कश्‍मीर की फिज़ा में भ्रष्‍टाचार का ज़हर

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महनाज़ अख्तर हाल ही में ब्रिटेन ने 20 साल बाद अपने नागरिकों को फिर से जम्मू कश्‍मीर जाने की इजाजत देकर देश भर की मीडिया का ध्यान फिर से इस ओर खींचा है। ब्रिटेन की इस पहल का दुनिया भर में यह संदेश अवश्‍य गया है कि देश का सबसे विवादित यह क्षेत्र अब शांति… Read more »

भाजपा को पंचतंत्र के ठगों को परास्त करना होगा-डॉ.कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

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भारतीय जनता पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष नितिन गडकरी पिछले कुछ दिनों से विवादों के घेरे में हैं । कम से कम दो तीन इलैक्ट्रिोनिक चेनलों की कुछ दिनों की कवरेज से तो ऐसा ही आभास मिलता है । नितिन गडकरी व्यवसाय करते हैं, यह कोई ऐसा गुप्त रहस्य नहीं है जिसके बारे में इन चैनलों… Read more »

भ्रष्‍टाचार पर दोमुंहापन- अरविंद जयतिलक

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भ्रष्‍टाचार को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों का रवैया अशोभनीय है। सैद्धांतिक तौर पर दोनों ही भ्रष्‍टाचार के खिलाफ हैं लेकिन व्यवहार में दोनों का आचरण दोषपूर्ण है। दोनों की प्रतिबद्धता खोखली और भ्रम पैदा करने वाली है। यह किसी प्रकार से उचित नहीं है कि दोनों दल भ्रष्‍टाचार पर उपदेश दें और… Read more »

उल्टा चोर कोतवाल को डॉंटे…/ मा. गो. वैद्य

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‘भ्रष्टाचार विरोधी भारत’ (इंडिया अगेन्स्ट करप्शन) के अग्रणी नेता अरविंद केजरीवाल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन गडकरी पर जो आरोप लगाए, वे किसी खोखले पटाखे के समान निरर्थक सिद्ध हुए. इस बारे में हो-हल्ला खूब हुआ था. इस कारण, कुछ भयंकर विस्फोट होगा ऐसा लोगों को लग रहा था. लेकिन वास्तव में विस्फोट हुआ… Read more »

भ्रष्टाचार के खिलाफ मुंह बंद रखें!

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देशभक्त, जागरूक और सतर्क लोगों को इस बात पर गम्भीरतापूर्वक विचार करना होगा कि भ्रष्ट जन राजनेताओं से कहीं अधिक भ्रष्ट, देश की अफसरशाही है और पूर्व अफसर से राजनेता बने जन प्रतिनिधि उनसे भी अधिक भ्रष्ट और खतरनाक होते हैं। इन्हें किस प्रकार से रोका जावे, इस बारे में गहन चिंतन करने की सख्त… Read more »

विदेशों में जमा कालाधन की वापसी के यह स्वयंभू पैरोकार

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तनवीर जाफ़री अन्ना हज़ारे व उनके सहयोगियों द्वारा छेड़े गए जनलोकपाल विधेयक संबंधी आंदोलन की ही तरह बाबा रामदेव द्वारा विदेशों में जमा काला धन वापसी के मुद्दे पर छेड़ा गया आंदोलन भी पूरे देश के लिए आकर्षण व चर्चा का केंद्र रहा। इन आंदोलनों की परिणिति क्या हुई अथवा यह आंदोलन सफल रहे या… Read more »

जय बोलो सुखराम राज की

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कुन्दन पाण्डेय देश में इस समय सुखराम राज आ गया है। चौंकिए मत! इस राज में न तो सुख है, न राम। हैं तो बस सुखराम। क्योंकि सुखराम के भक्तों की संख्या दीन दूनी, रात चौगुनी की रफ्तार से बढ़ है। सुखराम का दिल बहुत ही छोटा है, लेकिन उसमें जगह अनलिमिटेड है। वह अपने… Read more »

भ्रष्टाचार, स्त्री और असंवेदनशीलता

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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’  गत 23 दिसम्बर को एक समाचार पढने में आया कि जिला शिक्षा अधिकारी इन्दौर के कार्यालय में कार्यरत एक महिला लिपिक ने रिश्‍वत ली और वह रंगे हाथ रिश्‍वत लेते हुए पकड़ी भी गयी| इस प्रकार की खबरें आये दिन हर समाचार-पत्र में पढने को मिलती रहती हैं| इसलिये यह कोई… Read more »

हास्य-व्यंग्य/आज मौसम बड़ा बेईमान है

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पंडित सुरेश नीरव हमें गर्व है कि हमारे देश की सरकारी घोषणाएं और सरकारी मौसमविभाग की गैरसरकारी भविष्यवाणियां आजतक कभी सही नहीं निकलीं। जिसने भी इनकी बातों को सीरियसली लिया वही अर्जेटली दुखी हुआ। कल एक माननीय सब्जीवाले को जब हमने बताया कि वित्तमंत्री ने संसद में बयान दिया है कि महंगाई पिछले वित्तवर्ष के… Read more »

भ्रष्टाचार व लोकपाल के भंवर में फंसा भारतीय लोकतंत्र

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कुन्दन पाण्डेय अन्ना के आन्दोलन से एक बात देश का हर नागरिक स्पष्ट रूप से जान गया कि भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री एक ऐसा अघोषित पद बना दिया गया है कि उस (पीएम) पर, पद पर बने रहते आरोप लगाया जा सकता है, उंगली उठाई जा सकती है, परन्तु जांच नहीं की जा सकती। जन-जन… Read more »