धर्म-अध्यात्म गुरु विरजानन्द और ऋषि दयानन्द में परस्पर विद्या के आदान-प्रदान से देश व विश्व को अपूर्व व आशातीत लाभ हुआ August 4, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य स्वामी दयानन्द ने अपने गुरु को विद्या का सूर्य कहा है। यह बात वही कह सकता है जो स्वयं विद्या का सूर्य हो और विद्या की सभी बारीकियों व सूक्ष्मताओं को बखूबी समझता हो। स्वामी दयानन्द का जीवन इस बात का प्रमाण है कि वह महाभारत काल के बाद विश्व भर में […] Read more » ऋषि दयानन्द गुरु विरजानन्द गुरु विरजानन्द और ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म क्या वेदों की रक्षा हो पाती यदि ऋषि दयानन्द वेद प्रचार न करते? August 2, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य महाभारत काल के बाद ऋषि दयानन्द पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने वेदों को ईश्वरीय ज्ञान बताकर वेदों से सम्बन्धित अनेक तथ्यों पर प्रकाश डाला और उन्हें शास्त्रीय प्रमाणों, तर्क एवं युक्तियों से सिद्ध भी किया। वेदों का यथार्थ महत्व बताने के लिए उन्होंने पहले सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ लिखा और उसके बाद ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका लिखकर ऋग्वेद […] Read more »
धर्म-अध्यात्म वेदों के यौगिक, योगरूढ़ व रूढ़ शब्द August 2, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान डा. रामनाथ वेदालंकार जी के वेद विषयक कुछ लेखों का ‘आर्ष ज्योति’ के नाम से एक संकलन स्वामी दीक्षानन्द सरस्वती जी ने 1 अगस्त, सन् 1991 में प्रकाशित किया था। इसके बाद इसका एक संस्करण सम्भवतः श्रीघूड़मल प्रह्लादकुमार आर्य धर्मार्थ न्यास, हिण्डोनसिटी के द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस […] Read more » यौगिक
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्दोक्त वैदिक उपासना पद्धति ही विश्व की सर्वोत्तम पद्धति August 2, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य विश्व में मत-मतान्तर, पंथ, सम्प्रदाय, मजहब व रिलीजन तो अनेक हैं परन्तु धर्म एक ही है। उस धर्म को केवल धर्म अथवा वैदिक धर्म कहना ही उचित प्रतीत होता है। वैदिक धर्म इसलिये कि धर्म का आधार वेद हैं। यदि वेद न होते तो फिर धर्म भी न होता। धर्म उसे कहते […] Read more » वैदिक उपासना पद्धति
धर्म-अध्यात्म जानिए महालय (पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) 5 सितंबर (मंगलवार) से 19 सितंबर (मंगलवार) 2017 को कब और कैसे मनाएं– July 31, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | 1 Comment on जानिए महालय (पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) 5 सितंबर (मंगलवार) से 19 सितंबर (मंगलवार) 2017 को कब और कैसे मनाएं– जानिए पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) में पितरों की प्रसन्नता प्राप्ति हेतु किये जाने वाले उपायों को — प्रिय पाठकों/मित्रों, हमारी सनातन संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति है।जिसमें तीज-त्योहार,पूजा-विधान,रस्मों का विशेष महत्व है।हिन्दू धर्म की व्यापकता का विश्व में कोई सानी नहीं हैं।हिन्दू संस्कृति अद्भूत है,अतुल्यनिय है।मित्रों हमारे धर्म में पितरों को भी आदर सम्मान […] Read more » पितृ पक्ष महालय
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म श्री कृष्ण जन्माष्टमी 15 अगस्त 2017 को कैसे मनाएं ? July 31, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment जन्माष्टमी अर्थात कृष्ण जन्मोत्सव इस वर्ष जन्माष्टमी का त्यौहार 14/15 अगस्त 2017 को मनाया जाएगा. जन्माष्टमी जिसके आगमन से पहले ही उसकी तैयारियां जोर शोर से आरंभ हो जाती है पूरे भारत वर्ष में इस त्यौहार का उत्साह देखने योग्य होता है. चारों का वातावरण भगवान श्री कृष्ण के रंग में डूबा हुआ होता है. […] Read more » Featured Janmashtami janmashtami on 15th August 2017 जन्माष्टमी
