कविता बस करो बस की सियासत को ।

बस करो बस की सियासत को ।

बस करो बस की सियासत को,और न बढ़ाओ इस आफत को।मजदूर पहले से ही परेशान है,और न कम करो उसकी हिम्मत को।। बेबस था पहले…

Read more
लेख स्वदेशी आंदोलन के अग्रणी महानायक राष्ट्रवादी दिव्यद्रष्टा बिपिन चन्द्र पाल

स्वदेशी आंदोलन के अग्रणी महानायक राष्ट्रवादी दिव्यद्रष्टा बिपिन चन्द्र पाल

दीपक कुमार त्यागी हमारे देश की आजादी में ‘गरम दल’ के ‘लाल-बाल-पाल’ की मशहूर तिकड़ी की बहुत ही अहम भूमिका मानी जाती है, इस महान…

Read more
लेख हिंदी का पहला ‘ध्वनि व्याकरण’

हिंदी का पहला ‘ध्वनि व्याकरण’

■लेखक : डॉ. सदानंद पॉल जब मैंने 2000-2001ई. में हिंदी शब्द ‘श्री’ को 2,05,00,912 तरीके से लिखा । मूलरूप से उनमें 30,736 (कैलीग्राफी सहित) शब्दों…

Read more
राजनीति क्या महात्मा गाँधी की असली जन्मतिथि 13 सितंबर 1868 है ?

क्या महात्मा गाँधी की असली जन्मतिथि 13 सितंबर 1868 है ?

■ डॉ. सदानंद पॉल आज से 13 साल पहले मैंने स्व0 देवकीनन्दन सिंह की पुस्तक ‘ज्योतिष- रत्नाकर’ (पृष्ठ संख्या- 979 से 985 तक/ पुनर्मुद्रण वर्ष-…

Read more
विविधा आत्‍मनिर्भर के मायने गलत न निकलें

आत्‍मनिर्भर के मायने गलत न निकलें

लिमटी खरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा आत्म निर्भर बनने की बात पर जोर दिया गया है। लोग आत्म निर्भरता को अपने अपने तरीके से…

Read more
राजनीति पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे राजनीतिक दलों पर लगनी चाहिए रोक

पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे राजनीतिक दलों पर लगनी चाहिए रोक

डोमिसाइल एक्ट मोदी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि , केन्द्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर के पंडितों के लिए अच्छा संदेश देने वाला…

Read more
टॉप स्टोरी कोरोना महामारी के बीच अम्फान का तूफानी खतरा

कोरोना महामारी के बीच अम्फान का तूफानी खतरा

– योगेश कुमार गोयल             कोरोना महामारी के कहर के बीच भारत में एक महातूफान भी भीषण कहर बरपाने आ चुका है। करीब 21 वर्ष…

Read more
लेख महाभारत की भ्रांतियां : पांच पांडवों को नहीं , पांचाली पुत्रों को मारने के लिए ही अश्वत्थामा गया था

महाभारत की भ्रांतियां : पांच पांडवों को नहीं , पांचाली पुत्रों को मारने के लिए ही अश्वत्थामा गया था

महाभारत के बारे में तथ्यों के विपरीत जाकर एक दन्तकथा यह भी प्रचलित की गई है कि जब युद्ध के अन्त में गदा युद्ध में…

Read more
कला-संस्कृति गाय ओर पशुओ के रक्षक लोक देवता-कारस देव

गाय ओर पशुओ के रक्षक लोक देवता-कारस देव

आत्माराम यादव पीव भारत के लोकजीवन की अवधारणा ब्रह्मांड को संचालित करने वाली परमात्मा की मायाशक्तियों से आच्छन है। लोक में देव या देवता शब्द…

Read more
व्यंग्य मटके के आंसू

मटके के आंसू

मनोज कुमारजो मटका हमारे सूखे गले को अपने भीतर समाये ठंडे जल से तर करता रहा है। आज वही मटका आंसूओं में डूबा हुआ है।…

Read more
कविता कुछ उभरते प्रश्न

कुछ उभरते प्रश्न

चारो तरफ हाहाकार मचा हुआ हैहर तरफ मौत का ताड़व मचा हुआ हैमजबूर मजदूर क्यो पैदल निकला ?ये तंत्र क्यो अब मौन हुआ है ?…

Read more
स्‍वास्‍थ्‍य-योग सतर्क रहेंगे तो बात सर्जरी तक नहीं पहुंचेगी

सतर्क रहेंगे तो बात सर्जरी तक नहीं पहुंचेगी

उमेश कुमार  सिंहवह जमाना बहुत पीछे छूट चुका है जब गर्दन दर्द, पीठ दर्द, कमर दर्द हो या स्लिप्ड डिस्क जैसी समस्याएं, उन्हें वृद्धावस्था के…

Read more