वे कौन हैं, जो नीरा राडिया की बातों को संदेह से नहीं देखते?
Updated: December 18, 2011
अविनाश दास नीरा राडिया के पूरे प्रकरण में हमारे कुछ मित्रों की दलील है कि वह जिस पेशे और भूमिका में थी, उसने वही किया,…
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शहादत पर सियासत से कैसे रुकेगा आतंकवाद?
Updated: December 18, 2011
नीरज कुमार दुबे अपने बड़बोले बयानों से पहले भी विवाद खड़ा करते रहे कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का यह कहना कि हेमंत करकरे ने मुंबई…
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संसद न चलने देने के अपराधी ?
Updated: December 18, 2011
अपनी संसदीय परंपराओं को ध्वस्त करने में जुटे हैं सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता संजय द्विवेदी संसद को चलता न देखकर भी आखिर देश में…
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वाराणसी में यज़ीदियत ने फिर किया इंसानियत का खून
Updated: December 18, 2011
तनवीर जाफ़री विश्व प्रसिद्ध शहनाई वादक भारत रत्न बिसमिल्लाह खां का शहर वाराणसी गत् 7 दिसंबर की सायंकाल एक बार फिर दहल उठा। वाराणसी के…
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‘प्रवक्ता, प्रावदा, और प्रॉवोक’- संस्कृत स्रोत
Updated: December 18, 2011
विशेष : कुछ पाठक-मित्रों के अनुरोध पर, सुविधा के लिए, एक बिंदु लेकर ही, कुछ सौम्यता से, और सीमित विस्तार से ही, प्रस्तुति की है।…
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साहित्य में नव्य उदारतावादी ग्लोबल दबाव
Updated: December 18, 2011
जगदीश्वर चतुर्वेदी हमारे साहित्यकार यह मानकर चल रहे हैं अमरीकी नव्य उदार आर्थिक नीतियां बाजार,अर्थव्यवस्था, राजनीति आदि को प्रभावित कर रही हैं लेकिन हिन्दीसाहित्य और…
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सवाल : “अभी मृत्यु और जीवन की कामना से कम्पित है यह शरीर!”
Updated: December 18, 2011
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ जब कोई कहता है कि वह 25 वर्ष का हो गया तो इसका सही अर्थ होता है-उसने अपने जीवन को 25…
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हास्य-व्यंग्य /हवासिंह हवा-हवाई
Updated: December 18, 2011
पंडित सुरेश नीरव जब से हवासिंह किसी ऊपरी हवा के प्रभाव में आए हैं बेचारे की तो हवा ही खराब हो गई है। और हवा…
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बाल कहानी/ अच्छा-सा तोहफा
Updated: December 18, 2011
चानपा बड़ी देर से चट्टान की ओट में खड़ा बारिश रुकने का इंतजार कर रहा था। अभी एक घंटा पहले आसमान बिल्कुल साफ था। चानपा…
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छात्र राजनीति : लोकतंत्र की गर्भनाल
Updated: December 18, 2011
राघवेन्द्र सिंह छात्र राजनीति जिसने आजादी के महासमर में अपना अस्मरणीय योगदान दिया। देश के प्रत्येक भाग से बड़ी संख्या में युवा छात्र क्रान्तिकारियों ने उक्त…
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अमेरिका मानवाधिकार का रक्षक है या भक्षक
Updated: December 18, 2011
मो. इफ्तिखार अहमद अमेरिका इस वक्त दुनिया का सुपर पॉवर है। ज्ञान, विज्ञान, आर्थिक व साम्रिक दृष्टि से कोई इसका सानी नहीं है। अमेरिका को…
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बिग बॉस: ‘अश्लीलता से टीआरपी’ तक का सफ़र
Updated: December 18, 2011
अनिल कुमार “बिग बॉस”… बिग बॉस.. इस नाम से साफ़ अर्थ निकलता है “सबका बॉस”। इस समय यहां हम बात करने जा रहे “बिग बॉस(सीजन-…
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