विविधा जांच एजेंसियों के काम में राजनीतिक हस्तक्षेप से आतंरिक सुरक्षा पर उठे सवाल

जांच एजेंसियों के काम में राजनीतिक हस्तक्षेप से आतंरिक सुरक्षा पर उठे सवाल

भूपेन्द्र धर्माणी स्वतंत्र भारत के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में उलझी मनमोहन सरकार अब सरकारी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे प्रश्नों…

Read more
धर्म-अध्यात्म हिमाचल प्रदेश में भी संतों पर हुआ प्रहार

हिमाचल प्रदेश में भी संतों पर हुआ प्रहार

डॉ कुलदीप चन्द अग्निहोत्री देश के अनेक हिस्सों में पिछले कुछ दशकों से मंदिरों-मठों और साधु-संतों पर अनेक प्रकार से प्रहार हो रहे हैं ।…

Read more
विविधा गंगा : बूंद – बूंद संघर्ष

गंगा : बूंद – बूंद संघर्ष

नीरेन कुमार उपाध्याय ‘गंगे तव दर्शनार्थ मुक्ति’ का मंत्र जाप कर लाखों वर्षों से हम और हमारी संस्कृति अभी तक जीवित हैं। गंगा भारतीय संस्कृति…

Read more
विविधा गहराता जा रहा है बोफोर्स का रहस्य

गहराता जा रहा है बोफोर्स का रहस्य

संतोष कुमार मधुप भारतीय राजनीति में सबसे लंबा चलने वाले प्रकरणों में से एक बोफोर्स मामला एक बार फिर कांग्रेस के लिए परेशानी का सबब…

Read more
राजनीति विनायक सेन को क्षमादान या दण्ड

विनायक सेन को क्षमादान या दण्ड

अमल कुमार श्रीवास्‍तव पीयूसीएल नेता डॉ विनायक सेन को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 124 ए के अन्तर्गत राज्य के खिलाफ षड्यंत्र रचने और राजद्रोह…

Read more
विविधा हाईवोल्टेज ड्रामा…डूबा चांद, भटकी फिज़ा

हाईवोल्टेज ड्रामा…डूबा चांद, भटकी फिज़ा

सच, मोहब्बत अंधी ही होती है, नहीं तो चंद्रमोहन क्यों चांद मोहम्मद बनते? क्यों फिज़ा के लिए धर्म तक छोड़ देते…और जो आज के दौर…

Read more
आर्थिकी त्वरित न्याय की संदेहीत प्रतिबद्धता

त्वरित न्याय की संदेहीत प्रतिबद्धता

संजय स्वदेश केंद्रीय बजट आने वाला है। मीडिया अपेक्षित बजट पर चर्चा करा रही है। पर इन चर्चाओं में अन्य कई मुद्दों की तरह न्यायापालिका…

Read more
कविता कविता / गुस्सा गधे को आ गया

कविता / गुस्सा गधे को आ गया

कौन है जो फस्ल सारी इस चमन की खा गया बात उल्लू ने कही गुस्सा गधे को आ गया प्यार कहते हैं किसे है कौन…

Read more
पुस्तक समीक्षा कथा में नई दृष्टि और भाषा गढ़ती हैं रीता सिन्हा

कथा में नई दृष्टि और भाषा गढ़ती हैं रीता सिन्हा

फिर सुनें स्त्री-मन और जीवन की कहानियां चण्डीदत्त शुक्ल चूल्हे पर रखी पतीली में धीरे-धीरे गर्म होता और फिर उफनकर गिर जाता दूध देखा है…

Read more
विविधा विदेशों में जमा काला धन बनाम राजनैतिक हथकंडे

विदेशों में जमा काला धन बनाम राजनैतिक हथकंडे

तनवीर जाफ़री भारतवर्ष दुनिया की नज़रों में निश्चित रूप से 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र एवं स्वाधीन हो गया। स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्र हितैषी नेताओं,अधिकारियों…

Read more
विविधा कार्टूनों का सांस्कृतिक रूपांतरण

कार्टूनों का सांस्कृतिक रूपांतरण

राजीव रंजन प्रसाद आजकल भारतीय घरों में बच्चों का कार्टून देखना एक मजेदार शगल बन चुका है। दिलचस्प बात तो यह है कि अब बच्चे…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ “भारतीय संस्कृति में पत्रकारिता के मूल्य” पर राष्ट्रीय संविमर्श 22-23 फरवरी को

“भारतीय संस्कृति में पत्रकारिता के मूल्य” पर राष्ट्रीय संविमर्श 22-23 फरवरी को

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति में पत्रकारिता के मूल्य” पर राष्ट्रीय संविमर्श 22-23 फरवरी को समन्वय भवन, न्यू…

Read more