कविता नर्मदा जल को देते उतरनों की वसीयत February 14, 2025 / February 14, 2025 | Leave a Comment माँ नर्मदा तू पतित पावनी है, तेरा शीतल जल देता है पाप से छुटकारा तेरे दर पर बिन बुलाये चले आते है, स्नान करने नर-नारी ही नहीं भूत पिशाच भी वे अपने सिर का पाप तुझे अर्पण करते है। किसी के अन्दर होता है मलबा किसी के अन्दर चाहे-अनचाहे कुकर्मबोध तो कुछों के मन में […] Read more » नर्मदा जल को देते उतरनों की वसीयत
कला-संस्कृति तीर्थशिरोमणि प्रयागराज का पौराणिक इतिहास February 11, 2025 / February 11, 2025 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में भारतीय संस्कृति सबसे प्राचीन है ओर इन संस्कृतियों का प्रमुख केंद्र स्थान प्रयाग है जो तीरथों का राजा माना जाता है तथा प्रयागराज तीर्थशिरोमणि के गौरव से अपनी पहचान बनाए हुये है। हमारे पुराणों में तीर्थराज प्रयाग को जितना महिमा मंडित किया है उतना ही […] Read more »
कविता मुझे याद आता है अपना बचपन सुहाना ! January 31, 2025 / January 31, 2025 | Leave a Comment मुझे याद आता है अपना बचपन सुहानानानी की कथडी वो बिस्तर पुराना।नांद में नहाना, कुए से पानी लानादूध छिरिया का पीना मस्ती में जीनावो लालटेन,चिमनी, वो चूल्हे का जमाना।।1।।मुझे याद आता है अपना बचपन सुहाना ; ; ; ; ; नर्मदा पार ननिहाल जाना, आम-महुआ के नीचे समय बितानानाव का सफर बड़ा सुहाना, उफनती नर्मदा […] Read more » मुझे याद आता है अपना बचपन सुहाना !
कला-संस्कृति पांडव देवों के अंशावतार होने से प्रकृतिसिद्ध थे January 27, 2025 / January 27, 2025 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव सत्य स्वयं प्रतिष्ठित होता है ओर सब कुछ सत्य का आधार पाकर प्रतिष्ठित होता है। आज विश्व में प्रतिष्ठित होने वाला यह मनुष्य दुखी क्यों है? चारों युगों में सुख दुख असमान रूप से प्रतिष्ठित रहा है जिसमें अगर द्वापरयुग का प्रकरण लिया जाए तो यह सभी के लिए प्रासंगिक होगा। […] Read more »
लेख औरंगजेब ने 3 लाख सैनिको सहित किया था मथुरा पर हमला -20 हजार किसानों ने 4 दिनों तक लड़ा युद्ध हजारो महिलाए जौहर की आग में खाक हुई January 27, 2025 / January 27, 2025 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव वरिष्ठ पत्रकार भारत के इतिहास में ऐसे-ऐसे योद्धा हुए हैं, जिनकी वीरता पूरे देश के लिए आदर्श एवं प्रेरणादायी रही है किन्तु यह हमारा दुर्भाग्य ही कि उन वीर सपूतों के बलिदान ओर देश के लिए अपना सर्वस्य लुटा देने के बाद भी वे आज गुमनामी के अंधेरे में है। हमारी शिक्षा […] Read more » Aurangzeb attacked Mathura with 3 lakh soldiers - 20 thousand farmers fought for 4 days thousands of women were burnt to ashes in the fire of Jauhar. गोकुलसिंह जाट
धर्म-अध्यात्म ईश्वर’ शब्द के शासक से शिव होने की यात्रा ! January 23, 2025 / January 23, 2025 | Leave a Comment ‘ आत्माराम यादव पीव वरिष्ठ पत्रकार ईश्वर सत्य है सत्य ही शिव है शिव ही सुंदर है? ईश्वर सत्य है, अपने इस विचार को महात्मा गांधी ने वर्ष 1929 में पलटकर सत्य ही ईश्वर है, करते हुये तर्क दिया कि […] Read more » ईश्वर' शब्द के शासक से शिव होने की यात्रा !
