राजनीति सैद्धांतिक सहमति August 30, 2015 / August 30, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on सैद्धांतिक सहमति केशव झा राजनीति और नेताओं के दोहरे चरित्र को समझना टेढ़ी खीर होती है। अब देखिये ना अपने को भ्रष्टाचार का दुश्मन और सुशासन का झंडाबरदार कहने वाले नीतीश और केजरीवाल ने एक दूसरे से राजनीतिक गठजोड़ कर लिया है। जबकि केजरीवाल और नीतीश, लालू शासन काल के जंगलराज पर सोची- समझी चुप्पी साधे हुए है अर्थात […] Read more » Featured सैद्धांतिक सहमति
विविधा व्यंग्य खास को यूं आम मत बन बनाओ …प्लीज…!! August 30, 2015 / August 30, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | 1 Comment on खास को यूं आम मत बन बनाओ …प्लीज…!! बचपन में अपने हमउम्र बिगड़ैल रईसजादों को देख कर मुझे उनसे भारी ईष्या होती थी। क्योंकि मेरा ताल्लुक किसी प्रभावशाली नहीं बल्कि प्रभावहीन परिवार से था। मैं गहरी सांस लेते हुए सोचता रहता … काश मैं भी किसी बड़े बाप का बेटा होता , या एट लिस्ट किसी नामचीन मामा का भांजा अथवा किसी बड़े […] Read more » Featured
पर्व - त्यौहार विविधा धागों से बंधा रिश्तों का बंधन August 30, 2015 / May 17, 2016 by बरुण कुमार सिंह | Leave a Comment बरुण कुमार सिंह भारत की सांस्कृतिक विशष्टता यहाँ के पर्वों के कारण भी है। भारतीय परम्पराओं में सामाजिक जीवन दर्शन के गहरे सूत्र छिपे हैं। प्राचीन विचारकों ने जब विविध सामाजिक पर्वों के चलन को प्राथमिकता दी होगी, तो उसके पीछे इन पर्वों के मानवीय और कल्याणकारी सरोकार अवश्य रहे होंगे। श्रावण माह की पूर्णिमा […] Read more » Featured धागों से बंधा रिश्तों का बंधन
राजनीति गुजरात में मोदी को बिहार से बाहर बैठाने का षड्यंत्र August 29, 2015 / August 30, 2015 by प्रवीण गुगनानी | 3 Comments on गुजरात में मोदी को बिहार से बाहर बैठाने का षड्यंत्र आंदोलन की बलि पर अनावश्यक चढ़ा कर खड़े कर दिए गए गुजरात के संदर्भ में तीन नाम प्रतीक स्वरूप प्रस्तुत हैं. एक- कभी प्रधानमंत्री की दौड़ में असमय प्रवेश करके विध्वंस मचानें वाले नितीश, दूजे- समय-समय पर परिपक्वता का परिचय देते रहे शरद यादव और तीजे- गुजरात के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री माधवसिंह सोलंकी. गुजरात […] Read more » Featured गुजरात
वर्त-त्यौहार विविधा रक्षा बन्धन अन्याय न करने और अन्याय पीढि़तों की रक्षा करने का संकल्प लेने का पर्व है August 29, 2015 / August 30, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा बन्धन का पर्व सभी सुहृद भारतीयों द्वारा विश्व भर में सोत्साह मनाया जाता है। समय के साथ प्रत्येक रीति रिवाज व परम्परा में कुछ परिवर्तन होता रहता है। ऐसा ही कुछ परिवर्तन रक्षा बन्धन पर्व में हुआ भी लगता है। भारत में मुस्लिम काल में […] Read more » Featured रक्षा बन्धन
राजनीति भारत में ‘राष्ट्रवाद और अंधराष्ट्रवाद का फर्क पुनः परिभाषित किया जाना जरुरी है ! August 29, 2015 / August 30, 2015 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment किसी के लिए मैं दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक राष्ट्र हूँ ! किसी के लिए मातृभूमि हूँ ! किसी के लिए मादरे-वतन हूँ ! किसी के लिए सारे ‘जहाँ से अच्छा हिंदोस्ता हमारा’ हूँ ! किसी के लिए आरक्षण की वैतरणी हूँ ! किसी के लिए तिजारत का बहुत बड़ा बाजार हूँ !किसी के लिए […] Read more » Featured अंधराष्ट्रवाद राष्ट्रवाद
