अतिवादी लाल, दलाल और वाम मीडिया से पिसता अवाम
Updated: December 24, 2011
– पंकज झा बुद्धत्व से पहले:- एक थी सुजाता। संस्कारों में पली-बढ़ी राजकुमारी। वनदेवता का पूजा करना और उन्हें पत्र पुष्पाजंलि के साथ प्रसाद समर्पित…
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देखो! गहन तिमिर को छांटते हिंदू-सूर्य का पुनरोदय देखोः महर्षि अरविंद
Updated: December 24, 2011
महर्षि अरविंद ( 1872-1950) ने 30 मई, 1909 को अपना सुप्रसिद्ध उत्तरपाड़ा भाषण दिया था। यह भाषण हिंदू धर्म, धरती पर उसकी नियति, हिंदुओं के…
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इस जंग में जीत कमजोर की होगी
Updated: December 24, 2011
सूचना प्रौद्योगिकी से घबराने नहीं उसे अपनाने की जरूरत -संजय द्विवेदी मैने एक अखबार में एक पाठक का पत्र पढा उसकी नाराजगी इस बात पर…
Read moreहिन्दी बुद्धिजीवियों का फिलीस्तीन के प्रति बेगानापन
Updated: December 24, 2011
-जगदीश्वर चतुर्वेदी एक जमाना था हिन्दी में साहित्यकारों और युवा राजनीतिक कार्यकर्त्ताओं में युद्ध विरोधी भावनाएं चरमोत्कर्ष पर हुआ करती थीं, हिन्दीभाषी क्षेत्र के विभिन्न…
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ममता मगरूर है, सोनिया मजबूर है
Updated: December 24, 2011
-प्रकाश चण्डालिया कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शकील अंसारी ने जिस जलेबिया अंदाज में गुरुवार शाम संवाददाताओं के समक्ष अपनी बात रखी, उससे साफ है कि…
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माधुरियों से पटा पडा है देश
Updated: December 24, 2011
-लिमटी खरे उच्च स्तर पर बैठे एक राजनयिक और भारतीय विदेश सेवा की बी ग्रेड की अफसर माधुरी गुप्ता ने अपनी हरकतों से देश को…
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अनुसूचित जनजातियों को मुख्यधारा में लाने का सवाल
Updated: December 24, 2011
-गिरीश पंकज जिन लोगों को हमारा संविधान ”अनुसूचित जनजाति” कहता है, उन्हें बहुत से लोग ‘आदिवासी’ भी कह देते है. ऐसा कह कर अनजाने में…
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जातिवादी संघर्ष की ‘जड़ों’ पर होना चाहिए प्रहार
Updated: December 24, 2011
‘म्हारा नंबर वन हरियाणा-जहां दूध-दही का खाना’ – जैसा गौरवपूर्ण गुणगान करने वाला हरियाणा राय भी कभी-कभी जातिवाद तथा वर्गवाद जैसे दुर्भाग्यपूर्ण संघर्ष की खबरों…
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किसको कातिल मैं कहूं किसको मसीहा समझूं
Updated: December 24, 2011
-पंकज झा. अखबारों की अपनी सीमाएं हैं. एक तरफ अत्यधिक तेज़ी से बदलते घटनाक्रम और दूसरी तरफ अगले ही दिन अखबार के छप पाने की…
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विवाद और सोरेन का चोली दामन का साथ
Updated: December 24, 2011
झारखण्ड के मुख्यंत्री शिबू सोरेन कहीं रहें और वे विवादित और चर्चित न हों एसा कैसे हो सकता है। सोरेन और विवाद का तो चोली…
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अपने ही गठबंधन पर कुल्हाड़ी मार रही ममता
Updated: December 24, 2011
गठबंधन की सियासत में न कोई नीति होती है न आचारसंहिता. अगर कुछ होता है तो केवल स्वार्थ, मनमानापन और तानाशाही. ममता बनर्जी ने जिस…
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मनमोहन-सोनिया-आडवाणी की इस्राइली बर्बरता पर चुप्पी क्यों?
Updated: December 24, 2011
गाजा की इस्राइल द्वारा नाकेबंदी जारी है। हजारों लोग खुले आकाश के नीचे कड़कड़ाती ठंड में ठिठुर रहे हैं, इन लोंगों के पास न तो…
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