लेख पक्षियों के जादूई संसार पर बर्ड फ्लू का कहर

पक्षियों के जादूई संसार पर बर्ड फ्लू का कहर

-ललित गर्ग- देश के अनेक राज्यों में एक बड़ा संकट बर्ड फ्लू के रूप में कहर बरपा रहा है। जिसके कारण सैकड़ों पक्षियों का मरना…

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विश्ववार्ता अमेरिका का आदर्श लोकतंत्र हुआ ध्वस्त

अमेरिका का आदर्श लोकतंत्र हुआ ध्वस्त

प्रमोद भार्गव दुनिया के सबसे सफल माने जाने वाले लोकतंत्र में अराजकता का साम्राज्य निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्पष्ट हार के बावजूद हिलोरें मार…

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विश्ववार्ता कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ की चीन को क्‍लीन चिट देने की तैयारी

कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ की चीन को क्‍लीन चिट देने की तैयारी

डॉ. मयंक चतुर्वेदी कोरोना की उत्पत्ति कहां से हुई, यह वायरस आखिर कहां से आया ? इस बात की जांच करने के लिए डब्ल्यूएचओ की एक एक्सपर्ट टीम…

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विश्ववार्ता अपने ही देश को तबाह व कलंकित करने वाले शासक

अपने ही देश को तबाह व कलंकित करने वाले शासक

तनवीर जाफ़रीपूरी दुनिया अमेरिका को विश्व के सबसे शक्तिशाली,सामर्थ्यवान व सभ्य देश के रूप में जानती है। यहां की लोकत्रांतिक व्यवस्था तथा अमेरिकी विदेश नीतियों…

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धर्म-अध्यात्म अविद्या से सर्वथा रहित तथा सत्य ज्ञान से पूर्ण ग्रन्थ है सत्यार्थप्रकाश

अविद्या से सर्वथा रहित तथा सत्य ज्ञान से पूर्ण ग्रन्थ है सत्यार्थप्रकाश

-मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य चेतन एवं अल्पज्ञ सत्ता है। इसका शरीर जड़ पंच–भौतिक पदार्थों से परमात्मा द्वारा बनाया व प्रदान किया हुआ है। परमात्मा…

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विश्ववार्ता भारत का भारत से साक्षात्कार कराने वाले अद्भुत संत- स्वामी विवेकानंद

भारत का भारत से साक्षात्कार कराने वाले अद्भुत संत- स्वामी विवेकानंद

यह कहना अनुचित नहीं होगा कि जहाँ आदि शंकराचार्य ने संपूर्ण भारतवर्ष को सांस्कृतिक एकता के मज़बूत सूत्र में पिरोया, वहीं स्वामी विवेकानंद ने आधुनिक…

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धर्म-अध्यात्म सृष्टि में नियम व व्यवस्था ईश्वर के होने का संकेत करते हैं

सृष्टि में नियम व व्यवस्था ईश्वर के होने का संकेत करते हैं

-मनमोहन कुमार आर्य                 संसार में स्थूल व सूक्ष्म दो प्रकार के पदार्थ होते हैं। स्थूल पदार्थों को सरलता से देखा जा सकता है। इसी…

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कविता राम चरित्र में सभी धर्मों का सार

राम चरित्र में सभी धर्मों का सार

—विनय कुमार विनायकराम नहीं तो हम नहींराम ईश्वर से कम नहीं!राम नाम के जपने सेहोती जीवन नैया पार,राम हैं ईश्वर के अवतार! राम हैं तो…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य को सद्धर्म एवं देश हित का विचार कर सभी कार्य करने चाहियें

मनुष्य को सद्धर्म एवं देश हित का विचार कर सभी कार्य करने चाहियें

–मनमोहन कुमार आर्य                 हम मनुष्य कहलाते हैं। हमारी पहचान दो पैर वाले पशु के रूप में होती है। परमात्मा ने पशुओं को चार पैर…

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कविता इस धुली चदरिया को धूल में ना मिलाना

इस धुली चदरिया को धूल में ना मिलाना

—विनय कुमार विनायकचेहरे पे अहं, मन में बहम,कहां गया तेरा वो भोलापन,कुछ तो चीन्हे-चीन्हे से लगते हो,कुछ लगते हो तुम बेगानेपन जैसे! चेहरे की वो…

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कविता ज्ञान तो आ गया, पर विवेक अधर में

ज्ञान तो आ गया, पर विवेक अधर में

—विनय कुमार विनायकज्ञान तो आ गया, पर विवेक अधर में,ऐसे पातक का उद्धार कहां है जग में! रावण था ज्ञानी पर विवेक नहीं मन में,ऐसे…

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धर्म-अध्यात्म जीवात्मा का जन्म-मरण वा आवागमन अनादि काल से चल रहा है

जीवात्मा का जन्म-मरण वा आवागमन अनादि काल से चल रहा है

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जन्म व मरण भोग एवं अपवर्ग की प्राप्ति के लिए प्राप्त एक सुअवसर होता है। यह अवसर सनातन, शाश्वत, अनादि व नित्य…

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