खेत-खलिहान गांव में किसानों के प्रति सरकार का व्‍यवहार

गांव में किसानों के प्रति सरकार का व्‍यवहार

निर्मला कुमारी  आर्थिक स्‍तर पर मजबूती और बढ़ते औद्योगिकीकरण के प्रधान देश के रूप में ही माना जाता है। यही कारण है कि आज भी…

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महिला-जगत गैर कश्‍मीरी दुल्‍हनों का दर्द

गैर कश्‍मीरी दुल्‍हनों का दर्द

बशीर अहमद पीर मेरा नाम मंसूरा बानो है। मैं पश्चिम बंगाल के हुगली की रहने वाली हूं। हमारा परिवार बहुत गरीब था। हमारे घर की…

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महिला-जगत कोसी क्षेत्र में हावी है दहेज की कुप्रथा

कोसी क्षेत्र में हावी है दहेज की कुप्रथा

मोहम्मद शफीउल्लाह विज्ञान और तकनीक में आश्‍चर्यजनक प्रगति से मनुष्‍य भौतिक सुख सुविधाओं को जुटाने में अधिक सफल हुआ है, लेकिन अपने जीवन को सुदृढ़…

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लेख अफ़सरों से अधिक राजनेताओं को इलाज की ज़रूरत?

अफ़सरों से अधिक राजनेताओं को इलाज की ज़रूरत?

इक़बाल हिंदुस्तानी यूपी में डीआईजी फायर सर्विसेज़ डी डी मिश्रा को व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा दर्ज करने पर बदले की भावना से मानसिक रोगी बताकर…

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विधि-कानून उभरते भारत में बढ़ती बाल मजदूरी

उभरते भारत में बढ़ती बाल मजदूरी

संजय कुमार भारत को आर्थिक महाशक्ति के रूप में देखा जा रहा है। वहीं भारत आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए आर्थिक विकास दर को बढ़ाने…

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कहो कौन्तेय-५७

विपिन किशोर सिन्हा (श्रीकृष्ण का आखिरी शान्ति-प्रस्ताव) श्रीकृष्ण ने मुस्कुराकर दुर्योधन को देखा। मधुर वाणी में दुर्योधन से कहने लगे – “कुरुनन्दन! मेरी बात ध्यान…

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लेख राष्ट्रीय सौहार्द का उदाहरण थे मौलाना आजाद

राष्ट्रीय सौहार्द का उदाहरण थे मौलाना आजाद

शादाब जफर शादाब  जन्मदिन :- 11 नवम्बर पर विशॆष  हिन्दुस्तान के ज़र्र ज़र्र से मौहब्बत की इन्तेहा रखने वाले देश भक्त मौलाना अबुल कलाम आजाद…

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राजनीति उत्तर प्रदेश की बदहाली और समाजवादियो-सामाजिक कार्यकर्ताओ का दायित्व

उत्तर प्रदेश की बदहाली और समाजवादियो-सामाजिक कार्यकर्ताओ का दायित्व

अरविन्द विद्रोही उत्तर प्रदेश के हालात दिन प्रतिदिन बाद से बदतर होते जा रहे है | सियासत की चक्की में आम जन की बात दीगर…

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लेख कब तक छले जाएंगें हम भारत के लोग

कब तक छले जाएंगें हम भारत के लोग

प्रो. बृजकिशोर कुठियाला क्या इस रात की कोई सुबह नहीं होगी भारत की आम जनता आज सकते में है, वैचारिक और व्यावहारिक दोनों ही स्तरों…

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साहित्‍य कहो कौन्तेय-५६ (महाभारत पर आधारित उपन्यास अंश)

कहो कौन्तेय-५६ (महाभारत पर आधारित उपन्यास अंश)

विपिन किशोर सिन्हा (हस्तिनापुर की राजसभा में श्रीकृष्ण का पदार्पण) यह कार्तिक मास की पूर्णिमा का दिन था। रेवती नक्षत्र और मैत्री मुहूर्त्त में श्रीकृष्ण…

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लेख मीडिया पर जस्टिस मार्कण्डेय के विचार और घालमेल का संकट

मीडिया पर जस्टिस मार्कण्डेय के विचार और घालमेल का संकट

वीरेन्द्र जैन एक बार फिर से आम पढा लिखा व्यक्ति दुविधा में है। वह जब जिस कोण से बात सुनता है उसे उसी की बात…

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पेट्रोल की बेलगाम कीमत और सरकार की संवेदनहीनता

विपिन किशोरे सिन्हा वाकई अब हद हो गई। क्या अंग्रेजों की सरकार भी इतनी संवेदनहीन थी? शायद नहीं। आखिर यह सरकार किसकी है – पूंजीपतियों…

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