कविता जीव ही जीव के जन्म मृत्यु का कारण होता

जीव ही जीव के जन्म मृत्यु का कारण होता

—विनय कुमार विनायकतुम जिसे देखते होजरुरी नहीं कि वह वही होजिसे तुमने अभी-अभी देखाएक नन्हे शिशु के रूप मेंहो सकता है पिछली बारजब तुमने उसे…

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लेख भारत का वास्तविक राष्ट्रपिता कौन ? श्रीराम या ……. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा : भगवान श्रीराम

भारत का वास्तविक राष्ट्रपिता कौन ? श्रीराम या ……. सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा : भगवान श्रीराम

राक्षसों के संहारक बनो शूर्पणखा का कार्य अनैतिक और अनुचित था। जिसके अनुचित और अनैतिक कार्य का सही फल लक्ष्मण जी ने उसे दे दिया…

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प्रवक्ता न्यूज़ अविद्या व अन्धविश्वास दूर किये बिना मनुष्य जाति का कल्याण सम्भव नहीं

अविद्या व अन्धविश्वास दूर किये बिना मनुष्य जाति का कल्याण सम्भव नहीं

-मनमोहन कुमार आर्यअविद्या, अज्ञान व अन्धविश्वास ये सभी शब्द व इनसे उत्पन्न धार्मिक व सामाजिक प्रथायें परस्पर पूरक व एक दूसरे पर आश्रित हैं। यदि…

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कविता हिन्दुत्व को समझो जिसमें सत्य अहिंसा दया है

हिन्दुत्व को समझो जिसमें सत्य अहिंसा दया है

—विनय कुमार विनायकवो हिन्दुत्व को क्या जाने व समझेंगे,जो पूर्वाग्रह में जीते और दुराग्रही होते,जो आक्रांताओं की हमेशा तारीफ करते,यह जानकर भी कि उन आक्रांताओं…

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राजनीति हबीब गंज रेलवे स्टेशन V/S रानी कमलापति रेलवे स्टेशन

हबीब गंज रेलवे स्टेशन V/S रानी कमलापति रेलवे स्टेशन

भोपाल में बने भारत के सबसे हाईटेक रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रेलवे स्टेशन हो गया है। पहले इसका नाम हबीबगंज रेलवे स्टेशन हुआ…

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राजनीति देशव्यापी हुआ अश्लीलता का कारोबार

देशव्यापी हुआ अश्लीलता का कारोबार

संदर्भः बाल यौन शोषण मामले में 14 राज्यों में 76 ठिकानों पर सीबीआई के छापेप्रमोद भार्गव बच्चों के यौन शोषण और उससे संबंधित सामग्री को…

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लेख मासूम बच्चों पर अपराध का बढ़ता दायरा

मासूम बच्चों पर अपराध का बढ़ता दायरा

-ललित गर्ग-राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़े के अनुसार देश में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों में 2019 की तुलना में 2020 में चार…

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लेख स्मृति शेष: मन्नू भंडारी की ‘एक इंच मुस्कान’

स्मृति शेष: मन्नू भंडारी की ‘एक इंच मुस्कान’

मन्नू भंडारी का खालीपन हिंदी साहित्य कभी भर नहीं पाएगा। मन्नू को हम जाने से रोक नहीं सकते थे, क्योंकि यहीं जीवन का सत्य है…

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लेख पुरुष प्रधान समाज की वीभत्स कल्पना है भूतनी या चुड़ैल

पुरुष प्रधान समाज की वीभत्स कल्पना है भूतनी या चुड़ैल

निर्मल रानीपिछले दिनों भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी ने देश की अनेक हस्तियों को देश के सबसे बड़े एवं प्रमुख पदम् पुरस्कारों से नवाज़ा।…

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लेख बंकिम की लेखनी, तिलक की परिकल्पना, सावरकर की जीवन पद्धति, अटल की कविता का आधार, आतंकवाद नहीं ये है हिंदुत्व का सार

बंकिम की लेखनी, तिलक की परिकल्पना, सावरकर की जीवन पद्धति, अटल की कविता का आधार, आतंकवाद नहीं ये है हिंदुत्व का सार

अभिनय आकाश वर्तमान राजनीतिक विर्मश में जिन्‍हें ‘हिंदुत्व’ का जनक कहा जाता है। भारत में ‘हिंदुत्व की विचारधारा को वीर सावरकर से जोड़ा जाता रहा…

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कविता जातिवादियों में न्यायिक चरित्र नहीं होता

जातिवादियों में न्यायिक चरित्र नहीं होता

—विनय कुमार विनायकजातिवादियों में न्यायिक चरित्र नहीं होता,जातिवादी जन शुभसंस्कार से रिक्त होता! जातिवादी भाई भतीजावाद में लिप्त होता,जातिवादी जन दूसरों को हकवंचित करता! जातिवादी…

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कविता आह्वान

आह्वान

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