धर्म-अध्यात्म ऋग्वेद के आठवें मण्डल का संस्कृत-हिन्दी भाष्य वा भाषानुवाद विषयक जानकारी August 10, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द ने अपने जीवन में वेद प्रचार को सबसे अधिक महत्व दिया। सभी मत व सम्प्रदायों के बीच यदि भविष्य में कभी एकता हो सकती है तो केवल वेद के आधार पर ही हो सकती है। वेद ज्ञान की उपस्थिति में किसी इतर मत की आवश्यकता ही नहीं रह जाती क्योंकि […] Read more » ऋग्वेद
धर्म-अध्यात्म ईश्वर के ध्यान चिन्तन में मनुष्य का मन क्यों नहीं लगता? August 10, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य वेद, ऋषि दयानन्द और आर्यसमाज का अनुयायी सत्यार्थप्रकाश सहित ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका आदि ग्रन्थों सहित वेद एवं वैदिक साहित्य का स्वाध्याय व अध्ययन करता है और ईश्वर के सच्चे स्वरूप से परिचित होता है। वह जानता है कि सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वज्ञ, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजर, अमर, अभय, पवित्र, न्यायकारी, पक्षपातरहित एकमात्र ईश्वर ही सबका माता, […] Read more »
धर्म-अध्यात्म जानिए क्यों हैं महाकाल..कालों के काल.. August 10, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment धन्य-धन्य श्री महाकाल….. सनातन संस्कृति से ओत प्रोत हमारे देश भारत में भगाण शिव के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग है जिसमे से एक उज्जैन के महाकाल भी है। महाकाल के दर्शन मात्र से ही बिगड़े काम बन जाते है, जो भी महाकाल के दर्शन करता है और श्रद्धा से महाकाल बाबा के सम्मुख अपना मस्तक झुकाता […] Read more » उज्जैन के अंगारेश्वर मंदिर महाकाल महाकालेश्वर मंदिर
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्युषण पर्व 2017 August 10, 2017 / August 10, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment जैन धर्म में सभी पर्वों का राजा है “पर्युषण पर्व”— प्रिय पाठकों/मित्रों, पर्यूषण पर्व जैन धर्म का मुख्य पर्व है। श्वेतांबर इस पर्व को 8 दिन और दिगंबर संप्रदाय के जैन अनुयायी इसे दस दिन तक मनाते हैं। इस पर्व में जातक विभिन्न आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि योग जैसी साधना तप-जप […] Read more » पर्युषण
धर्म-अध्यात्म सभी हिन्दुओं और अन्य मतावलम्बियों के पूर्वज वैदिक धर्मी आर्य थे August 8, 2017 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on सभी हिन्दुओं और अन्य मतावलम्बियों के पूर्वज वैदिक धर्मी आर्य थे मनमोहन कुमार आर्य संसार का सबसे पुराना धर्म व संस्कृति कौन सी है? संसार में हिन्दू, पारसी, बौद्ध, जैन, ईसाई व मुस्लिम आदि मत व संस्कृतियां विद्यमान हैं परन्तु इनकी उत्पत्ति आज से अधिकतम तीन या चार हजार वर्ष पूर्व ही हुई है। ब्रह्माण्ड के इस पृथिवी गृह पर मानव सृष्टि की समय अब से […] Read more » आर्य वैदिक धर्मी आर्य
धर्म-अध्यात्म मनुष्य जीवन सफल कैसे बने? August 8, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य हमारे मनुष्य जीवन का उद्देश्य क्या है और उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है? इसका सरल उपाय तो वैदिक ग्रन्थों का स्वाध्याय है जिसमें ऋषि दयानन्द के ग्रन्थ सत्यार्थप्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका, संस्कारविधि, आर्याभिविनय आदि का महत्वपूर्ण स्थान है। दर्शनों व उपनिषदों सहित वेदादि भाष्यों का अध्ययन भी उपयोगी है। मनुष्य जीवन का […] Read more » मनुष्य
