भ्रष्टाचार के आरोप और कांगे्रस के बयान

Posted On by & filed under राजनीति

सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में राजनीतिक दलों में जिस प्रकार से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, उससे कमोवेश ऐसा ही लग रहा है कि मेरे दामन पर लगे दाग तेरे दागों से अच्छे हैं। पिछले लोकसभा चुनावों के परिणामों ने यह सिद्ध कर दिया था कि कांगे्रस के दामन पर लगे दाग वास्तव में अच्छे… Read more »

भ्रष्टाचार मिटाने को संकल्पित नरेन्द्र मोदी

Posted On by & filed under राजनीति

सुरेश हिन्दुस्थानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार के बारे में एक बार फिर से कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार करने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा, मेरी कोई रिश्तेदार नहीं है। प्रधानमंत्री इस बात को भली भांति जानते हैं कि भ्रष्टाचार करने वाले रिश्तेदारों को राजनेताओं द्वारा हमेशा बचाने… Read more »

अर्थ एवं विकास के असन्तुलन से उपजी समस्याएं

Posted On by & filed under आर्थिकी, समाज

ललित गर्ग- पैसे के बढ़ते प्रवाह में दो तरह की स्थितियां देखने को मिल रही है। एक स्थिति में अर्थ के सर्वोच्च शिखरों पर पहुंचे कुछ लोगों ने जनसेवा एवं जन-कल्याण के लिये अपनी तिजोरियां खोल रहे हैं तो दूसरी स्थिति में जरूरत से ज्यादा अर्जित धन का बेहूदा एवं भोंडा प्रदर्शन कर रहे हैं।… Read more »

भ्रष्टाचार रूपी राजरोग के लिये सभी एकजुट हो

Posted On by & filed under विविधा

ललित गर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार पर नकेल कसने को लेकर शुरू से गंभीर ही नहीं है बल्कि एक निष्पक्ष एवं निर्णायक लड़ाई के लिये संघर्षरत हंै। इसी मकसद से उन्होंने नोटबंदी का फैसला किया। कालेधन को सामने लाने के लिए दूसरे उपाय आजमाए जा रहे हैं। लालू प्रसाद यादव हो या पूर्व वित्तमंत्री पी…. Read more »

भ्रष्टाचार की जंग ही है सरकार की सफलता

Posted On by & filed under राजनीति

ललित गर्ग भ्रष्टाचार का खात्मा नरेन्द्र मोदी सरकार का एक घोषित लक्ष्य है और यह प्रशंसनीय भी है। तीन वर्ष की सम्पन्नता पर यही एकमात्र ऐसी ऐतिहासिक स्थिति है जो उन्हें पूर्व की अन्य सरकारों से अलग स्थान देती है। भ्रष्टाचार, काला धन, आतंकवाद और नकली नोटों से लड़ने के लिए उनके ऐतिहासिक फैसलों ने… Read more »

जिम्मेदार चेहरों पर कालिख का लगना

Posted On by & filed under राजनीति

केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार के और भी गंभीर आरोप हैं। उनपर निजी घूसखोरी का चश्मदीद गवाह भले ही पहली बार सामने आया हो, लेकिन दिल्ली में उनकी सरकार के भ्रष्टाचारों की लिस्ट तैयार की जाय तो वह बहुत ही लंबी हो सकती है। जैसे दिल्ली के विवादास्पद मुख्यमंत्री और उनके साले सुरेंद्र कुमार बंसल पर जाली कागजातों के आधार पर पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेके लेने और फर्जी बिल बनाने के आरोप हैं।

अब तो इस तालाब का पानी बदल दो…

Posted On by & filed under विविधा

वीरेन्द्र सिंह परिहार अभी गत दिनों कुछ ऐसी बातें देश के सामने आईं, जिसे लेकर पूरे देश को यह गहन चिंतन करने की जरूरत है कि आखिर इसका इलाज क्या है? यह प्रकरण है कि अरूणांचल के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल के आत्महत्या के पूर्व उनके द्वारा लिखित डायरी का। ऐसा माना जाता है कि… Read more »

मैं जब भ्रष्ट हुआ

Posted On by & filed under व्यंग्य, साहित्‍य

वीरेन्द्र परमार मेरी नियुक्ति जब एक कमाऊ विभाग में हुई तो परिवार के लोगों और सगे – संबंधियों को आशा थी कि मैं शीघ्रातिशीघ्र भ्रष्ट बनकर राष्ट्र की मुख्यधारा में जुड़ जाऊंगा लेकिन आशा के विपरीत जब मैं एक दशक तक भ्रष्ट नहीं हुआ तो सभी ने एक स्वर से मुझे कुल कलंक घोषित कर… Read more »

नौकरशाही में भ्रष्टाचार के मगरमच्छ

Posted On by & filed under विविधा

प्रमोद भार्गव शीर्ष नौकरशाही में ऐसे मगरमच्छ सामने आए हैं, जो बागड़ द्वारा खेत चरने की कहावत को चरितार्थ कर रहे थे। आर्थिक आपराधों पर शिकंजा कसने वाली देश की सर्वोच्च संस्था ‘केंद्रीय जांच ब्यूरो‘ (सीबीआई) ने अपने ही पूर्व निदेशक एपी सिंह पर एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई के ही दूसरे सेवानिवृत्त निदेशक रंजीत… Read more »

नीचे के भ्रष्टाचार पर भी कार्यवाही हो

Posted On by & filed under आर्थिकी, विविधा

भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए केन्द्र सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक प्रकार से आयुर्वेद जैसी उपचार पद्धति अपनाई है। आयुर्वेद उपचार की विशेषता है कि धीरे धीरे ही सही समस्या जड़ से समाप्त हो जाएगी। किसी भी प्रकार की समस्या को इस पद्धति से समाप्त करने के लिए धीरज रखने की आवश्यकता है। देश की जनता जितना धीरज से काम लेगी, उतना ही अ‘छा होगा। इससे देश को तो बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला ही है, लेकिन आम जनता भी आने वाले समय में प्रसन्नता का अनुभव करेगी।