समाज यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म

यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म

वास्तव में यह अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि जिस मां ने नौ महीने गर्भ में रखकर संतान को जीवन दिया, जिसने अपना रक्त, ममता और त्याग…

Read more
राजनीति प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की सफल यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की सफल यात्रा

प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई ) नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा संपन्न हो चुकी है। पश्चिमी…

Read more
लेख अलनीनो से प्रभावित होने के बाद भारत के पास क्या इंतजाम ?  

अलनीनो से प्रभावित होने के बाद भारत के पास क्या इंतजाम ?  

सौरभ वार्ष्णेयदुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच अलनीनो एक बार फिर भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।…

Read more
विश्ववार्ता पाकिस्तान अब नहीं बचा पाएगा अपना कोई भी आतंकी

पाकिस्तान अब नहीं बचा पाएगा अपना कोई भी आतंकी

पुलवामा आतंकी हमले का साजिशकर्ता और भारत में कई आतंकी हमलों में वाछित अल बदर मुजाहिदीन का आपरेशनल कमांडर अर्जमंद गुलजार उर्फ़ हमजा बुरहान पाकिस्तान…

Read more
लेख मूक जीवों के लिए करुणा का संकल्प: यह हमारी सनातन भारतीय संस्कृति का अहम् हिस्सा !

मूक जीवों के लिए करुणा का संकल्प: यह हमारी सनातन भारतीय संस्कृति का अहम् हिस्सा !

मूक जीवों के लिए करुणा का संकल्प

Read more
राजनीति सम्पन्न परिवारों को आरक्षण का लाभ कब तक?

सम्पन्न परिवारों को आरक्षण का लाभ कब तक?

सम्पन्न परिवारों को आरक्षण का लाभ

Read more
राजनीति ट्रांसजेंडरों के लिए आवंटित धन के बंटवारे में कंजूसी क्यों?

ट्रांसजेंडरों के लिए आवंटित धन के बंटवारे में कंजूसी क्यों?

ट्रांसजेंडरों के लिए आवंटित धन

Read more
विश्ववार्ता ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य : क्या सच में हमारे बीच आ चुके हैं एलियंस?

ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य : क्या सच में हमारे बीच आ चुके हैं एलियंस?

अमेरिकी सरकार द्वारा धीरे-धीरे इन फाइलों को सार्वजनिक करना (Soft Disclosure) इस बात का संकेत है कि वे दुनिया को किसी बड़े सच के लिए…

Read more
समाज एक आसन्न वैश्विक महासंकट की आहट और भविष्य की अंतिम आशा

एक आसन्न वैश्विक महासंकट की आहट और भविष्य की अंतिम आशा

गौधन (The Cownomics) एवंरूफटॉप फार्मिंग

Read more
व्यंग्य हाँ, मैं सरकारी बाबू के रूप में कॉकरोच हूँ

हाँ, मैं सरकारी बाबू के रूप में कॉकरोच हूँ

कॉकरोच अँधेरे में पनपता है। सरकारी बाबू अस्पष्टता में। जितना कम स्पष्ट नियम होगा, उतनी अधिक हमारी शक्ति होगी। यदि नियम सरल हो जाएँ तो…

Read more
राजनीति डिजिटल युग में लोकतांत्रिक असहमति का नया स्वर

डिजिटल युग में लोकतांत्रिक असहमति का नया स्वर

सोशल मीडिया पर यह धारणा तेजी से फैली कि बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की गई है। यद्यपि बाद में इस टिप्पणी के संदर्भ…

Read more
पर्यावरण अब तो रातें भी नहीं ठंडी, क्यों हो गई है भारत की गर्मी और खतरनाक

अब तो रातें भी नहीं ठंडी, क्यों हो गई है भारत की गर्मी और खतरनाक

भारत की गर्मी

Read more