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म रक्षाबंधन रिश्तों के सम्मान का पर्व August 5, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – रक्षाबन्धन हिन्दूधर्म का प्रमुख सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक पर्व है। यह आपसी संबंधों की एकबद्धता एवं एकसूत्रता का सांस्कृतिक उपक्रम है। प्यार के धागों का एक ऐसा पर्व जो घर-घर मानवीय रिश्तों में नवीन ऊर्जा का संचार करता है। यह जीवन की प्रगति और मैत्री की ओर ले जाने वाला एकता का […] Read more » रक्षाबंधन
कला-संस्कृति ज्योतिष धर्म-अध्यात्म रक्षा बन्धन 2017 August 5, 2017 / August 5, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment 12साल बाद ऐसा संयोग बना है जब राखी के दिन ग्रहण लग रहा है। इसलिए इस बार राखी के दिन सूतक का भी लगेगा || पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ 6 अगस्त 2017 को रात्रि10:28 बजे से आरंभ होगा परन्तु भद्रा काल व्याप्त रहेगी। भद्रा रहेगी—– आखिर भद्रा में क्यों नहीं बांधी जाती राखी? पंडित दयानन्द […] Read more » रक्षा बन्धन
धर्म-अध्यात्म गुरु विरजानन्द और ऋषि दयानन्द में परस्पर विद्या के आदान-प्रदान से देश व विश्व को अपूर्व व आशातीत लाभ हुआ August 4, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य स्वामी दयानन्द ने अपने गुरु को विद्या का सूर्य कहा है। यह बात वही कह सकता है जो स्वयं विद्या का सूर्य हो और विद्या की सभी बारीकियों व सूक्ष्मताओं को बखूबी समझता हो। स्वामी दयानन्द का जीवन इस बात का प्रमाण है कि वह महाभारत काल के बाद विश्व भर में […] Read more » ऋषि दयानन्द गुरु विरजानन्द गुरु विरजानन्द और ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म क्या वेदों की रक्षा हो पाती यदि ऋषि दयानन्द वेद प्रचार न करते? August 2, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य महाभारत काल के बाद ऋषि दयानन्द पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने वेदों को ईश्वरीय ज्ञान बताकर वेदों से सम्बन्धित अनेक तथ्यों पर प्रकाश डाला और उन्हें शास्त्रीय प्रमाणों, तर्क एवं युक्तियों से सिद्ध भी किया। वेदों का यथार्थ महत्व बताने के लिए उन्होंने पहले सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ लिखा और उसके बाद ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका लिखकर ऋग्वेद […] Read more »
धर्म-अध्यात्म वेदों के यौगिक, योगरूढ़ व रूढ़ शब्द August 2, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान डा. रामनाथ वेदालंकार जी के वेद विषयक कुछ लेखों का ‘आर्ष ज्योति’ के नाम से एक संकलन स्वामी दीक्षानन्द सरस्वती जी ने 1 अगस्त, सन् 1991 में प्रकाशित किया था। इसके बाद इसका एक संस्करण सम्भवतः श्रीघूड़मल प्रह्लादकुमार आर्य धर्मार्थ न्यास, हिण्डोनसिटी के द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस […] Read more » यौगिक
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्दोक्त वैदिक उपासना पद्धति ही विश्व की सर्वोत्तम पद्धति August 2, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य विश्व में मत-मतान्तर, पंथ, सम्प्रदाय, मजहब व रिलीजन तो अनेक हैं परन्तु धर्म एक ही है। उस धर्म को केवल धर्म अथवा वैदिक धर्म कहना ही उचित प्रतीत होता है। वैदिक धर्म इसलिये कि धर्म का आधार वेद हैं। यदि वेद न होते तो फिर धर्म भी न होता। धर्म उसे कहते […] Read more » वैदिक उपासना पद्धति