वर्तमान चुनाव में घोषणा-पत्र निरर्थक सा हो गया है? चुनाव घोषणा-पत्र की करोड़ों प्रतियां छपती हैं लेकिन न तो मतदाता ध्यान देता है…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ Default Post Thumbnail

कन्या जन्म पर कुआं पूजन

जग मोहन ठाकन हरियाणा में फूटी आशा की किरण हिसार , 21 फरवरी। ” दूधों नहावो ,पूतों फलो वाले सर्वोच्च आर्शीवाद की कामना के लिए…

Read more