विश्ववार्ता कोरोना महामारी और भारत

कोरोना महामारी और भारत

आज कोरोना के कहर से सम्पूर्ण विश्व त्राहि त्राहि कर रहा है| यह एक अभूतपूर्व संकट है क्योंकि इससे पहले किसी भी महामारी ने एक…

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विश्ववार्ता कोरोना महामारी: चुनौतियाँ और अवसर

कोरोना महामारी: चुनौतियाँ और अवसर

आज विश्व के लगभग सभी देश कोविड-19 वायरस की चपेट में हैं | कोरोना वायरस भयंकर महामारी बन चुका है | वर्तमान चिकित्सा जगत के…

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विविधा देशप्रेम की साकार और व्यावहारिक अभिव्यक्ति है स्वदेशी

देशप्रेम की साकार और व्यावहारिक अभिव्यक्ति है स्वदेशी

– लोकेन्द्र सिंह मुझे आज तक एक बात समझ नहीं आई कि कुछ लोगों को स्वदेशी जैसे अनुकरणीय, उदात्त और वृहद विचार का विरोध क्यों…

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दोहे बिन खोदे, कुरेदे औ कसे!

बिन खोदे, कुरेदे औ कसे!

बिन खोदे, कुरेदे औ कसे, वे ही तो रहे; आशा औ निराशा की फसल, वे ही थे बोए! हर सतह परत पर्दा किए, प्राण पखारे; प्रणिपात किए शून्य रखे, स्वर्णिम धारे! दहका औ महका अस्मिता की, डोर सँभाले; डर स्वान्त: सुशान्त किए, द्वारे निहारे!  बीमारी कोई कहाँ रही, तयारी रही; मानव के मन की प्रीति श्रीति, खुमारी रही! ‘मधु’ वाद्य यंत्र तार तरासे औ तराजे; उर उसासों में वे थे रहे, राग रसाए!  ✍? गोपाल बघेल ‘मधु’

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कला-संस्कृति पान-बताशे से प्रसन्न होने वाले विवाहों के देवता-हरदौल लाला

पान-बताशे से प्रसन्न होने वाले विवाहों के देवता-हरदौल लाला

आत्माराम यादव पीवलोक कथाओं में नियतिप्रधान, व्यक्तिप्रधान, समाजप्रधान एवं जातिप्रदान विशेषणों का आधिक्य देखने को मिलता है। कुछ रचनायें व्यक्तिविशेष के माध्यम से उत्पन्न होती है तो…

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प्रवक्ता न्यूज़ मंगलायतन विश्वविद्यालय और उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “महामारी के समय मीडिया की भूमिका” विषय पर वेबिनार का सफल आयोजन

मंगलायतन विश्वविद्यालय और उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “महामारी के समय मीडिया की भूमिका” विषय पर वेबिनार का सफल आयोजन

A webinar on the Topic “Role of Media in the times of Epidemic” successfully organised by Mangalayatan University, Aligarh & Usha Martin University, Ranchi on…

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विश्ववार्ता 21वीं सदी में ‘बचपन’

21वीं सदी में ‘बचपन’

डा. प्रदीप श्याम रंजन 21वीं सदी अपनी पूरी शक्ति से गतिमान है और इस वेग के बहाव में कई चीजें चाहे-अनचाहे अपना स्वरुप परिवर्तित कर…

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कविता प्रायश्चित

प्रायश्चित

मानव रचना का महत् कार्य कर, सृष्टि निरख हो कर प्रसन्न ,अति तुष्टमना सृष्टा ने मायामयि सहचरि के साथ मग्न.देखा कि मनुज हो सहज तृप्त…

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लेख शराब के ठेके: नशा मुक्त भारत के सुनहरे अवसर का चूकना

शराब के ठेके: नशा मुक्त भारत के सुनहरे अवसर का चूकना

      आज पूरी दुनिया कोरोने  नामक महामारी से जूझ रही हैं, और इसी की वजह से पूरी दुनिया में मौतों का सिलसिला थमने का नाम…

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पर्यावरण प्रकृति की ओर एक कदम

प्रकृति की ओर एक कदम

 प्रकृति सदियों से ही मनुष्य के आध्यात्मिक व सांसारिक जीवन के लिए ही एक प्रेरणा साबित हुई है हमारी विचारधारा, हमारी जीवन-शैली में बदलाव हो…

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लेख अधिकार से पहले कर्तव्य , अध्याय — 3 , माता पिता के प्रति हम क्यों बने सेवाभावी ?

अधिकार से पहले कर्तव्य , अध्याय — 3 , माता पिता के प्रति हम क्यों बने सेवाभावी ?

  माँ का हमारे जीवन में अति महत्वपूर्ण स्थान है । माँ के बिना हमारे जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती । माँ है…

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राजनीति कोरोना के बहाने आइए अपने असल संकटों पर विचार करें

कोरोना के बहाने आइए अपने असल संकटों पर विचार करें

देश के दुखों की नदी में तैरते सवाल -प्रो. संजय द्विवेदी   कोरोना संकट के बहाने भारत के दुख-दर्द,उसकी जिजीविषा, उसकी शक्ति, संबल, लाचारी, बेबसी,…

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