राजनीति आरक्षण का जिन्न एक बार फिर… August 28, 2015 / August 30, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on आरक्षण का जिन्न एक बार फिर… गंगा प्रसाद देश में आरक्षण का जिन्न आजादी के पहले से चला आ रहा है। इसका जिक्र भी करूगा, कब से आरक्षण मिलना शुरू हुआ। लेकिन जिस तरह से गुजरात में एक बार फिर से जाति के आधार पर आरक्षण की लपटों ने आग लगाई है उस आग का असर आगे चल कर पूरे […] Read more » Featured आरक्षण का जिन्न
टॉप स्टोरी विविधा लखवी पर चीन-पाक का पापपूर्ण गठजोड़ June 27, 2015 / June 27, 2015 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment कुछ विशिष्ट कोणों से यदि हम वैश्विक राजनीति का अध्ययन करें, तो दक्षिण एशियाई देशों की राजनीति की छोटी छोटी बातें भी, सम्पूर्ण एशियाई क्षेत्र, या बहुत हद तक विश्व को प्रभावित करनें वाली राजनीति प्रतीत होती है.जकीउर्रहमान लखवी जैसे आतंकवादी के विषय पर पाकिस्तान के स्वक्छंद आचरण को संयमित करनें के उद्देश्य से विशेषतः […] Read more » Featured चीन-पाक का पापपूर्ण गठजोड़ लखवी
धर्म-अध्यात्म विविधा सृष्टि के रहस्यों के ज्ञान का सरलतम उपाय सत्यार्थ-प्रकाश का अध्ययन June 27, 2015 / June 27, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को ईश्वर ने जो मानव शरीर दिया है वह पांच ज्ञान इन्द्रिय, पांच कर्म इन्द्रिय, मन व बुद्धि सहित अनेक अंगों व उपांगों से युक्त है। बुद्धि व मन दो ऐसे अवयव हैं जो अपना-अपना कार्य करते हैं, अन्य सभी भी स्वतः करते हैं। मन आत्मा के संस्कारों, प्रवृत्तियों व ज्ञान […] Read more » Featured सत्यार्थ-प्रकाश सत्यार्थ-प्रकाश का अध्ययन सृष्टि के रहस्यों के ज्ञान का सरलतम उपाय
धर्म-अध्यात्म विविधा पिण्डदान से ज्यादा जरूरी है जीते जी आसक्ति का त्याग June 27, 2015 by डॉ. दीपक आचार्य | Leave a Comment डॉ. दीपक आचार्य बात अपनी हो या अपने किसी परिजन, ईष्ट मित्र या सहयोगियों की। लागू सभी पर होती है। आमतौर पर हर इंसान की यही इच्छा होती है कि मरने के बाद उसकी उत्तर क्रिया, पिण्डदान, गंगा में अस्थि विसर्जन, तमाम प्रकार के श्राद्ध और तिथियों पर जो कुछ करना है उसमें कहीं […] Read more » Featured आसक्ति का त्याग पिण्डदान
आलोचना मुझे खेद है कि आप जिस व्यवस्था को बदलने आये थे उस व्यवस्था का अंग बन चुके हैं। June 25, 2015 by बीनू भटनागर | 3 Comments on मुझे खेद है कि आप जिस व्यवस्था को बदलने आये थे उस व्यवस्था का अंग बन चुके हैं। एक पत्र प्रिय अरविंद, जब से आम आदमी पार्टी बनी थी, एक उम्मीद थी कि ये राजनीति देश मे परिवर्तन लायेगी, भले ही समय लगे। 2013 मे ‘’आप’’ ने 28 सीटें जीती तो लगा कि जनता ये परिवर्तन चाहती है, फिर आप ने बहुत सोच समझने के बाद जनता से पूछकर सरकार बनाई तो आप […] Read more » Featured letter to Arvind Kejriwal
राजनीति लोकतंत्र की जीत June 25, 2015 / June 28, 2015 by अनिल गुप्ता | Leave a Comment आज देश में लोकतंत्र की हत्या की चालीसवीं बरसी है.आज ही के दिन चालीस वर्ष पूर्व श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय से भरष्ट आचरण के कारण उनका रायबरेली से चुनाव रद्द कर दिए जाने से उत्पन्न हुए राजनितिक संकट से निबटने के लिए देश में आंतरिक आपात स्थिति लागू कर दी […] Read more » emergency during Indira Gandhi Featured लोकतंत्र लोकतंत्र की जीत लोकतंत्र की हत्या की चालीसवीं बरसी