पत्रकारिता

अग्निहोत्रीजी ने पत्रकारिता के मूल्‍यों के साथ कभी समझौता नहीं किया

-गिरीश पंकज वरिष्ठतम पत्रकार और लेखक रामशंकर अग्निहोत्रीजी का अचानक यूं चला जाना हजारों लोगों

माया महा ठगिनी के इस दौर में पत्रकारिता

माया महा ठगिनी के इस दौर में किसी से निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की उम्मीद की जा सकती है ? बुद्धिमानो की इस अनोखी दुनिया में आने से पहले