धार्मिक सौहार्द के लिए अंतरधार्मिक शिखर वार्ता
Updated: December 26, 2011
हाल में मुम्बई में हुए काथलिक-हिन्दू धर्मगुरूओं के बीच वार्ता की खबर बहुत उम्मीद जगाने वाली थी। यह खबर चूंकि मीडिया में सुर्खियां नहीं बटोर…
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जसवंत सिंह! क्या पाकिस्तान सरदार पटेल की करनी है?
Updated: December 26, 2011
प्रखर राष्ट्रवादी पत्रकार श्री राकेश उपाध्याय प्रवक्ता डॉट कॉम के विशेष अनुरोध पर जिन्ना पर केंद्रित श्री जसवंत सिंह की बहुचर्चित पुस्तक ‘जिन्ना-इंडिया पार्टिशन इंडिपेंडेंस’…
Read moreइसरत प्रकरण के बहाने नई राजनीति की सुगबुगाहट
Updated: December 26, 2011
गुजरात उच्च न्यायालय ने इसरत जहां केस में राज्य सरकार को स्टे दे दिया है। बावजूद इसके राजनीति तो होनी ही है, क्योंकि मामला गुजरात…
Read moreव्यंग्य: गरीब और गांव का बजट
Updated: December 26, 2011
प्रणव दा ने देश का बजट पेश किया तो लगा कि इस बार हमारी सारी समस्याओं का निदान अपने आप ही हो जावेगा क्योंकि पहली…
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बंद करो वोट बैंक की राजनीति…..बुद्धिजीवियों जागो
Updated: December 26, 2011
भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 ‘समता के अधिकार’ में यह प्रावधान किया गया है कि कोई भी व्यक्ति लिंग, भेद, जाति, धर्म और स्थान…
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खतरे में है भारतीय मातृभाषाएँ
Updated: December 23, 2011
किसी भी भाषा का प्राथमिक कार्य होता है संचार को बरकरार रखना। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी भाषा को और अधिक समृद्ध करके…
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समानांतर मीडिया स्थापित करे राजनीतिक दल
Updated: December 23, 2011
बहुत दिनों के बाद पत्रकारों के बारे में एक अच्छी बात पढऩे को मिली थी। एक अखबार में किसी पत्रकार के बारे में छपा था…
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श्री राजेंद्र यादव के नाम एक खुला पत्र
Updated: September 2, 2012
आदरणीय श्री राजेंद्र यादव जी, परनाम साहित्य के इस तथाकथित असार संसार में ‘हंस’ को पढ़ने/देखने के, ‘जाकि रही भावना जैसी, प्रभु मूरति देखी तिन…
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व्यंग्य: क्या करें, ये मास्टर मानते ही नहीं…
Updated: December 23, 2011
क्या करें साब! ये लोग तो ऐसे नाक-भौं सिंकोड़ रहे हैं, जैसे बहुत बड़ी बात हो गई हो। शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों पर लाठी…
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धार्मिकता का विपरीत नहीं है धर्मनिरपेक्षता
Updated: December 23, 2011
साधारणतयाः हम यह समझते है कि धर्मिकता का विपरीत धर्मनिरपेक्षता है, परन्तु यह सही नहीं हैं। चलिये पहले कुछ शब्दों की व्याख्या कर लें ताकि…
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पत्रकारिता का गिरता स्तर
Updated: December 26, 2011
पत्रकार यानि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ। जब हम या आप पत्रकार शब्द सुनते है तो हमारे मन में जो तस्वीर या छवि सामने उभरती है…
Read moreव्यंग्य/कुछ कहिए प्लीज!!
Updated: December 23, 2011
भाई जी, अब आप से छुपाना क्या! हम तो ठहरे जन्मजात दुर्बल! शादी से पहले और शादी के बाद बहुत कोशिश की कि दुर्बलता से…
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