समाज हत्याएं: सम्‍मान की खातिर या सम्‍मान की?

हत्याएं: सम्‍मान की खातिर या सम्‍मान की?

-तनवीर जाफ़री मध्यम एवं निम्‍न मध्यम वर्ग के प्रेमी युगल इन दिनों काफी संकट के दौर से गुजर रहे हैं। कहीं खाप पंचायतों के ‘तालिबानी’…

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विविधा महत्वपूर्ण ये है कि हाथ “किसका” काटा गया है… उसके अनुसार कार्रवाई होगी…

महत्वपूर्ण ये है कि हाथ “किसका” काटा गया है… उसके अनुसार कार्रवाई होगी…

-सुरेश चिपलूनकर अपनी पिछली पोस्ट (केरल में तालिबान पहुँचे, प्रोफ़ेसर का हाथ काटा) में मैंने वामपंथियों के दोहरे चरित्र और व्यवहार के बारे में विवेचना…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग मर्ज़ बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की

मर्ज़ बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की

-फ़िरदौस ख़ान भौतिकवादी संस्कृति ने जहां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है, वहीं मनुष्य का स्वास्थ्य भी इससे न अछूता रहा हो तो…

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साहित्‍य कौन कहता है कि ‘अज्ञेय’ को छंदों से परहेज था..

कौन कहता है कि ‘अज्ञेय’ को छंदों से परहेज था..

-गिरीश पंकज सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ जी की कुछ कविताओं को सामने रख कर तथाकथित आलोचक उनकी ऐसी छवि पेश करते रहे, गोया वे अतुकांत…

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खेल जगत विश्वकप के भविष्यवक्ता पॉल बाबा स्वंय का भविष्य तो बतायें…..

विश्वकप के भविष्यवक्ता पॉल बाबा स्वंय का भविष्य तो बतायें…..

– अशोक बजाज फुटबाल के विश्वकप फाईनल में स्पेन ने नीदरलैण्ड को एक गोल से हराकर विश्वकप हासिल कर लिया। फाईनल मैच के साथ ही…

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विश्ववार्ता मुस्लिमों के प्रति अमेरिकी रवैया दुर्भाग्‍यपूर्ण

मुस्लिमों के प्रति अमेरिकी रवैया दुर्भाग्‍यपूर्ण

-डा. सुभाष राय फरहा पंडित भारतीय मूल की अमेरिकी मुसलमान हैं। उन्हें ओबामा ने बहुत महत्वपूर्ण काम सौंपा है। उन्हें दुनिया को यह समझाना है…

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राजनीति सहयोगी दल बढा रहे कांग्रेस की मुश्किलें

सहयोगी दल बढा रहे कांग्रेस की मुश्किलें

-लिमटी खरे कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की दूसरी पारी में उसके सहयोगी दलों ने अब रंग दिखाना आरंभ कर दिया है। कल तक शांति…

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प्रवक्ता न्यूज़ मानवता की कराह : मीडिया की जुबानी सुनाई दे!

मानवता की कराह : मीडिया की जुबानी सुनाई दे!

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश‘ हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से 1947 में आजाद हुआ था। आजादी के साथ-साथ हमने विभाजन के अभी रिस रहे घाव…

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विविधा प्रयोग की जगह कमियों को दूर करने की पहल हो

प्रयोग की जगह कमियों को दूर करने की पहल हो

-सतीश सिंह नये प्रयोग के खतरों के प्रति चिंता स्वाभाविक है। शिक्षा के मामले में ये खतरे और भी संवेदनशील हो जाते हैं। पर इन…

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पर्यावरण बाढ़ से कराहती मानवता

बाढ़ से कराहती मानवता

प्रलंयकारी बाढ़ के कारणों के स्थाई समाधान खोजने की जरूरत -संजय द्विवेदी कोई संकट अगर हर साल आता है तो क्या उसके स्थाई समाधान नहीं…

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पर्यावरण शासन व प्रशासन को चुनौती देती प्रलयकारी बारिश व बाढ़

शासन व प्रशासन को चुनौती देती प्रलयकारी बारिश व बाढ़

-निर्मल रानी ग्रीष्म ऋतु में जब सूर्यदेवता अपने प्रचंड तेवर दिखाते हैं उस समय जनता उनके इस प्रकोप से त्राहि- त्राहि करने लग जाती है।…

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समाज जातिमुक्त समाज की जरुरत

जातिमुक्त समाज की जरुरत

-आर. एल. फ्रांसिस जनगणना में जाति को शामिल किया जाए या नहीं, इस बात का निर्णय करने के लिए संप्रग सरकार ने मंत्रियों के एक…

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