धर्म-अध्यात्म कर्मफल भोगे बिना जीव को छुटकारा नहीं । November 4, 2024 / November 4, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव महाकवि कालिदासकृत के द्वारा रचित ’’कुमारसंभव’’ के पॉचवे सर्ग में भगवान शंकर की प्राप्ति के लिये पार्वती जी हिमालय पर तप कर रही है, तब शंकर जी उनके निश्चय की परीक्षा करने के लिये एक ब्रम्हचारी के वेश में आकर कुशल क्षेम पूछने के बाद कहते […] Read more » there is no salvation for the living being. Without suffering the consequences of karma
धर्म-अध्यात्म लेख विश्वरूप धरती ओर मिट्टी के दीये October 21, 2024 / October 21, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव मिट्टी तो मिट्टी है, हमें इसी तात्विक ज्ञान का परिचय है लेकिन परमात्म विषयक चिंतन की मान्यता है कि मिट्टी के कण-कण में परमतत्व प्राण व्याप्त है। मिट्टी जो पृथ्वी तत्व है ओर पृथ्वी में स्थित सर्वन्त्यामी है। पृथ्वी अखिल विश्व की सृष्टि को धारण करती है अर्थात अपने वक्षस्थल […] Read more » मिट्टी के दीये
व्यंग्य पंच में परमेश्वर की आत्मा कहीं खो गई ? May 22, 2024 / May 22, 2024 | Leave a Comment भारत की आत्मा गांवों में बसी है इसलिए देश के सभी गांवों में सर्वसमाज पृथक या सार्वजनिक रूप से अपने यहां के सभी प्रकार के विवादों को पंच परमेश्वर की न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास कर पंचायत के द्वारा दिये गए निर्णय को स्वीकार कर पंच परमेश्वर की जयकारा के नारे लगाता था, पर यह व्यवस्था अनेक […] Read more » Is the Spirit of God lost somewhere in Punch पंच में परमेश्वर की आत्मा
लेख खपरैल मकानों से कंक्रीट भवनो में गुम होता इंसान! May 17, 2024 / May 17, 2024 | Leave a Comment – आत्माराम यादव पीव खपरैल शब्द आते ही एक ऐसे कमरे-मकान का स्वरूप हमारे सामने आ जाता है जो हमारी मोलिक सांस्कृतिक धरोहर है जिसे देश के ग्रामों ओर शहरों से उजाड़ा जा रहा है ओर पर्यटन स्थलों पर हमारी मूल विरासत कि दुहाई देकर इन खपरैल मकानों को सहेजा जा रहा है। दो दशक पूर्व से […] Read more » Man getting lost in concrete buildings from tile houses!
व्यंग्य अस्त्र के रूप में लात का चिंतन ! May 16, 2024 / May 16, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव आज लात मारना आम बात हो गई है ओर लात का प्रयोग एक अस्त्र की तरह हो रहा है ओर चारों युगों कि बात कि जाए तो सबसे पहले भृगु जी द्वारा विष्णु की छाती पर लात मारने का प्रसंग हो या लंकाधिपति रावण द्वारा अपने भाई विभीषण को लात मारने का, ये […] Read more » Contemplation of the kick as a weapon!
व्यंग्य वकालत की शुरुआत ओर वकील की पैदाइश कब हुई ? May 16, 2024 / May 16, 2024 | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव जगत के सभी धर्म शास्त्र, पुराण ओर वेद उपनिषद आदि में कही भी लेशमात्र अधिवक्ता,वकील, एडवोकट, बैरिस्टरनाम नाम के किसी भी प्राणी का उल्लेख नहीं है। देववाणी संस्कृत, देवनागरी लिपि हिन्दी व उनकी वर्णमाला के स्वरों-व्यंजनों ओर व्याकरण में भी इस विचित्र प्राणी का […] Read more » When did advocacy begin and the birth of a lawyer?