धर्म-अध्यात्म आत्म ज्ञान से हीन मनुष्य इन्द्रियों के विषयों में फंसा रहता है July 29, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य बुद्धिपूर्वक अर्थात् ज्ञानपूर्वक कर्म करने वाले प्राणियों को मनुष्य कहते हैं। मनुष्य की पहचान उसके पास बुद्धि अर्थात् सत्य व असत्य अथवा उचित व अनुचित का बोध कराने वाली शक्ति होती है। हमारी यह बुद्धि भी ज्ञान व अज्ञान से युक्त हुआ करती है। अज्ञान इसमें स्वतः होता है और ज्ञान से […] Read more » उपनिषद
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द की ईश्वर से स्वराज्य, साम्राज्य व चक्रवर्ती राज्य की प्राप्ति की प्रार्थना व चर्चा July 29, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द ने अपने साहित्य में अनेक स्थानों पर ‘साम्राज्य’ व ‘चक्रवर्ती-राज्य’ की ईश्वर से प्रार्थना व मांग की है। राज्य वह होता है जिस पर किसी राजा व राज्याधिकारी का शासन व नियंत्रण होता है। यदि कई राज्यों को मिला दिया जाये तो उसे एक देश विशेष कह सकते हैं। ऐसे […] Read more » स्वराज्य
धर्म-अध्यात्म धन से मनुष्य की तृप्ति नहीं होती July 27, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आजकल संसार के सभी व अधिकांश मनुष्य धन की ओर भाग रहे हैं। संसार की बात न कर अपने देश भारत की ही बात करें तो यह बात 99.9 प्रतिशत सत्य प्रतीत होती है। इसी कारण तो अतीत में देश में घोटाले पर घोटाले होते रहे। आज भी कई राजनीतिक नेताओं के […] Read more » धन
धर्म-अध्यात्म चेतन ब्रह्म की उपासना और सेवा करनी चाहिए और इससे भिन्न जड़ आदि पदार्थों की उपासना नहीं किन्तु उनसे उपकार ग्रहण करना चाहिए July 26, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ईशावास्योपनिषद् में कुल 17 मन्त्र हैं। इस लेख में ईशावास्योपनिषद् के मन्त्र क्र्रमांक 12 से 14 पर ऋषि दयानन्द के यजुर्वेद भाष्य से इन मंत्रों के भाषार्थ एवं भावार्थ आदि प्रस्तुत हैं: मन्त्र संख्या 12 मन्त्र के ऋषि दीर्घतमाः। देवता आत्मा=स्पष्टम्। छन्द निचृदनुष्टुप् स्वर गान्धारः।। अब विद्या और अविद्या […] Read more » ईशावास्योपनिषद्
धर्म-अध्यात्म जानिए कुछ विशेष जानकारियां इन नागपंचमी (27 /28 जुलाई 2017 ) पर– July 25, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment नाग पंचमी का त्यौहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। ज्योतिष के अनुसार पंचमी तिथि के स्वामी नाग हैं। इस दिन नागों की पूजा प्रधान रूप से की जाती है। शास्त्रों के अनुसार पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता है. श्रवण मास में नाग पंचमी होने के कारण इस मास […] Read more » Featured नाग पंचमी स्वस्थ तन और स्वस्थ समाज का द्योतक है ‘नाग पंचमी’
धर्म-अध्यात्म ‘ईश्वर विद्वानों के निकट और अविद्वानों से दूर है : ईशावास्योपनिषद’ July 24, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य ईशावास्योपनिषद् के नाम से विख्यात यजुर्वेद के चालीसवें अध्याय के मन्त्र क्रमांक 4 से 7 का ऋषि दयानन्दकृत व्याख्यान महत्वपूर्ण होने के कारण इस लेख के माध्यम से यहां प्रस्तुत कर रहे हैं। ऋषि दीर्घतमाः। देवता ब्रह्म=स्पष्टम्। छन्द निचृत्त्रिष्टुप्। स्वर धैवतः।। कैसा मनुष्य ईश्वर का साक्षात् करता है, यह उपदेश किया है।। […] Read more » ईशावास्योपनिषद