हिंद स्‍वराज बीसवीं सदी में भारतीय इतिहास के छः काले पन्ने (भाग -2)

बीसवीं सदी में भारतीय इतिहास के छः काले पन्ने (भाग -2)

रामदास सोनी अब प्रश्न खड़ा होता है कि उस दिन कांग्रेस की सभा में सुभाषचन्द्र बोस ने इस्तीफा नहीं दिया होता तो 15 अगस्त 1947…

Read more
हिंद स्‍वराज बीसवीं सदी में भारतीय इतिहास के छः काले पन्ने (भाग 3)

बीसवीं सदी में भारतीय इतिहास के छः काले पन्ने (भाग 3)

 रामदास सोनी दूसरे काले पन्ने को भारत का काला पन्ना कहा जाये या विश्व का ही एक काला पन्ना माना जायेए इसे भविष्य तय करेगा।…

Read more
पुस्तक समीक्षा “हेलो बस्तर” [राहुल पंडिता की पुस्तक पर एक विमर्श] – राजीव रंजन प्रसाद

“हेलो बस्तर” [राहुल पंडिता की पुस्तक पर एक विमर्श] – राजीव रंजन प्रसाद

माओवादियों ने बस्‍तर को आग के हवाले कर दिया है, जिसकी तपिश में भोले-भाले आदिवासी झुलस रहे हैं। माओवादी भले ही इन क्षेत्रों के विकास…

Read more
राजनीति राजनीति का नया दौर

राजनीति का नया दौर

राकेश श्रीवास्तव यह हमारे लोकतांत्रिक विकास की असफलता ही है कि जनता दिल की सच्चाई (जाति और निजी स्वार्थों के बादलों को छांटकर) और गहराई…

Read more
व्यंग्य हास्य-व्यंग्य/ मेट्रों में आत्मा का सफर

हास्य-व्यंग्य/ मेट्रों में आत्मा का सफर

पंडित सुरेश नीरव सब शरीर धरे के दंड हैं। इसलिए जब भी किसी स्वर्गीय का भेजे में खयाल आता है तब-तब मैं हाइली इन्फलेमेबल ईर्ष्या…

Read more
आलोचना हिन्दी बुर्जुआ के सांस्कृतिक खेल

हिन्दी बुर्जुआ के सांस्कृतिक खेल

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी हिन्दी बुर्जुआवर्ग का हिन्दीभाषा और साहित्य से तीन-तेरह का संबंध है। हिन्दीभाषी बुर्जुआवर्ग में आत्मत्याग की भावना कम है। उसमें दौलत,शानो-शौकत और सामाजिक…

Read more
स्‍वास्‍थ्‍य-योग पंचगव्य चिकत्सा और भारतीय गोवंश

पंचगव्य चिकत्सा और भारतीय गोवंश

डा.राजेश कपूर भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद परम्परा में अनादी काल से गो का स्थान अत्यंत महत्व का रहा है. पञ्च गव्य के नाम से जाने…

Read more
महिला-जगत बाजार में औरत और औरत का बाजार

बाजार में औरत और औरत का बाजार

संजय द्विवेदी हिंदुस्तानी औरत इस समय बाजार के निशाने पर है। एक वह बाजार है जो परंपरा से सजा हुआ है और दूसरा वह बाजार…

Read more
विविधा आतंकी हमले किसी भी सूरत में रोके जाने चाहिये

आतंकी हमले किसी भी सूरत में रोके जाने चाहिये

डॉ. किशन कछवाहा मुम्बई में फिर तीन तीन विस्फोट हो गये जिसमें बीस से ज्यादा लोग मरे और एक सैंकड़ा से अधिक बुरी तरह घायल…

Read more
व्यंग्य मकान मालिक तो भगवान होता है

मकान मालिक तो भगवान होता है

पंडित सुरेश नीरव एक दौर वह भी था जब स्वर्ग में रहनेवाले देवता फालतू समय में फटाफट भारत में अवतार ले लिया करते थे। उनके…

Read more
राजनीति क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-3

क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-3

वंशवाद नेहरू ने बोया, इंदिरा ने सींचा देवेन्द्र स्वरूप पं. नेहरू की मृत्यु के 14 दिन बाद 9 जून, 1964 को लाल बहादुर शास्त्री को…

Read more
राजनीति क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-2

क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-2

निष्काम-निर्मोही पटेल सत्ताकामी-वंशवादी नेहरू देवेन्द्र स्वरूप 15 अगस्त, 1947 को खण्डित भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता पा तो ली, पर उसने अपने को अनेक प्रश्नों से…

Read more