धर्म-अध्यात्म अग्निहोत्र-यज्ञ श्रेष्ठतम कर्म होने के कारण वैदिक धर्म का आवश्यक कर्तव्य October 11, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य प्रथम प्रश्न तो यह है कि वैदिक धर्म क्या है? इसका उत्तर इस प्रकार से दे सकते हैं कि मनुष्य के कर्तव्यों का ज्ञान व उसका पालन धर्म तथा अकर्तव्यों का ज्ञान व उसका सेवन व पालन न करना भी धर्म है और उनका करना अधर्म होता है। सृष्टि के आरम्भ में […] Read more » अग्निहोत्र-यज्ञ श्रेष्ठतम
धर्म-अध्यात्म श्री कृष्ण का जीवन चरित प्रत्येक भारतीय को पढ़ना चाहिये October 10, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य देहरादून में अगस्त-सितम्बर, 2017 महीनों में 9 दिवसीय पुस्तक मेला लगा था। इस मेले में आर्य प्रकाशकों के भी कुछ स्टाल लगे थे। एक स्टाल दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा, दिल्ली के सहयोग से बरेली के श्री राजेन्द्र कुमार आर्य जी ने लगाया थां। इनके पास वैदिक आर्य सहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध […] Read more » श्री कृष्ण
धर्म-अध्यात्म ईश्वर, वेद, धर्म, जीवात्मा, सृष्टि आदि विषयक ऋषि के सारगर्भित विचार October 10, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द ने स्वमन्तव्यामन्तव्य प्रकाश में 51 विषय को परिभाषित किया है। इन्हें वह स्वयं भी मानते थे। ऋषि के मन्तव्यों में सु कुछ विषयों पर हम ऋषि के शब्दों को ही प्रस्तुत कर रहे हैं। ईश्वर— जिस के ब्रह्म परमात्मादि नाम हैं, जो सच्चिदानन्दादि लक्षणयुक्त है, जिस के गुण, कर्म, […] Read more » ईश्वर जीवात्मा धर्म वेद सृष्टि
धर्म-अध्यात्म जानिए इस दीवाली पर उपाय की जानकारी — October 10, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment दीपावली ! वास्तव में दीवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह त्योहारों का समूह है, जो 5 दिनों तक मनाया जाता है।इस वर्ष गुरुवार, 19 अक्टूवर को महालक्ष्मी की पूजा का महापर्व दिवाली है। दिवाली पर की गई पूजा से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। लक्ष्मी को […] Read more » Deepawali Diwali Featured दीवाली हिंदुत्व हिंदुत्व की परिभाषा की पुनर्स्थापना
चिंतन धर्म-अध्यात्म सन्ध्या व अग्निहोत्र यज्ञ का महत्व व लाभ October 9, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment सन्ध्या एक शास्त्रीय विधान है जिसका अनुष्ठान प्रत्येक स्त्री व पुरुष का कर्तव्य है। शैशव काल से माता-पिता के सान्निध्य से इसका आरम्भ हो जाता है। गुरुकुल व विद्यालयों में बच्चे अपने आचार्य के सान्निध्य में इसे करते हैं और गृहस्थ व अन्य आश्रमों में रहते हुए इसे प्रातः व सायं दोनों समय बिना […] Read more » Featured अग्निहोत्र यज्ञ अग्निहोत्र यज्ञ का महत्व सन्ध्या सन्ध्या का महत्व सन्ध्या का लाभ सन्ध्या लाभ
धर्म-अध्यात्म स्वाध्याययुक्त जीवन ईश्वर व सदाचार से जोड़ता तथा बन्धनों को हटाता है October 7, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य स्वाध्याय ‘स्व’ तथा ‘अध्याय’ दो शब्दों से मिलकर बना एक शब्द है। स्व हम स्वयं के लिए प्रयोग करते हैं और उसका अध्ययन व ज्ञान स्वाध्याय कहलाता है। स्वाध्याय में सहायक ऋषियों द्वारा निर्मित सत्साहित्य भी होता है। ऐसा भी साहित्य होता है जो मनुष्य के जीवन को बर्बाद करता है। यह […] Read more » ईश्वर स्वाध्याय स्वाध्याययुक्त
