महिला-जगत स्त्री अधिकार और गांधी चिंतन

स्त्री अधिकार और गांधी चिंतन

सुभाष सेतिया महिलाओं के प्रति गांधीजी के सकारात्मक दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वे महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले अधिक सुदृढ़ और…

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धर्म-अध्यात्म धर्म का अधिकार, दायित्व एवं कर्त्तव्य

धर्म का अधिकार, दायित्व एवं कर्त्तव्य

आनंद सुब्रमण्यम शास्त्री धर्म, मनुष्य को अपने विचारों के प्रति निष्ठावान रहते हुए सबके विचारों को महत्व एवं आदर देने का उपदेश देता है। धर्म…

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विविधा भ्रष्टाचारी का, भ्रष्टाचार के लिए, भ्रष्ट शासन

भ्रष्टाचारी का, भ्रष्टाचार के लिए, भ्रष्ट शासन

जितेन्द्र कुमार नामदेव इतिहास गवाह है जब-जब अति हुई है उसका अंत भी हुआ है। भारत को आजादी के बाद एक सम्पूर्ण लोकतान्त्रिक गणराज्य बनाने…

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राजनीति प्रधानमंत्री के लिए बुद्धिमत्तापूर्ण सलाह

प्रधानमंत्री के लिए बुद्धिमत्तापूर्ण सलाह

लालकृष्ण आडवाणी बी. रमन एक अच्छे गुप्तचर अधिकारी रहे हैं, सेवानिवृत्ति के बाद भी जिनका काफी सम्मान से नाम लिया जाता है। 28 जून को…

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विविधा क्या महज ‘‘औपचारिक‘‘ रह गई है गांधी टोपी!

क्या महज ‘‘औपचारिक‘‘ रह गई है गांधी टोपी!

 लिमटी खरे कांग्रेस का इतिहास गौरवमयी रहा है, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक दशक से कांग्रेस अपने मूल मार्ग से…

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राजनीति जमीन की सियासी जंग

जमीन की सियासी जंग

क्षेत्रपाल शर्मा सर्वोच्च न्यायालय ने आखिरकार हस्तक्षेप करते हुए यह आदेश पारित कर ही दिया कि जमीन , उ. प्र. के किसानों को वापस कर…

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व्यंग्य भ्रष्टाचार मिटाना ही होगा

भ्रष्टाचार मिटाना ही होगा

पंडित सुरेश नीरव भ्रष्टाचार मिटाना ही होगा। देश को भ्रष्टाचार से जब तक मुक्त नहीं कराया जाएगा तब तक देश तरक्की नहीं कर पाएगा। भ्रष्टाचार…

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धर्म-अध्यात्म हिन्दू धर्म की चुनौतियां

हिन्दू धर्म की चुनौतियां

अशोक शास्त्री कुछ ऐसी तस्वीर साफ दिखाई देती है कि बादरायण (वेद व्यास) से शंकर तक, जो हिन्दुत्व की इबारत लिखी गई है, वो मोजूदा…

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राजनीति माया की साख पर आंच

माया की साख पर आंच

संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में दस महीने के भीतर दो सीएमओ हत्याकांडो की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस के लिए एक बार फिर मुश्किल खड़ी…

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राजनीति अब माओवादी भी लड़ेंगे भ्रष्टाचार से!

अब माओवादी भी लड़ेंगे भ्रष्टाचार से!

भटकाव भरे आंदोलन ऐसे भ्रम फैलाकर जनता की सहानुभूति चाहते हैं संजय द्विवेदी यह कहना कितना आसान है कि माओवादी भी अब भ्रष्टाचार के दानव…

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कविता ठंडी ठंडी फुहार बारिश की

ठंडी ठंडी फुहार बारिश की

शादाब जफर ‘शादाब’ “बारिश’’ ठंडी ठंडी फुहार बारिश की हाय कैसी बहार बारिश की किश्तियां खूब हम चलाते थे कापिया फाड कर बनाते थै याद…

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कविता परम्पराओं पर आघात मत सहो

परम्पराओं पर आघात मत सहो

कड़ी परीक्षा है संस्कृति की सत्य तो अब कहना होगा मेरी परम्पराएँ पावन दृढ इस पे रहना होगा काले अंग्रेजों सुन लो तुम वेदनेत्र यह…

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