यूपी

यूपीः भंग होगा वक्फ बोर्ड, जांच होगी !

आज़म खान के लिये आने वाला समय काफी मुश्किलों से भरा साबित हो सकता है। एक तरफ जहा सत्ता उनसे छिटक कर बहुत दूर जा चुकी हैं तो दूसरी तरफ उनके ऊपर अपने पद का दुरुपयोग करते हुये रामपुर के जौहर अली विश्वविद्यालय परिसर में तमाम सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने के मामले गर्माने लगे हैं। रामपुर के ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रमाणों के साथ एक शिकायत भेजी हैं जिसमे उन्होंने पूर्व मंत्री आजम खान के ऊपर आरोप लगाया हैं कि आजम खान ने ग्राम सींगनखेड़ा, तहसील सदर, रामपुर के खाता संख्या 01214 की ग्राम सभा की 14.95 एकड़ जमीन 30 वर्षों के लिये जबरदस्ती पट्टे पर ले रखी हैं और इसके साथ ही उन्होंने वहाँ की चक रोड (जिसकी खाता संख्या 01232 की 2.13 एकड़ भूमि पर जो की इस विश्वविद्यालय को दी गयी थी उस पर भी आज़म खान ने अवैध तरीके से कब्ज़ा कर रखा हैं।

यूपी में योगी राज से मुस्लिम खुश. ….

.पिछले दिनो योगी जी द़ारा गरीब मुस्लिम लड़कियों की शादी के लिए दिए जाने वाले अनुदान के सही इस्तेमाल के लिए अनूठी योजना बनाई है. सद्भावना मंडप नाम से ये योजना केंद्र सरकार की मदद से यूपी सरकार प्रदेश के हर जिले में अमल में लाएगी. अल्पसंख्यक विभाग की समीक्षा बैठक में योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को मंजूरी दी. इसके लिए खाका तैयार किया जा रहा है.

असाधारण चुनाव के असाधारण नतीजे

जो लोग यह कह रहे हैं कि जिस व्यक्ति के पास कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है उसे इतने बड़े प्रदेश की बागडोर सौंप देना कहाँ तक उचित है वे भूल रहे हैं कि उप्र के पिछले मुख्यमंत्री के पास किसी प्रकार के प्रशासनिक अनुभव तो क्या कोई राजनैतिक अनुभव भी नहीं था लेकिन योगी द्वारा किए गए संसदीय कार्यों की समीक्षा करने मात्र से ही उनको अपने प्रश्न का उत्तर मिल जाएगा। 1998 से लगातार गोरखपुर से सांसद रहे योगी आदित्यनाथ के व्यापक जनाधार और एक प्रखर वक्ता की छवि को भी शायद यह लोग अनदेखा करने की भूल कर रहे हैं। जब परिवादवाद की देन एक अनुभव हीन मुख्यमंत्री को प्रदेश की बागडोर संभाल सकता है तो योगी को तो 26 वर्ष की उम्र में सबसे कम उम्र के सांसद बनने का गौरव प्राप्त है।

यूपी में योगी के साथ ‘परिवर्तन’ होगा ‘चमत्कार’ नहीं !

तो नई सरकार के साथ शुरुआत में ही बदलावों की उम्मीद कतई नहीं कीजिएगा। परिवर्तन में वक्त लगता है…क्योंकि आप, हम पिछले कई सालों से खुद को ठगने का अवसर देते रहे हैं…और उसे अब बदलने के लिए वक्त लगना लाजिमी है।

यूपी : करोड़ों की ‘विकास रथयात्रा’ बनाम किसानों की शवयात्रा

बस में एक लाउडस्पीकर भी फिट है जिसमें समाजवादी सरकार के विकास कार्यों का एक कैपेन सॉन्ग बजेगा। साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी, वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी हैं। लेटेस्ट खबरों पर नजर रखने के लिए बस में बड़ी टीवी स्क्रीन लगी है। बस पर सीएम अखिलेश यादव का साइकिल चलाते हुए एक बड़ा फोटोग्राफ लगा हुआ है। बस के सामने की ओर साइकिल का फोटो है, जो कि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। समाजवादी रथ के पीछे पार्टी सुप्रीमो और पिता मुलायम सिंह यादव की दो फोटो लगी हुई है।