विश्ववार्ता ओबामा यात्रा पर विशेष-गुलामों की टोली के लालच

ओबामा यात्रा पर विशेष-गुलामों की टोली के लालच

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत आ रहे हैं और हमारे देश की पूरी मशीनरी उनकी खिदमत के लिए तैयार की जा रही…

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प्रवक्ता न्यूज़ संजीव जी, ‘अंजाम’ हमें नहीं पता, आप बताएं.

संजीव जी, ‘अंजाम’ हमें नहीं पता, आप बताएं.

-पंकज झा पंकजजी का मुझे संबोधित लेख प्रस्‍तुत है। प्रवक्‍ता पर बहुत विवाद हो गए। हम इस विवाद कांड को यही पर रोक रहे हैं।…

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व्यंग्य हास्य-व्यंग्य/उल्लुं शरणं गच्छामि

हास्य-व्यंग्य/उल्लुं शरणं गच्छामि

-पंडित सुरेश नीरव जी हां जनाब बात ही है ये रोने की। कि ऐसी लागी नजर कुटिल जादू-टोने की। कि हमारा देश जो कभी चिड़या…

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खेत-खलिहान गाय बची तो ही हिन्दू और मुसलमान बचेगा

गाय बची तो ही हिन्दू और मुसलमान बचेगा

-हरपाल सिंह भारत की संस्कृति, समृद्वि और सभ्यता का आधार गंगा, गौ, गायत्री, गीता और गुरु ही रही है। भारत की संस्कृति प्रकृति मूलक संस्कृति…

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साहित्‍य अंग्रेजी में संस्कृत स्रोत

अंग्रेजी में संस्कृत स्रोत

-डॉ. मधुसूदन ‘सप्तांबर, अष्टांबर, नवाम्बर, दशाम्बर’ आपके मनमें, कभी प्रश्न उठा होगा कि अंग्रेज़ी महीनों के नाम जैसे कि, सप्टेम्बर, ऑक्टोबर, नोह्वेम्बर, डिसेम्बर कहीं, संस्कृत…

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राजनीति सिर फोड़ने का सलीका

सिर फोड़ने का सलीका

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी हिन्दुत्व का स्वप्नलोक बदल रहा है। स्वप्नलोक से यहां तात्पर्य है यूटोपिया से। जो लोग भारत को हिन्दूराष्ट्र बनाना चाहते हैं उनके पास…

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धर्म-अध्यात्म चिंतनीय है धर्म के नाम पर फैलता ध्वनि प्रदूषण

चिंतनीय है धर्म के नाम पर फैलता ध्वनि प्रदूषण

-निर्मल रानी नि:संदेह प्रत्येक भारतवासी एक आज़ाद देश का आजाद नागरिक है। परंतु इस ‘आजादी’ शब्द के अंतर्गत हमारे संविधान ने हमें जहां तमाम ऐसे…

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राजनीति वामपंथी हिंसा, हिंसा न भवति।।

वामपंथी हिंसा, हिंसा न भवति।।

-शैलेन्‍द्र कुमार ये एक सर्वमान्य सिद्धांत है कि जो विचार मानव समाज के अनुकूल नहीं होंगे वो स्वतः ही ख़त्म हो जायेंगे। वामपंथ ऐसी ही…

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वर्त-त्यौहार लक्ष्मी-गणेश या विक्टोरिया-पंचम

लक्ष्मी-गणेश या विक्टोरिया-पंचम

सोने-चांदी के सिक्के और दीपावली पूजन -लोकेन्‍द्र सिंह राजपूत भारत का सबसे बड़ा त्योहार है दीपावली। हर कोई देवी लक्ष्मी को प्रसन्न कर उनका स्नेह…

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वर्त-त्यौहार कविता : जिनके पास पैसे कम हैं

कविता : जिनके पास पैसे कम हैं

महँगी हुई दीवाली अब पापा क्या करें पापा की जेब है खाली अब पापा क्या करें महँगी हुई दीवाली अब पापा क्या करें पापा की…

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वर्त-त्यौहार कविता : बस एक दिया

कविता : बस एक दिया

मुझे इस अँधेरे में डर लगता है इसलिये नहीं कि इस अँधेरे में मुझे कुछ दिखायी नहीं देता बल्कि इसलिये कि इस अँधेरे में ‘वे’…

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समाज क्योंकि तुम अरुंधती नहीं हो मेरी बहन

क्योंकि तुम अरुंधती नहीं हो मेरी बहन

-आवेश तिवारी क्या आप इरोम शर्मीला को जानते हैं? नहीं, आप अरुंधती रॉय को जानते होंगे और हाँ आप ऐश्वर्या राय या मल्लिका शेहरावत को…

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