आपातकाल

 बीजेपी ने 2019 के आम चुनाव का बिगुल बजाया मोदी की कांग्रेस-सपा-बसपा को खरी-खरी

संजय सक्सेना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नरक का दरवाजा’ कहे जाने वाले मगहर (जिला संतकबीरनगर)

आपातकाल को लेकर जनता को जागरूक रहना चाहिये – हरेन्द्र प्रताप

  माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार वि.वि. में आपातकाल प्रसंग पर विमर्श  हरेन्द्र प्रताप

आपातकाल के समय उत्तराखण्ड में पत्रकारिता

गढवाल टाईम्स नाम से  पाक्षिक पत्रिका प्रकाशित करते थे। वे बताते हैं कि ठभ्म्स् रानीपुर हरिद्वार में अस्सिटैंट इंजीनियर ए.के.सूरी के घर बैठक होती थी, समाचारों का संकलन किया जाता था। उनमें छपने लायक समाचार तय किये जाते कहां कितने लोग पकड़े गये, संघ, जनसंघ व अन्य कितने लोगों ने सत्याग्रह किया, क्या-क्या अत्याचार हुये। ए.के.सूरी अपने आॅफिस से साइक्लोस्टाइल मशीन मंगाकर घर पर ही पत्रिका छापते। एक-एक प्रति डाक द्वारा जिलाधिकारी, एस.पी. एवं शासन के लिये भेजी जाती, शेष थैले में भरकर क्षेत्र में अपने कार्यकर्ताओं को वितरित कर दी जाती। कार्यकर्ताओं द्वारा समाज में विचार प्रेषित किये जाते।

आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-२

आपातकाल की ३७वीं बरसी पर विशेष विपिन किशोर सिन्हा आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां