भारत को कैसे मिले अब तक के अपने राष्ट्रपति
Updated: June 10, 2012
– राकेश कुमार आर्य रायसीना हिल्स पर बना राष्ट्रपति भवन गणतांत्रिक भारत के हर ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना है। आजादी से पूर्व इसे वायसरीगल…
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हिन्दुत्व और विश्व बंधुत्व : विपिन किशोर सिन्हा
Updated: June 6, 2012
वेदान्त का सर्वविदित सूत्र है – एकं सद विप्रा बहुधा वदन्ति – एक ही सत्य विद्वान अनेक तरह से कहते हैं। बाइबिल में भी सत्य…
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सम्बद्धता क्या है?
Updated: May 16, 2012
– राकेश कुमार आर्य किसी मान्यता, सिद्धांत, वस्तु व्यक्ति आदि के प्रति सहज रूप में बिना किसी बाहरी दबाव के आपका जुड़ जाना उसके प्रति…
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गज़ल:रिश्तों में प्यार का व्यापार नहीं होता– सत्येंद्र गुप्ता
Updated: May 13, 2012
रिश्तों में प्यार का व्यापार नहीं होता तराजू से तौलकर भी तो प्यार नहीं होता। दिल की ज़ागीर को मैं कैसे लुटा दूं हर कोई…
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कविता:अपने ही कमरे मेँ– मोतीलाल
Updated: May 13, 2012
एक विस्मृत जर्जर कमरे मेँ मै गिर जाता हूँ और गुजरता हूँ नम तंतुओँ के बीच से नष्ट हो चुकी चीजोँ के बीच जैसे मवेशियाँ…
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बद् दुआएँ न लें,ये ही करती हैं बरबाद
Updated: May 13, 2012
डॉ. दीपक आचार्य दुआओं का जितना असर होता है उससे कहीं ज्यादा असर होता है बद् दुआओं का। क्योंकि दुआएँ देते वक्त प्रसन्नता का भाव…
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जननी तेरी जय है।
Updated: July 22, 2012
राजेश कश्यप ‘‘माँ !’’ यह वो अलौकिक शब्द है, जिसके स्मरण मात्र से ही रोम-रोम पुलकित हो उठता है, हृदय में भावनाओं का अनहद ज्वार…
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मॉ की ममता, मां का ऑचल जींस और टॉप में गायब हो गया ……..
Updated: July 22, 2012
शादाब जफर ‘‘शादाब’’ दुनिया ने आज भले ही चाहे कितनी तरक्की कर ली हो, पर हम लोगो द्वारा स्थापित दिखावे की तैयार की गई इस…
Read moreकविता-श्यामल सुमन
Updated: May 12, 2012
श्यामल सुमन सेवा है साहित्य सुमन व्यापार नहीं लेखन में प्रतिबंध मुझे स्वीकार नहीं प्रायोजित रचना से कोई प्यार नहीं बच के रहना साहित्यिक…
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समलैंगिक स्वीकृति के मायने
Updated: June 10, 2012
हरपाल सिंह इस पृथ्वी पर जीवन और सृष्टि का सुचारू रूप से संचालन करती है । इसके लिये उसकी अपनी व्यवस्थाएं हैं अनुकुलता और स्वतंत्रता…
Read moreपशुता का लक्षण है जुगाली
Updated: May 12, 2012
अशुद्ध मुख से आती है दरिद्रता डॉ. दीपक आचार्य मनुष्य का शरीर धारण कर लेने से ही जीवन सफल नहीं हो जाता बल्कि मनुष्यता की…
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