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म दिवाली 13 अक्टूबर 2017 के दिन हैं खरीदी का महामुहूर्त—- October 7, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment इस वर्ष दिवाली 2017 पर खरीदी का सबसे बड़ा महामुहूर्त 13 अक्टूबर 2017 को है। इस दिन शुक्रवार होने से यह शुक्र पुष्य कहलाएगा। खरीदी के लिए लोगों को सुबह से शाम तक खूब समय मिलेगा। दीवाली से पहले आने वाला पुष्य सबसे खास माना जाता है। बाजार को भी काफी उम्मीद है। कारोबारियों की […] Read more » Featured जानिए दिवाली पर लक्ष्मी पूजा की विधि जैन दीवाली दिवाली महाभारत लक्ष्मी प्राप्ति के लिए गणेश स्तोत्र श्री कनकधारा स्तोत्रम् सिख दीवाली
धर्म-अध्यात्म राजधर्म वा सुशासन का आधार वेद व वैदिक धर्म October 4, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य संसार में दो सौ से कुछ अधिक देश हैं। सबकी अपनी अपनी आन्तरिक एवं बाह्य नीतियां व सिद्धान्त हैं। इन्हें हम गृह व विदेश नीति भी कह सकते हैं। अन्य नियम भी होते हैं जिनसे देश मे राजव्यवस्था स्थापित रहती है। यह नियम दूसरे देशों का अध्ययन कर व कुछ विशेषज्ञ व्यक्तियों […] Read more » राजधर्म वैदिक धर्म सुशासन का आधार वेद
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म शरद पूर्णिमा October 1, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment शरद पूर्णिमा 5 अक्तूबर 2017 (गुरूवार)… आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। इसे ‘रास पूर्णिमा’ भी कहते हैं। वर्ष 2017 में शरद पूर्णिमा 5 अक्तूबर, को मनाई जाएगी |ज्योतिष की मान्यता है कि संपूर्ण वर्ष में केवल इसी दिन चंद्रमा षोडश कलाओं का होता है। धर्मशास्त्रों में इस दिन […] Read more » शरद पूर्णिमा
धर्म-अध्यात्म स्वार्थ, अज्ञान और अन्धविश्वास से जीवन की बर्बादी September 30, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment असत्य का त्याग और सत्य का ग्रहण ही जीवन कल्याण का मुख्य मंत्र मनमोहन कुमार आर्य स्वार्थ शब्द पर विचार करें तो स्व और अर्थ दो शब्दों से बना हुआ यह शब्द प्रतीत होता है। ‘स्व’ अपने को कहते हैं और अर्थ के अनेक अर्थ हो सकते हैं जिसमें धन, सम्पत्ति व अन्य प्रयोजन की […] Read more » अज्ञान और अन्धविश्वास से जीवन की बर्बादी” स्वार्थ
धर्म-अध्यात्म आधुनिक काल में वेद एवं इतर मत-पन्थ ग्रन्थों की प्रासंगिकता September 29, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य महाभारत काल के बाद संसार में अनेक ज्ञानी व अल्पज्ञानी पुरुष हुए जिन्होंने देश, काल व परिस्थिति के अनुसार, साथ ही अपनी योग्यतानुसार, कुछ मतों का प्रचलन भी किया है। समय के साथ यह पल्लवित व पोषित होते रहे और आज कुछ मतों का संसार पर अत्यधिक प्रभाव व प्राधान्य है। महाभारतकाल […] Read more » आधुनिक काल में वेद आधुनिक काल में वेद एवं इतर मत-पन्थ ग्रन्थों की प्रासंगिकता इतर मत-पन्थ ग्रन्थों की प्रासंगिकता वेद वेद एवं इतर मत-पन्थ ग्रन्थ
धर्म-अध्यात्म स्वामी दयानन्द जी की गान विद्या में मर्मज्ञता के कुछ उदाहरण September 28, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य गान वा संगीत विद्या का आरम्भ सामवेद से माना जाता है। स्वामी दयानन्द जी चार वेदों के शीर्षस्थ विद्वान थे। वह वेदों को समग्रता से जानते थे। उनके जीवन की कुछ घटनायें उपलब्ध होती हैं जो उन्हें साम-गान एवं गान विद्या का मर्मज्ञ विद्वान सिद्ध करती हैं। आर्यजगत के विद्वान आचार्य विपाश […] Read more » स्वामी दयानन्द