राजनीति सामाजिक समरसता का केंद्र बने संत रविदास मंदिर

सामाजिक समरसता का केंद्र बने संत रविदास मंदिर

– लोकेन्द्र सिंह (लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार हैं।) भारत को कमजोर करने के लिए जातीय द्वेष बढ़ाने में अनेक ताकतें सक्रिय हैं। उनके निशाने पर विशेषकर…

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कला-संस्कृति भारतीय परंपरा, संस्कृति और विचार की सच्ची प्रतीक और संवाहक रही है संस्कृत।

भारतीय परंपरा, संस्कृति और विचार की सच्ची प्रतीक और संवाहक रही है संस्कृत।

भले ही आज के युग में संस्कृत को एक ‘मृत भाषा’ की संज्ञा दे दी गई है लेकिन संस्कृत ही आज दुनिया की एकमात्र ऐसी…

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आर्थिकी भारतीय रिजर्व बैंक ने नहीं बढ़ाई ब्याज दर

भारतीय रिजर्व बैंक ने नहीं बढ़ाई ब्याज दर

वैश्विक स्तर पर आर्थिक विकास की तुलना में मुद्रास्फीति को दी जा रही है प्राथमिकता आज विश्व के समस्त देश आर्थिक विकास के एजेंडा पर कम…

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महत्वपूर्ण लेख नयी विश्व संरचना में युवकों की भागीदारी हो

नयी विश्व संरचना में युवकों की भागीदारी हो

अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस, 12 अगस्त 2023 पर विशेष – ललित गर्ग – युवा किसी भी देश का वर्तमान और भविष्य हैं। वो देश की नींव हैं,…

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लेख बच्चों को कुपोषण मुक्त बनता आंगनबाड़ी केंद्र

बच्चों को कुपोषण मुक्त बनता आंगनबाड़ी केंद्र

भावनालूणकरणसरबीकानेर, राजस्थान आज़ादी के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश जिन चुनौतियों का सामना कर रहा था उनमें बच्चों में कुपोषण की समस्या भी एक…

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कला-संस्कृति विश्व में अव्वल है बस्तरिया कला- शिल्प !

विश्व में अव्वल है बस्तरिया कला- शिल्प !

डॉ राजाराम त्रिपाठी उल्लेखनीय है कि बस्तर का आदिम  बुनकर, घड़वा, वादक समुदाय जो कि मुख्य रूप से गांडा समुदाय तथा  लौह कला से संबद्ध…

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पर्यावरण मॉनसून और अल-नीनो के रिश्तों में कहीं बढ़ी गर्मी तो कहीं पड़ी ठंड

मॉनसून और अल-नीनो के रिश्तों में कहीं बढ़ी गर्मी तो कहीं पड़ी ठंड

मानसून बारिश और अल-नीनो नाम की समुद्री तरंग में वैसे तो गहरा नाता रहा है हमेशा, मगर भारत के विभिन्‍न क्षेत्रों में पिछली सदी के…

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लेख पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता

पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता

भारती देवी पुंछ, जम्मू पिछले महीने जुलाई को धरती का अब तक का सबसे गर्म महीने के रूप में रिकॉर्ड किया गया है. एक तरफ जहां…

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लेख बलिदानियों ने दिखाई है राह उन्हें आजादी से उड़ने की।

बलिदानियों ने दिखाई है राह उन्हें आजादी से उड़ने की।

शहीद-ए-आजम भगतसिंह जी ने क्या शानदार लिखा है -‘मेरे जज्बातों से इस कदर वाकिफ हैं मेरी कलम मैं इश्क भी लिखना चाहूँ तो भी, इंकलाब…

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पर्यावरण जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कुछ करने को सक्षम हम आखिरी पीढ़ी हैं

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कुछ करने को सक्षम हम आखिरी पीढ़ी हैं

जलवायु परिवर्तन से निपटने की जितनी तात्कालिकता आज के दौर में महसूस होती है, उतनी पहले कभी नहीं रही। और वक़्त के साथ इस विषय…

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लेख वृद्धाश्रमों का बढ़ता चलन चिंताजनक है

वृद्धाश्रमों का बढ़ता चलन चिंताजनक है

हरीश कुमार पुंछ, जम्मू भारत भूमि के संस्कारों ने हमेशा बड़े बुजुर्गों को सम्मान दिलाया है. हमारी संस्कृति यह सिखाती है कि बड़ों की इज्जत करो…

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राजनीति मेरी माटी, मेरा देश : अमृतकाल से आजादी की शताब्दी की ओर 

मेरी माटी, मेरा देश : अमृतकाल से आजादी की शताब्दी की ओर 

मनोज कुमार 9 अगस्त से आरंभ हो रहे इस ‘मेरा माटी, मेरा देश’ अभिनव उत्सव अमृतकाल के समापन की बेला नहीं है बल्कि यह आजादी…

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