नरेगा की मलायी भाजपा को मिलने से चुनाव मंहगे हो सकते हैं
Updated: December 25, 2011
नगरीय निकायों के चुनावों को लेकर राजनैतिक हलचल अब तेज होती जा रहीं हैं। इस सिलसिले में जिले में इकलौते इंका विधायक हरवंश सिंह के…
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भष्ट्राचार की कहानी : कविता – सतीश सिंह
Updated: December 25, 2011
भष्ट्राचार की कहानी लिख दो इतिहास के पन्नों पर कोड़ा के भष्ट्राचार की कहानी भर दो उसमें गरीबों के खून की स्याही ताकि…
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अवमूल्यन : कविता – सतीश सिंह
Updated: December 25, 2011
पता नहीं कब और कैसे धूल और धुएं से ढक गया आसमान सागर में मिलने से पहले ही एक बेनाम नदी सूख़ गई एक मासूम…
Read moreमंहगायी की अर्थी निकालने वाले भाजपायियों की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुप्पी चर्चित
Updated: December 25, 2011
नगर भाजपा ने अध्यक्ष एवं पार्षद सुजीत जैन के नेतृत्व में मंहगाई की शवयात्रा निकाल कर विरोध प्रर्दशन किया। इस अवसर पर विधायक नीता पटेरिया,पालिकाध्यक्ष…
Read moreविधायक नीता पटेरिया के विरोध के बाद भी पेंच का बाघ पन्ना भेजा गया
Updated: December 25, 2011
आखिर पेंच का बाघ पन्ना चला ही गया। इसे पन्ना ना ले जाने का व्यापक स्तर पर स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया लेकिन किसी…
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अब आगे देखेंगे हम लोग : व्यंग्य – अशोक गौतम
Updated: December 25, 2011
धुन के पक्के विक्रमार्क से जब रामदीन की पत्नी की दशा न देखी गई तो उसने महीना पहले घर से बाजार आटा दाल लेने गए…
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पाती : कविता – सतीश सिंह
Updated: December 25, 2011
पाती मोबाईल और इंटरनेट के ज़माने में भले ही हमें नहीं याद आती है पाती पर आज़ भी विस्तृत फ़लक सहेजे-समेटे है इसका जीवन-संसार…
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चोर की मां को मारिये पहले – पंकज झा
Updated: December 25, 2011
झारखंड प्रकरण पर .. आपने चोर और उसकी मां की कहानी सुनी होगी. ये उस ज़माने की बात है जब चोरी-डकैती के लिए मृत्युदंड का प्रावधान…
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पत्रकारिता के कुमार गंधर्व थे जोशीजी – अजीत कुमार
Updated: December 25, 2011
मुझसे मेरे मित्र ने कहा कि अजीत प्रभाष जी पर कुछ लिख दो। लेकिन उसके कहने के तकरीबन 12 घंटे बीत जाने के बाद भी…
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शिव बनने लगे हैं ‘राज’ – लिमटी खरे
Updated: December 25, 2011
मध्य प्रदेश के सूबेदार शिवराज सिंह चौहान अब राज ठाकरे और शीला दीक्षित के नक्शे कदम पर चलते दिख रहे हैं। सूबाई हुकूमत को बरकरार…
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प्रोफेशनल
Updated: December 25, 2011
कुछ भी दिल से नहीं लगाते इसलिए हैं अपने काम के प्रति बहुत ही प्रतिबध्द। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किसी भी हद को पार…
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भारतीय क्रांति परम्परा की यात्रा – जयप्रकाश सिंह
Updated: November 7, 2009
भारत में व्यवस्था परिवर्तन की विशेष वैचारिक-सांस्कृतिक परम्परा रही है। यह ऐसी परम्परा है जिसमें व्यवस्था परिवर्तन का मतलब सत्ता परिवर्तन नहीं होता अपितु शाश्वत…
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