राजनीति सामाजिक समरसता के प्रतीक थे डॉ.अम्बेडकर

सामाजिक समरसता के प्रतीक थे डॉ.अम्बेडकर

डॉ.शंकर सुवन सिंह सत्य का ज्ञान होना ही बुद्धत्व है। बुद्ध बनना ही बोधिसत्व के जीवन की पराकाष्ठा है। बुद्धत्व प्राप्त करने वालों को बोधिसत्व…

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धर्म-अध्यात्म सृष्टि में मनुष्य व अन्य प्राणियों का जन्म क्यों होता आ रहा है?

सृष्टि में मनुष्य व अन्य प्राणियों का जन्म क्यों होता आ रहा है?

-मनमोहन कुमार आर्यहम संसार में जन्में हैं। हमें मनुष्य कहा जाता है। मनुष्य शब्द का अर्थ मनन व चिन्तन करने वाला प्राणी है। संसार में…

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समाज क्‍या जतिवाद के भंवर से निकल पायेगा सिरपुर का बौद्ध विरासत?

क्‍या जतिवाद के भंवर से निकल पायेगा सिरपुर का बौद्ध विरासत?

संजीव खुदशाह  डॉक्टर अंबेडकर ने जातिवाद / शोषणकारी हिंदू धर्म से छुटकारा पाने के लिए वंचित तबके को बौद्ध धर्म का रास्ता दिखाया और खुद…

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धर्म-अध्यात्म वेदों पर आधारित वैदिक धर्म मानव धर्म का पयार्य है

वेदों पर आधारित वैदिक धर्म मानव धर्म का पयार्य है

-मनमोहन कुमार आर्य                 सभी प्राणी योनियों में मनुष्य योनि श्रेष्ठ है और सभी प्राणियों में मनुष्य सबसे श्रेष्ठ प्राणी है। मनुष्य ज्ञान अर्जित कर…

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राजनीति न्यायिक व्यवस्था में मिसाल बनेंगे न्यायमूर्ति रमना!

न्यायिक व्यवस्था में मिसाल बनेंगे न्यायमूर्ति रमना!

कई महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर चर्चित रहे हैं जस्टिस रमना– योगेश कुमार गोयलमहामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की स्वीकृति के बाद न्यायमूर्ति नथालापति वेंकट रमना भारत…

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व्यंग्य “खेला होबे “

“खेला होबे “

पूर्वी भारत से हमारे राम जय बाबू पधारे । मैंने उनको रोसगुल्ला देकर कहा- “राम राम  राम जय  बाबू “।जय राम बाबू चिहुंक उठे ,पसीना -पसीना…

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कला-संस्कृति वर्ष प्रतिपदा ही भारत का नव वर्ष

वर्ष प्रतिपदा ही भारत का नव वर्ष

सुरेश हिन्दुस्थानीवर्तमान भारत में जिस प्रकार से सांस्कृतिक मूल्यों का क्षरण हुआ है, उसके चलते हमारी परंपराओं पर भी गहरा आघात हुआ है। यह सब…

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कविता कलाइयों पर ज़ोर देकर ?

कलाइयों पर ज़ोर देकर ?

लोगइतने सारे लोगजैसे लगा होलोगो का बाजारजहां ख़रीदे और बेचेजाते है लोगकुछ बेबस,कुछ लाचारलेकिन सब हैहिंसक, जो चीखना चाहते हैज़ोर से, लेकिनभींच लेते है अपनीमुट्ठियां…

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कविता हे राम…

हे राम…

राम तुम वन में रहो!राम तुम कौशल्या की कोख़ में रहो!राम तुम पिता के स्वभिमान में रहो!राम तुम सीता के तन-मन में रहो!राम तुम लक्ष्मण…

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राजनीति दलित मसीहा एवं क्रांतिकारी महामानव : भीमराव आम्बेडकर

दलित मसीहा एवं क्रांतिकारी महामानव : भीमराव आम्बेडकर

डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयन्ती- 14 अप्रैल, 2021 ललित गर्ग-दुुनिया-जहान और विशेषतः भारत की परिस्थितियों को एक संतुलित, भेदभावरहित एवं समतामूलक समाज की निगाह से देखने…

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लेख ज्योतिबा का संवाद संदेश एवं कर्म दीपशिखा बने

ज्योतिबा का संवाद संदेश एवं कर्म दीपशिखा बने

महात्मा ज्योतिबा फुले जन्म जयन्ती- 11 अप्रैल, 2021 ललित गर्ग- ‘मनुष्य जाति एक है’ इस आदर्श को आचरण तक लाने एवं अस्पृश्यता के संस्कारों को…

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राजनीति मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना :  शाहजहां की हिंदू विरोधी नीति

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना : शाहजहां की हिंदू विरोधी नीति

शाहजहाँ की हिन्दू विरोधी नीति जहाँगीर के बाद उसके पुत्र शाहजहाँ ने उसकी विरासत को संभाला । शाहजहाँ के शासनकाल में को भारत के कई…

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