विश्ववार्ता स्वत्व , समाज व विश्व!

स्वत्व , समाज व विश्व!

हर समूह या समाज में हमें कुछ उत्तरदायित्वों व अनुशासनों को निभाना होता है। बीच में काफ़ी भटकाव आते हैं पर हमें उन्हें पार करना…

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लेख इसलिए कि शायद वह हथीनी थी ?

इसलिए कि शायद वह हथीनी थी ?

                       प्रभुनाथ शुक्ल  दुनिया की दो घटनाएँ हमें विचलित करती हैं और इंसान की सोच…

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कविता अगर तुमसे प्यार न किया होता

अगर तुमसे प्यार न किया होता

अगर तुमसे प्यार न किया होता।तुम्हारा इतना इंतजार न किया होता।। अगर मिलना न होता मुझे तुमसे।तुमसे इतना इकरार न किया होता।। इस दिल को…

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पर्यावरण मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है प्रकृति

मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है प्रकृति

मानव प्रकृति का हिस्सा है|प्रकृति व मानव  एक दूसरे के पूरक हैं |प्रकृति के बिना मानव  की परिकल्पना नहीं की जा सकती|प्रकृति दो शब्दों से…

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आलोचना मैंने तुम पर भरोसा किया, तुमने किया विश्वासघात।

मैंने तुम पर भरोसा किया, तुमने किया विश्वासघात।

डॉo सत्यवान सौरभ,  आदमी अपने जीवन काल में क‍िसी न क‍िसी जानवर को पानी प‍िलाता ही है या क‍िसी न क‍िसी रूप में उसे खाना देता…

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राजनीति मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग – 1

मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग – 1

अक्टूबर 2017 में बीबीसी ने उपरोक्त शीर्षक से एक समीक्षा भारत के इतिहास के संबंध में प्रस्तुत की थी । जिसमें उसने यह स्थापित करने…

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राजनीति मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग — 2

मुस्लिम शासक भारत के लिए धब्बा या गौरव ? भाग — 2

जावेद अख्तर सुनो ! सावरकर की वाणी जिस समय बीबीसी ने अपना उपरोक्त समीक्षात्मक परन्तु भ्रमात्मक लेख प्रकाशित किया था उसी समय इन विवादों के…

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धर्म-अध्यात्म हम मनुष्य कहलाते हैं परन्तु क्या मनुष्य बनने का प्रयत्न करते हैं?

हम मनुष्य कहलाते हैं परन्तु क्या मनुष्य बनने का प्रयत्न करते हैं?

-मनमोहन कुमार आर्य                मनुष्य स्वयं को मनुष्य कहता है परन्तु मनुष्य किसे कहते हैं, इस पर वह कभी विचार नहीं करता। हमारे वैदिक विद्वान…

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लेख जीवों पर दया नहीं तो सबकुछ है बेकार

जीवों पर दया नहीं तो सबकुछ है बेकार

संजय सक्सेना केरल में अनानास (फल) के भीतर विस्फोट रखकर एक गर्भवती हथिनी को मौत के घाट उतार दिए जाने की खबर से पूरा देश…

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लेख ज्योति के हौसलों को पंख

ज्योति के हौसलों को पंख

श्याम सुंदर भाटियायह एक साधारण बेटी की असाधारण कहानी है। जोश , जुनून और फौलादी मंसूबों से लबरेज है। 15 बरस की इस लड़की की…

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लेख खाद्य सुरक्षा अब और भी ज्यादा जरूरी

खाद्य सुरक्षा अब और भी ज्यादा जरूरी

प्रियंका सौरभ रोटी, कपड़ा और मकान को मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताएं कहा जाता है। इन मूलभूत आवश्यकताओं की आवश्यकता को पूरा करने के लिए इंसान बहुत…

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राजनीति भारत और चीन के संबंध बिगाड़ने में दलाईलामा का भी है महत्वपूर्ण योगदान

भारत और चीन के संबंध बिगाड़ने में दलाईलामा का भी है महत्वपूर्ण योगदान

चीन का इतिहास एक बहुत ही कमजोर देश का इतिहास रहा है बहुत कम ऐसे युद्ध रहे हैं जिन्हें चीन ने जीता हो । मंगोलिया…

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