कौन सुनेगा श्रमिक महिलाओं का दर्द?
Updated: April 4, 2023
वंदना कुमारीमुजफ्फरपुर, बिहार भारत की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड खेती-किसानी और मजदूरी है. यदि खेती नहीं हो, तो आदमी खाएगा क्या? आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021-22 के…
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पुस्तक समीक्षा: राजभाषा हिंदी के नवोन्मेषी आयाम
Updated: April 6, 2023
आजादी के अमृत महोत्सव के सुअवसर पर राष्ट्र व राष्ट्रभाषा हिंदी की अस्मिता को सर्वोपरि मान, हिंदीत्तर भाषी प्रदेश महाराष्ट्र के नाशिक जिले में कार्यरत…
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महावीर को जीवन का हिस्सा बनाएं, जीवन में ढालें
Updated: April 3, 2023
महावीर जयन्ती- 4 अप्रैल, 2023ललित गर्ग भगवान महावीर सामाजिक एवं व्यक्तिक्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर का दर्शन अहिंसा और समता का ही दर्शन नहीं…
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बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं हनुमान
Updated: April 3, 2023
हनुमान जयन्ती- 6 अप्रैल 2023 पर विशेष– ललित गर्ग – आधुनिक समय के सबसे जागृत, सिद्ध, चमत्कार घटित करने वाले एवं अपने भक्तों के दुःखों…
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सवेदनाओं का सूचक है आरिफ और सारस की प्रेम कहानी
Updated: April 3, 2023
डॉ. शंकर सुवन सिंह संवेदना एक ऐसी अनुभूति है, जो दूसरों के दर्द को अपना बना देती है। दर्द दूसरों को होता है, पर प्राण…
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दक्षिण में हिन्दी-विद्वेष की राजनीति कब तक?
Updated: April 3, 2023
– ललित गर्ग- दक्षिण भारत में हिन्दी का विरोध करके राजनीति चमकाने की कुचेष्टाएं होती रही हैं। वहां राजनीतिज्ञ अपना उल्लू सीधा करने के लिये…
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आह! इंदौर, वाह…इंदौरी
Updated: April 3, 2023
मनोज कुमारइंदौर में मौत की बावड़ी से धडक़न टूटने की गिनती हो रही है। सबके अपने सूत्र, सबके अपने आंकड़ेें। पलकें नम हो गई हैं।…
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समाज के ताने बाने से खिलवाड़ करती ‘हेट स्पीच’
Updated: April 3, 2023
साम्प्रदायिक एजेंट अक्सर चुनावी लाभ के लिए धर्म के नाम पर लोगों का ध्रुवीकरण करने के लिए हेट स्पीच का उपयोग करते हैं। साम्प्रदायिक घृणा…
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धर्म एवं राजनीति का घालमेल घातक है
Updated: April 3, 2023
ललित गर्ग धर्म और राजनीति के घालमेल से समाज एवं राष्ट्र में उन्माद, अराजकता एवं अशांति पैदा हो रही है, राजनीति धर्म का बेजा इस्तेमाल…
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नफरती सोच एवं हेट स्पीच पर न्यायालय की सख्ती
Updated: April 3, 2023
ललित गर्ग राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर रहे जहरीले भाषणों की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। संकीर्णता एवं साम्प्रदायिकता का…
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पुरस्कारों का बढ़ता बाजार
Updated: April 3, 2023
पुरस्कारों के बढ़ते बाजार के में देने और लेने वाले दोनों की भूमिका है। देने वाले अपने आप खत्म हो जायेंगे अगर लेने वाले न…
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भगवान महावीर एक कालातीत संस्कृति
Updated: April 3, 2023
– : समणी स्वर्णप्रज्ञा :- भारतीय संस्कृति ऋषि और कृषि प्रधान संस्कृति रही है। समय-समय पर विभिन्न ऋषियों, मुनियों संन्यासियों और पैगम्बरों ने अवतार लेकर…
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